देश के कई राज्यों में कोरोना वायरस के मामले अचानक बढ़ने से संक्रमित लोगों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। बीते गुरुवार को कोरोना के 59 हजार से अधिक नए मामलों की पुष्टि हुई है और इसी के साथ देश में कुल संक्रमित लोगों की संख्या एक करोड़ 17 लाख से अधिक हो गई है। हालांकि स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, देश में अब तक पांच करोड़ 55 लाख से अधिक लोगों को कोरोना का टीका लगाया जा चुका है। वहीं, एक अप्रैल से 45 से अधिक उम्र के लोगों को भी कोरोना वैक्सीन दी जाएगी। आइए विशेषज्ञ से जानते हैं कोरोना से जुड़े कुछ सवालों के जवाब...
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कोविड-19: अगर एक बार फिर कोरोना चरम पर आया तो हमें क्या करना होगा? विशेषज्ञ से जानें
Fri, 26 Mar 2021 09:12 PM IST
सोनू शर्मा
हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: सोनू शर्मा
Updated Fri, 26 Mar 2021 09:12 PM IST
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कोरोना वायरस
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कोरोना पर विशेषज्ञ की राय
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कोरोना के केस एक बार फिर बढ़ने लगे हैं, इसे कैसे देखते हैं?
- दिल्ली स्थित आरएमएल अस्पताल के डॉ. ए. के. वार्ष्णेय कहते हैं, 'जी हां, एक समय ऐसा लगा था कि हम कोरोना से जंग जीतने वाले हैं, लेकिन तभी अचानक से केस बढ़ने लगे। ये सिर्फ और सिर्फ लोगों की लापरवाही का नतीजा है। जिस तरह से केस बढ़ रहे हैं, ये भी कह सकते हैं कि ये कोरोना की दूसरी लहर है। लोग बड़े-बड़े आयोजन कर रहे हैं, पार्टियां कर रहे हैं, कई जगह लोग मानने को तैयार नहीं हैं कि कोरोना है, तो कई लोग इसे मामूली बीमारी समझ रहे हैं। इसी वजह से कई जगह क्लस्टर यानी समूह में केस आ रहे हैं। ये सभी बड़े कारण हैं और चिंता का विषय है।'
कोरोना पर विशेषज्ञ की राय
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अगर एक बार फिर कोविड-19 का पीक आया तो हमें क्या करना होगा?
- डॉ. ए. के. वार्ष्णेय कहते हैं, 'कोरोना का एक पूरा साल निकल गया है और सभी बचाव का तरीका जानते हैं। इसलिए पीक आए या केस बढ़ते जाएं, उससे पहले ही इसपर लगाम लगाना है। कोरोना वायरस मुंह, नाक से ही शरीर में प्रवेश करता है और इसके लिए मास्क, सुरक्षित दूरी और हाथ साफ रखें। अगर हम सिर्फ सतर्क रहें और नियमों का पालन करें तो संक्रमण को काफी हद तक नियंत्रित कर सकते हैं।'
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कोरोना वायरस का डबल म्यूटेंट पाया गया है, क्या केस इस वजह से बढ़ रहे हैं?
- डॉ. ए. के. वार्ष्णेय कहते हैं, 'वायरस लगातार म्यूटेट होते रहते हैं, अभी हाल में जीनोम सीक्वेंस करने पर कुछ ऐसे वायरस पाए गए, जिनमें एक ही जगह पर दो म्यूटेशन पाया गया। इसका साइंटिफिक नाम E484Q और L452R है। डबल म्यूटेंट वायरस से एक चिंता की बात ये है कि ये वायरस हमारे इम्यून सिस्टम से बच सकता है यानी हमारे शरीर को इससे ज्यादा नुकसान पहुंच सकता है। हालांकि जो नए केस आ रहे हैं, वो इस वायरस की वजह से हैं, ऐसा अभी सिद्ध नहीं हो सका है। ये पहली बार नहीं है कि वायरस म्यूटेट हो रहा है, ये होते रहते हैं। इससे बचने का एक ही उपाय है, मास्क लगाकर रखें।'
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कोरोना पर विशेषज्ञ की राय
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म्यूटेट वायरस के लक्षण में कोई अंतर है या पहले वायरस के जैसे हैं?
- डॉ. ए. के. वार्ष्णेय कहते हैं, 'अभी तक कोरोना के कई हजार म्यूटेशन हो चुके हैं, इसलिए डरने की जरूरत नहीं है। कोरोना वायरस के जो लक्षण शुरू में आए सर्दी, खांसी, थकान, बुखार आदि और फिर बाद में इसमें सूंघने की शक्ति , स्वाद का नहीं आना भी शामिल हो गए। इसमें भी शुरुआती लक्षण ज्यादातर बुखार, खांसी और गले में खराश ही है।'