Medically Reviewed by Dr. Parvesh Malik
कोविड टीकाकरण अभियान के तहत देश में अब तक 65 करोड़ 41 लाख से अधिक टीके लगाए जा चुके हैं। हर दिन लाखों लोगों को वैक्सीन लगाई जा रही है। 31 अगस्त को तो एक करोड़ 33 लाख से अधिक टीके लगाए गए, जो राष्ट्रव्यापी टीकाकरण के तहत एक दिन का सर्वाधिक आंकड़ा है। हालांकि इसके बावजूद कोरोना के 'ब्रेकथ्रू' संक्रमण का खतरा बढ़ता जा रहा है। दरअसल, 'ब्रेकथ्रू' संक्रमण का मतलब होता है टीका लेने के बाद भी संक्रमण का होना। देश में बड़ी संख्या में लोग वैक्सीन के बाद भी कोरोना से संक्रमित हो रहे हैं। कोरियोग्राफर-डायरेक्टर फराह खान भी वैक्सीन की दोनों डोज लेने के बाद संक्रमित हो गई हैं। उन्होंने सभी लोगों को जरूरी एहतियात बरतने को कहा है। हाल ही में हुए एक अध्ययन में यह दावा किया गया है कि दिल्ली में वैक्सीन लेने वाला हर चौथे स्वास्थ्यकर्मी को दोबारा कोरोना का संक्रमण हुआ है और इसकी वजह डेल्टा वैरिएंट है। ऐसे में सावधानी बरतनी बहुत जरूरी है।
अलर्ट: वैक्सीन ले चुके हैं तो हो जाएं सावधान, अब कोरोना के 'ब्रेकथ्रू' संक्रमण का खतरा, सावधानी जरूरी
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इसी साल मई महीने में पद्मश्री से सम्मानित भारत के जाने-माने हृ्दय रोग विशेषज्ञ डॉक्टर के. के. अग्रवाल का निधन हो गया था, जबकि उन्होंने वैक्सीन की दोनों डोज ले ली थी। यह काफी चौंकाने वाला मामला था। हालांकि इसका ये मतलब बिल्कुल नहीं है कि आप वैक्सीन के प्रति अपने मन में संदेह पैदा करें, बल्कि इसका मकसद आपको आगाह करना है कि वैक्सीन लगने के बाद कोरोना से बचाव के सभी नियमों का पालन करें।
विशेषज्ञ पहले से ही ये कहते आए हैं कि वैक्सीन भले ही आपको संक्रमण से न बचा पाए, लेकिन गंभीर रूप से बीमार होने से जरूर बचा सकता है। दिल्ली स्थित इंस्टीट्यूट ऑफ जीनोमिक्स एंड इंटीग्रेटिव बायोलॉजी यानी आईजीआईबी के वैज्ञानिक डॉ. शांतनु सेन की निगरानी में मैक्स अस्पताल के स्वास्थ्य कर्मचारियों पर हुए अध्ययन में भी यह पाया गया है कि टीका ले चुके लोगों में संक्रमण खतरनाक साबित नहीं हो रहा। उन स्वास्थ्यकर्मियों को अस्पताल में भर्ती होने की जरूरत ही नहीं पड़ी।
वैक्सीन लगने के बाद भी मास्क जरूरी
- चूंकि वैक्सीन लगने के बाद भी लोग संक्रमित हो ही रहे हैं, ऐसे में मास्क बहुत जरूरी है, क्योंकि यही उपाय आपको संक्रमण से बचा सकता है। इसलिए टीका लग जाने के बाद भी लापरवाही बिल्कुल नहीं करनी है। कहीं भी बाहर जाएं तो मास्क जरूर पहन कर जाएं।
मास्क सही से लगाना जरूरी
- अगर आप मास्क सही से पहनेंगे, तभी कोरोना से बचाव संभव है, वरना आसानी से संक्रमित हो सकते हैं। वैसे आजकल डबल मास्किंग को ज्यादा बेहतर बताया जा रहा है। इसलिए इसका इस्तेमाल किया जा सकता है। डबल मास्किंग का सही तरीका है कि पहले सर्जिकल मास्क और फिर उसके ऊपर से एक टाइट फिट कपड़े का मास्क पहनें। हालांकि अगर आपके पास सर्जिकल मास्क नहीं है, तो एक साथ दो कॉटन के मास्क भी पहन सकते हैं। इसके अलावा कोरोना से बचाव के लिए सुरक्षित शारीरिक दूरी और हाथ धोने जैसे नियमों का पालन भी बहुत जरूरी है। इन नियमों का बिल्कुल न भूलें।
नोट: डॉ. परवेश मलिक एक फिजिशियन हैं और वर्तमान में पानीपत के उजाला सिग्नस महाराजा अग्रसेन अस्पताल में कार्यरत हैं। डॉ. मलिक ने हरियाणा के महर्षि मार्कंडेश्वर इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ साइंसेज एंड रिसर्च मुल्लाना, से अपना एबीबीएस पूरा किया है। इन्होंने जनरल मेडिसिन में एमडी भी किया। पानीपत के उजाला सिग्नस महाराजा अग्रसेन अस्पताल में काम करने से पहले डॉ. परवेश ने एम.एम इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज एंड रिसर्च महर्षि मार्कंडेश्वर यूनिवर्सिटी में जूनियर रेजिडेंट के तौर पर काम किया है।
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