शरीर को व्यवस्थित ढंग से काम करते रहने के लिए कई प्रकार के पोषक तत्वों की नियमित रूप से आवश्यकता होती है। इन पोषक तत्वों के संतुलन में आने वाली कमी कई प्रकार की जटिलताओं का कारण बन सकती है। कॉपर ऐसा ही एक आवश्यक ट्रेस मिनरल है जो शरीर को स्वस्थ रखने के लिए अति आवश्यक माना जाता है। कॉपर शरीर के सभी ऊतकों में पाया जाता है और मुख्यरूप से लाल रक्त कोशिकाओं के निर्माण और तंत्रिका कोशिकाओं तथा प्रतिरक्षा प्रणाली को स्वस्थ बनाए रखने में मदद करता है।
Health Tips: शरीर को इन समस्याओं से बचाने के लिए जरूरी है कॉपर युक्त आहार, इन चीजों से कर सकते हैं आसानी से पूर्ति
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कॉपर वाले आहार
विशेषज्ञ बताते हैं कि आहार के माध्यम से आसानी से कॉपर की पूर्ति की जा सकती है। 20 वर्ष और उससे अधिक उम्र के पुरुषों को 1,400 माइक्रोग्राम और महिलाओं के लिए 1,100 माइक्रोग्राम की मात्रा में इस पोषक तत्व की रोजाना जरूरत होती है। कई प्रकार की सब्जियों जैसे कद्दू, आलू, टमाटर आदि से इसकी आसानी से पूर्ति की जा सकती है। इसके अलावा पत्तेदार साग जैसे स्विस चर्ड और पालक आसानी से आपके कॉपर की दैनिक आवश्यकताओं को पूरा कर सकते हैं। आइए इससे होने वाले फायदों के बारे में जानते हैं।
गठिया से बचाव के लिए करें सेवन
हड्डियों से संबंधित समस्या जैसे गठिया या ऑस्टियोपोरोसिस रोगों से बचाव के लिए कॉपर वाले आहार का सेवन करना विशेष लाभप्रद हो सकता है। पशुओं पर किए गए अध्ययनों से संकेत मिलता है कि कॉपर युक्त आहार गठिया को रोकने में मदद कर सकते हैं। पहले लोग इसी कारण से तांबे के कंगन पहनते थे। आहार में इसकी मात्रा को सुनिश्चित करना बहुत आवश्यक माना जाता है। कॉपर की कमी की स्थिति में शरीर क्षतिग्रस्त ऊतकों को ठीक नहीं कर पाता है।
कोलेजन को व्यवस्थित रखने में सहायक
कॉपर हमारे शरीर के प्रमुख संरचनात्मक घटकों जैसे कोलेजन और इलास्टिन को व्यवस्थित बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। वैज्ञानिकों ने अध्ययन में पाया कि कॉपर में एंटीऑक्सीडेंट गुण होते हैं जो त्वचा की उम्र बढ़ने को रोकने में मदद कर सकते हैं। कॉपर की कमी की स्थिति में शरीर क्षतिग्रस्त ऊतकों को ठीक नहीं कर पाता है।
प्रतिरक्षा प्रणाली की समस्या
शरीर की इम्युनिटी को बेहतर बनाए रखने के लिए कॉपर की महत्वपूर्ण आवश्यकता होती है। इसकी कमी के कारण न्यूट्रोपेनिया होने का खतरा बढ़ सकता है। न्यूट्रोपेनिया, सफेद रक्त कोशिकाओं या न्यूट्रोफिल की कमी की स्थिति है, ये संक्रमण से मुकाबले के लिए आवश्यक होता है। न्यूट्रोफिल में कमी के कारण व्यक्ति में संक्रामक रोग होने की आशंका काफी बढ़ जाती है।
--------------
नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्ट्स और स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सुझाव के आधार पर तैयार किया गया है।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।