देशभर में कोरोना संक्रमण के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं। पिछले करीब एक हफ्ते से रोजाना तीन लाख से अधिक संक्रमित मरीज मिल रहे हैं। स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, पिछले 24 घंटे में तीन लाख 60 हजार से अधिक नए मामले सामने आए हैं, जबकि रिकॉर्ड 3200 से अधिक लोगों की मौत हुई है। यह पहली बार है जब भारत में कोरोना से मौतों का आंकड़ा एक दिन में तीन हजार के पार गया है। हालात कितने खराब हैं, इसका अंदाजा आप इसी बात से लगा सकते हैं कि देशभर के अस्पतालों में कोरोना मरीजों की भीड़ लगी हुई है, जरूरतमंदों को न तो बेड मिल रहा है और न ही पर्याप्त मात्रा में ऑक्सीजन। ऐसे में आइए विशेषज्ञ से जानते हैं कि घर पर रहकर ही ऑक्सीजन लेवल को कैसे नियंत्रित किया जा सकता है?
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विशेषज्ञ से जानें: घर में कैसे कंट्रोल करें ऑक्सीजन लेवल, क्या नेबुलाइजर भी मददगार?
Wed, 28 Apr 2021 11:05 AM IST
सोनू शर्मा
हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: सोनू शर्मा
Updated Wed, 28 Apr 2021 11:05 AM IST
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कोरोना पर विशेषज्ञ की राय
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क्या कोरोना पॉजिटिव होने पर स्टेरॉयड ले सकते हैं?
- दिल्ली स्थित आरएमएल अस्पताल के डॉ. ए. के. वार्ष्णेय कहते हैं, 'शुरू में जब कोरोना का संक्रमण होता है और तभी कोई स्टेरॉयड ले लेगा तो नुकसान कर सकता है, शरीर में पोटैशियम की कमी हो सकती है। इसलिए कभी भी खुद से स्टेरॉयड नहीं लेना है। ये एक ऐसा हथियार है, जिसे डॉक्टर ही चला सकते हैं, अगर कोई खुद से चलाने की कोशिश करेंगे तो खुद को ही नुकसान कर सकते हैं, खासतौर पर डायबिटीज वाले मरीज।'
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घर पर रहते हुए ऑक्सीजन लेवल को कैसे कंट्रोल कर सकते हैं?
- डॉ. ए. के. वार्ष्णेय कहते हैं, 'अगर ऑक्सीजन की सुविधा उपलब्ध है या कई और गंभीर लक्षण हैं तो अस्पताल जाना होगा। लेकिन अगर ऑक्सीजन की सुविधा उपलब्ध नहीं है तो सबसे पहले प्रोन ब्रीदिंग करते हैं। प्रोन ब्रीदिंग का मतलब है कि पेट के बल लेट जाएं और इसके लिए एक तकिया सिर के नीचे, एक तकिया छाती के नीचे और एक तकिया घुटने के नीचे लगा लें। अगर आधे घंटे तक लगाकर स्लो और डीप ब्रीदिंग करेंगे तो सेचुरेशन सामान्य होता है। इसके अलावा बहुत ज्यादा गंभीर नहीं है तो जो भी ब्रीदिंग प्राणायाम है, उन्हें करें। बहुत तेज ब्रीदिंग नहीं करना है बल्कि गहरी सांस लेना और छोड़ना है। इसके अलावा गुब्बारा फुलाना, फुकनी फुलाना, आदि कोशिश कर सकते हैं। इससे 4-5 प्रतिशत ऑक्सीजन लेवल बढ़ जाते हैं।'
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क्या नेबुलाइजर भी ऑक्सीजन लेवल बढ़ाने में मददगार होता है?
- डॉ. ए. के. वार्ष्णेय कहते हैं, 'नेबुलाइजर को लेकर भ्रांतियां फैल गई हैं, ये एक विशेष मशीन है जो दवा देने के काम आता है। कोई दवा सीधे फेफड़ों में भेजने के लिए या कोई खा नहीं सकते हैं, उन्हें दिया जाता है। इससे दवा फेफड़ों में जल्दी जाती है। ऑक्सीजन लेवल को लेकर इसका कोई संबंध नहीं है।'
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डबल मास्क कितना जरूरी है?
- डॉ. ए. के. वार्ष्णेय कहते हैं, 'कोरोना काल की शुरुआत से ही मास्क को लेकर काफी चर्चा होती आ रही है। ऐसे में हम कहते आए हैं कि एन-95 (N-95) मास्क ही वायरस के खिलाफ ज्यादा प्रभावी होते हैं। उसके बाद डिस्पोजेबल मास्क और फिर आम आदमी के लिए कॉटन का मास्क लगाने को कहा गया है, लेकिन जैसा कि देखा जा रहा है लोग कॉटन के मास्क को ही सही तरीके से नहीं लगाते हैं। ऐसे में मौजूदा स्थिति में उसी तरह लगाएंगे तो संक्रमित हो जाएंगे। इसलिए डबल मास्क कहा जा रहा है, ताकि संक्रमण की संभावना खत्म हो जाए।