मानसून अपने साथ कई तरह की बीमारियां लेकर आता है। वातावरण में नमी के कारण वायरस और बैक्टीरिया को पनपने के लिए यह सबसे उपयुक्त परिस्थियां हो जाती है, जिसके कारण बरसात के मौसम में कई तरह की बीमारियां बढ़ जाती है। बरसात का समय मच्छरों के प्रजनन के लिए भी काफी अनुकूल होता है, जिसके कारण डेंगू, मलेरिया और मच्छरों के कारण होने वाली कई तरह की बीमारियां बढ़ जाती हैं।
बड़ी कामयाबी: मलेरिया का इलाज होगा बेहद आसान, JNU शोधकर्ताओं ने बनाई ऐसी कैंडी जो आसानी से कर देगी बीमारी को ठीक
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मलेरिया से बचाएगी कैंडी
मलेरिया के उपचार के लिए प्रभावी दवाओं की खोज कर रहे जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) के शोधकर्ताओं की टीम ने एक अनोखी कैंडी विकसित की है।दावा किया जा रहा है कि यह मलेरिया के रोगियों पर उसी तरह से काम करेगी जिस तरह से अब तक इसके उपचार के लिए एंटीबायोटिक दवाओं को प्रयोग में लाया जाता रहा है। इस कैंडी को मलेरिया से पीड़ित बच्चों को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया है क्योंकि बच्चों के लिए लंबे समय तक दवा खाते रहना काफी कठिन होता है।
पांच साल से कम उम्र के बच्चों के लिए कारगर
शोधकर्ताओं की टीम ने इस कैंडी के बारे में बताया कि पांच साल से कम उम्र के बच्चों को यह कैंडी दी जा सकती है। वैज्ञानिकों ने इस कैंडी के लिए एरिथ्रिटोल का इस्तेमाल किया। एरिथ्रिटोल को आमतौर पर स्वीटनर के रूप में प्रयोग किया जाता रहा है। शोधकर्ताओं की टीम ने पाया कि यह एक शक्तिशाली एंटीमलेरियल भी हो सकता है। मेडिकल की भाषा में समझें तो एरिथ्रिटोल शुगर-अल्कोहल एक प्रकार का कार्बनिक यौगिक है जिसका उपयोग खाद्य पदार्थों को मीठा बनाने के लिए किया जाता रहा है।
मलेरिया परजीवी को कर देगी बेअसर
प्रीप्रिंट BioXRiv में प्रकाशित अध्ययन के अनुसार, एरिथ्रिटोल, मलेरिया परजीवी के विकास को रोक सकती है। शोधकर्ताओं का कहना है कि अगर हमारे अध्ययन को नियामकों से हरी झंडी मिलती है तो यह मलेरिया के प्रसार और इसके कारण हर साल होने वाली बड़ी संख्या में मौत को कम करने में विशेष भूमिका निभा सकती है। फिलहाल अध्ययन प्रीप्रिंट है और इसका रिव्यू किया जा रहा है।
क्या कहती हैं शोधकर्ता?
जेएनयू के स्पेशल सेंटर फॉर मॉलिक्यूलर मेडिसिन की प्रोफेसर शैलजा सिंह ने अपने नए निष्कर्षों के बारे में बताया, जिन बच्चों को मलेरिया हो जाता है उन्हें लंबे समय तक इलाज की आवश्यकता होती है। इतने दिनों तक बच्चों के लिए दवाइयां खाना कठिन होता रहा है, इसी को ध्यान में रखते हुए ये कैंडीज तैयार की गई है। हमने शोध में पाया कि अगर मलेरिया से पीड़ित बच्चों में इन कैंडीज के साथ आर्टीमिसिनिन थेरेपी को प्रयोग में लाया जाए तो इसके तेज और बेहतर परिणाम हो सकते हैं।
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स्रोत और संदर्भ
Erythritol’, a safe natural sweetener exhibits multi-stage anti-malarial activity by blocking Plasmodium falciparum membrane transporter ‘aquaporin
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