भारत में कोविड-19 के मामले 50 हजार से अधिक से हो चुके हैं। साथ ही इसके कारण अब तक 1,700 से अधिक लोगों की मौत की भी पुष्टि हो चुकी है। वहीं 15 हजार से अधिक मरीज पूरी तरह से ठीक हो चुके हैं। कई देशों ने कोरोना वायरस से सुरक्षित रहने के लिए लोगों को सलाह दी गई थी। लोगों से कहा गया था कि वो अपने-अपने घरों में ही रहे और आपात स्थिति में ही घर से बाहर निकलें। इसके चलते ही भारत सरकार ने 3 मई पूरे देश में लॉकडाउन के घोषणा कर दी। सरकार ने इसके बाद 17 मई तक के लिए लॉकडाउन बढ़ाया लेकिन जिन इलाकों में कोरोना के मरीजों की संख्या कम थी वहीं लॉकडाउन में ढील देना भी शुरु किया। लेकिन भारत सरकार ने ये स्पष्ट किया कि बाहर निकलने वाला हर व्यक्ति मास्क से अपना मुंह ढके।
क्या मास्क पहनने से कोरोना वायरस से बचा जा सकता है?
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भारत समेत कई और देशों में भी धीरे-धीरे लॉकडाउन खोलना शुरु किया है और लोगों से सावधानी बरतने को कहा है। लोगों से कहा गया है कि वे सफाई का ध्यान रखें, हाथों को नियमित तौर पर साफ करते रहें, मास्क पहनें और एक-दूसरे के संपर्क में कम आएं यानी सोशल डिस्टेंसिंग का पूरा पालन करें। लेकिन इन सबके बीच एक सवाल ये भी पूछा जा रहा है कि क्या मास्क पहनने से बचाव संभव है? या क्या मास्क पहनना सुरक्षित है? लेकिन जितना आसान आप इस सवाल का जवाब सोच रहे हैं ये उतना है नहीं।
बहुत से देश जैसे की ब्रिटेन, अमरीका और सिंगापुर में लोगों को सलाह दी गई है कि अगर वो बीमार नहीं है तो मास्क ना ही पहनें। यह सलाह विश्व स्वास्थ्य संगठन के आधार पर जारी की गई है और संभवत: यही कारण है कि आपने इन देशों की सड़कों पर बहुत कम लोगों को मास्क पहने हुए देखा होगा। लेकिन बहुत से देशों में मसलन चीन, हांगकांग, ताइवान, दक्षिण कोरिया और जापान में मास्क पहनना एक सोशल कल्चर बन गया है और अगर आप गौर करेंगे तो पाएंगे कि ज्यादातर लोगों ने मास्क पहन रखा है।
जो लोग मास्क का इस्तेमाल कर रहे हैं उनका तर्क है कि यह पहनना बहुत जरूरी है। उनका कहना है कि हो सकता है कि जो लोग स्वस्थ लग रहे हों उनमें भी वायरस हो। लेकिन कुछ लोगों का कहना है कि जो लोग स्वस्थ हैं फिर भी मास्क का इस्तेमाल कर रहे हैं उनकी वजह से उन लोगों को मास्क की कमी से जूझना पड़ रहा है जिन्हें वाकई इसकी जरूरत है। हालांकि मास्क पहनना है या नहीं पहनना है ये एक विवादास्पद मुद्दा है। वहीं ऐसे बहुत से मामले हैं जिसमें लोग मास्क पहन रहे लोगों पर हमले भी हए हैं, क्योंकि ज्यादातर देशों में मास्क पहनने का चलन बिल्कुल नहीं रहा है। इस बीच चीन और दक्षिण कोरिया में मास्क नहीं पहनने वालों को गलत माना जा रहा है और कई इमारतों में तो बिना मास्क पहने लोगों के प्रवेश को भी प्रतिबंधित कर दिया गया है। लेकिन विश्व स्वास्थ्य संगठन की गाइड लाइन्स के मुताबिक।
अगर आप स्वस्थ हैं तो उस स्थिति में आपको मास्क पहनने की जरूरत तभी है जब आप किसी कोरोना वायरस संक्रमित व्यक्ति की देखभाल कर रहे हों। अगर आपको सर्दी है या फिर खांसी आ रही है, गले में खराश है और थकान है तो मास्क पहनें और घर पर ही रहें। कुछ लोगों को लगता है कि मास्क पहन लिया तो सुरक्षित हो गए लेकिन ऐसा नहीं है। मास्क पहनना तभी कारगर साबित होगा जब आपके हाथ भी साफ रहें। समय-समय पर अपने हाथ साफ करते रहें और हाथ साफ करने के लिए एल्कोहल बेस्ड हैंड सोप या सेनेटाइजर का इस्तेमाल करें। अगर आप मास्क पहन रहे हैं तो सबसे जरूरी ये है कि आपको इसे पहनने और इस्तेमाल करने का तरीका पता हो।