भारत में कोरोना महामारी के खिलाफ टीकाकरण अभियान काफी तेजी से चल रहा है। यहां अब तक एक करोड़ दस लाख से अधिक लोगों को कोविड टीका लगाया जा चुका है। वहीं देश में कोविड से ठीक होने वालों की संख्या भी तेजी से बढ़ रही है। स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, अब तक एक करोड़ छह लाख से अधिक लोग कोविड संक्रमण से ठीक हो चुके हैं। इसी के साथ देश में कोरोना से स्वस्थ होने की दर 97.25 फीसदी हो गई है। ऐसे में सवाल उठता है कि क्या भारत में कोरोना का खतरा कम हो गया है? आइए विशेषज्ञ से जानते हैं ऐसे ही जरूर सवालों के जवाब...
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Coronavirus: क्या भारत में कोरोना वायरस का खतरा कम हो गया है? विशेषज्ञ से जानें सबकुछ
Mon, 22 Feb 2021 11:12 AM IST
सोनू शर्मा
हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: सोनू शर्मा
Updated Mon, 22 Feb 2021 11:12 AM IST
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कोरोना वायरस
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कोरोना पर विशेषज्ञ की राय
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क्या हमारे देश में कोरोना का खतरा कम हो गया है?
- पब्लिक हेल्थ फाउंडेशन ऑफ इंडिया (पीएचएफआई) के अध्यक्ष डॉ. के. श्रीनाथ रेड्डी कहते हैं, 'नहीं, अभी देश में कोरोना का खतरा बरकरार है। अभी देश में वायरस के कुछ नए वैरिएंट पाए गए हैं। दूसरे देशों में वायरस म्यूटेट होकर आया है। उसके कुछ केस भारत में भी पाए गए हैं। हालांकि उनका ज्यादा खतरा अभी नहीं है, लेकिन महामारी से बचाव अभी भी जरूरी है। कई देशों में स्थिति अभी भी सुधरी नहीं है। इसलिए मास्क जरूर लगाएं। बाहर थूकें नहीं और तंबाकू आदि का सेवन न करें। खतरा दोबारा न बढ़े, इसलिए कतई लापरवाही न बरतें।'
कोरोना वैक्सीन पर विशेषज्ञ की राय
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कोविड का संक्रमण नहीं हुआ है तो क्या वैक्सीन लगवानी है?
- डॉ. के. श्रीनाथ रेड्डी कहते हैं, 'जी हां, कोरोना का संक्रमण नहीं हुआ है, तो भी वैक्सीन जरूर लगवाएं, ताकि आगे संक्रमण नहीं हो। ऐसे लोगों को वायरस से बचाना ज्यादा जरूरी है। वैक्सीन सभी को लेनी है। जो लोग कोविड से ठीक हो चुके हैं उन्हें भी। भले ही कोविड से ठीक हो चुके लोगों में कोरोना से लड़ने वाले एंटीबॉडी आ जाते हैं, लेकिन फिर भी वैक्सीन जरूर लगवाएं, क्योंकि वैक्सीन से पैदा होने वाले एंटीबॉडी लंबे समय तक शरीर में रहते हैं।'
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कोरोना वैक्सीन पर विशेषज्ञ की राय
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क्या कोविशील्ड और कोवैक्सीन अन्य बीमारियों से भी बचाती है?
- डॉ. के. श्रीनाथ रेड्डी कहते हैं, 'अभी तक ऐसा कोई तथ्य सामने नहीं आया है कि ये वैक्सीन कोरोना संक्रमण के अलावा किसी अन्य बीमारी से भी बचाए। लेकिन यह ध्यान रखना है कि अगर फेफड़े सही सलामत रहते हैं, तो दूसरी बीमारियां, जैसे निमोनिया आदि से भी आप सुरक्षित रहेंगे। इसके अलावा अगर मास्क पहन तक चलें, भीड़-भाड़ में न जाएं तो इन्फ्लूएंजा, दूसरे तरह के निमोनिया, टीबी आदि संक्रामक बीमारियां नहीं होंगी। इसलिए बेहतर होगा सभी लोग उचित व्यवहार को अपनाएं।'
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कोरोना वैक्सीन पर विशेषज्ञ की राय
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हृदय रोग के मरीज रक्त पतला करने की दवाएं लेते हैं, क्या वह वैक्सीन ले सकते हैं?
- डॉ. के. श्रीनाथ रेड्डी कहते हैं, 'खून पतला करने की दवाइयां दो तरह की होती हैं। पहली एंटीप्लेटलेट ड्रग्स होती हैं, जिन्हें तब देते हैं जब खून के कुछ कण गाढ़े हो कर जम जाते हैं। इससे रक्त का संचार बंद होने लगता है। ये दवाएं कई बार दिमागी परेशानी, स्ट्रोक आदि में भी दी जाती हैं। दूसरी एंटी कोआग्युलेंट ड्रग्स होती हैं। जब विशेष प्रकार के प्रोटीस खून में पहुंच जाते हैं तब खून गाढ़ा होने लगता है, जिससे क्लॉटिंग हो जाती है। तब ये दवाएं दी जाती हैं। इन दोनों में ही कोविड की वैक्सीन लेने में कोई समस्या नहीं है।'