फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

कोरोना की तीसरी लहर: वैज्ञानिकों ने चेताया- अक्तूबर-नवंबर में पीक के आसार, रोजाना आ सकते हैं इतने केस

Tue, 03 Aug 2021 12:10 PM IST
Abhilash Srivastava हेल्थ डेस्क, अमर अजाला, नई दिल्ली
हेल्थ डेस्क, अमर अजाला, नई दिल्ली Published by: Abhilash Srivastava Updated Tue, 03 Aug 2021 12:10 PM IST
विज्ञापन
corona third wave prediction, peak may hit in October-November scientists claims
कोरोना की संभावित तीसरी लहर (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : Pixabay

कोरोना की तीसरी लहर को लेकर पूरे देश में लोगों के मन में कई तरह के सवाल हैं। तीसरी लहर कब आएगी, यह कितनी गंभीर हो सकती है और क्या दूसरी लहर की तरह इसमें भी लोगों में गंभीर लक्षण देखे जा सकते हैं, ऐसे सवाल आपके मन में भी जरूर आ रहे होंगे। इसी से संबंधित हालिया रिपोर्ट में सरकारी पैनल के एक वैज्ञानिक ने तीसरी लहर से संबंधित सभी महत्वपूर्ण प्रश्नों के जवाब दिए हैं। मॉडलिंग कोविड-19 मामलों से जुड़े सरकारी पैनल के वैज्ञानिक मनिंद्र अग्रवाल का कहना है कि अगर अभी से ही बचाव के तरीकों को प्रयोग में नहीं लाया गया तो कोविड-19 की संभावित तीसरी लहर इस साल अक्तूबर-नवंबर में अपने पीक पर पहुंच सकती है। हालांकि दूसरी लहर की तरह इस बार कोरोना के दैनिक मामलों में उछाल आने की आशंका उतनी अधिक नहीं है। कोरोना की तीसरी लहर की गंभीरता को तभी रोका जा सकता है यदि अभी से ही सभी लोग लगातार सख्ती से कोविड-उपयुक्त व्यवहार का पालन करें। 


गणितीय मॉडल का उपयोग करके कोरोनावायरस मामलों में वृद्धि का पूर्वानुमान लगाने पिछले साल विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा एक विशेष पैनल का गठन किया गया था। मनिंद्र अग्रवाल उसी पैनल का हिस्सा हैं। अग्रवाल के अलावा, आईआईटी-हैदराबाद के एम विद्यासागर और इंटीग्रेटेड डिफेंस स्टाफ की डिप्टी चीफ  (चिकित्सा) लेफ्टिनेंट जनरल माधुरी कानिटकर भी इस पैनल की सदस्य हैं। 

corona third wave prediction, peak may hit in October-November scientists claims
वायरस में म्यूटेशन के कारण तेजी से फैल सकता है संक्रमण - फोटो : iStock

तेजी से बढ़ सकते हैं संक्रमण के मामले
मनिंद्र अग्रवाल का कहना है कि सार्स-सीओवी-2 वायरस में लगातार म्यूटेशन देखने को मिल रहा है, ऐसे में तीसरी लहर के दौरान संक्रमण की रफ्तार काफी तेज जरूर हो सकती है। इसके बारे में लोगों को अभी से सचेत रहने की आवश्यकता है। मनिंद्र अग्रवाल का कहना है टीकाकरण के प्रभाव और कोरोना के आ रहे नए-नए वैरिएंट्स को ध्यान में रखकर हमें चलने की आवश्यकता है। तीसरी लहर के अनुमान से संबंधित विस्तृत रिपोर्ट जल्द ही प्रकाशित की जाएगी।

corona third wave prediction, peak may hit in October-November scientists claims
कोरोना का नए वैरिएंट्स ने बढ़ाई चिंता - फोटो : iStock

इन तीन योजनाओं पर किया जा रहा है काम
मनिंद्र अग्रवाल बताते हैं, तीसरी लहर को लेकर हमने तीन परिदृश्य बनाए हैं। पहले में हम उम्मीद करते हैं कि अगस्त तक जीवन सामान्य हो जाएगा और वायरस में कोई नया म्यूटेशन नहीं होगा। दूसरे में हम मानकर चल रहे हैं कि वैक्सीनेशन को लेकर जितनी उम्मीद की जा रही है यह 20 फीसदी कम प्रभावी साबित हो सकती है। वहीं तीसरे परिदृश्य में हम यह मानकर चल रहे हैं कि अगस्त कर वायरस में एक और म्यूटेशन हो सकता है जो इसे और संक्रामक बना देगा। इन तीनों ही स्थितियों के आधार पर हम काम कर रहे हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन
corona third wave prediction, peak may hit in October-November scientists claims
फिर से बढ़ सकते हैं संक्रमण के मामले - फोटो : Social media

तीसरी लहर में रोजाना कितने मामले आ सकते हैं?
एक अन्य ट्वीट में ग्राफ शेयर करते हुए सरकारी पैनल के वैज्ञानिक मनिंद्र बताते हैं कि अगस्त के मध्य तक दूसरी लहर का असर खत्म हो जाने की संभावना है, वहीं संभावित तीसरी लहर अक्टूबर और नवंबर के बीच अपने चरम पर पहुंच सकती है। ऐसी स्थिति में तीसरी लहर के दौरान रोजाना दोबारा से डेढ़ से दो लाख के बीच कोरोना के संक्रमण के मामले सामने आ सकते हैं। इस संबंध में स्वास्थ्य संगठनों को अभी से ही सभी तैयारियां कर के चलनी चाहिए, जिससे अचानक से कोई बोझ न आए। 

विज्ञापन
corona third wave prediction, peak may hit in October-November scientists claims
टीकाकरण साबित हो सकता है मजबूत हथियार - फोटो : PTI

वैक्सीनेशन अभियान को करना होगा तेज
वायरस में एक नए म्यूटेशन की स्थिति में वैज्ञानिक मनिंद्र कहते हैं कि यह स्थिति कोरोना के तेजी से फैलने का कारण बन सकती है। हालांकि अच्छी बात यह है कि दूसरी लहर जैसी स्थिति आने की आशंका इस बार बेहद कम है। टीकाकरण पर जोर देते हुए मनिंद्र कहते हैं, तीसरी लहर से सुरक्षा देने में यही सबसे प्रभावी हथियार साबित हो सकता है। जैसे-जैसे टीकाकरण आगे बढ़ता है, तीसरी या चौथी लहर की संभावना कम होती जाएगी। तीसरी लहर आने से पहले देश में अधिक से अधिक लोगों का टीकाकरण करना बेहद आवश्यक है।

--------
नोट:
यह लेख कोरोना वायरस मामलों में वृद्धि का पूर्वानुमान लगाने वाले पैनल के वैज्ञानिक मनिंद्र अग्रवाल के ट्वीट के आधार पर तैयार किया गया है। खबर में ट्वीट संलग्न है।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें। 

अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें  लाइफ़ स्टाइल से संबंधित समाचार (Lifestyle News in Hindi), लाइफ़स्टाइल जगत (Lifestyle section) की अन्य खबरें जैसे हेल्थ एंड फिटनेस न्यूज़ (Health  and fitness news), लाइव फैशन न्यूज़, (live fashion news) लेटेस्ट फूड न्यूज़ इन हिंदी, (latest food news) रिलेशनशिप न्यूज़ (relationship news in Hindi) और यात्रा (travel news in Hindi)  आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़ (Hindi News)।  

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed