मच्छरों के काटने से डेंगू-मलेरिया जैसी कई तरह की बीमारियों का खतरा हो सकता है, यही कारण है कि स्वास्थ्य विशेषज्ञ सभी लोगों को मच्छरों से लगातार बचाव के उपाय करते रहने की सलाह देते हैं। अगस्त से लेकर अक्तूबर तक के महीनों में दिल्ली-एनसीआर सहित देश के कई राज्यों में डेंगू-मलेरिया का खतरा काफी बढ़ जाता है।
हेल्थ अलर्ट: डेंगू में नारियल पानी पीना कितना फायदेमंद? प्लेटलेट्स को लेकर जान लें सच
डेंगू में नारियल पानी, ओआरएस और बिना एडेड शुगर वाले जूस शरीर में तरल पदार्थों की कमी पूरी करने में मदद कर सकते हैं। हालांकि, नारियल पानी से प्लेटलेट्स बढ़ने के पर्याप्त प्रमाण नहीं हैं। मरीज को डॉक्टर की निगरानी में रखें और पेट दर्द, उल्टी या रक्तस्राव होने पर तुरंत अस्पताल जाएं।
आमतौर पर देखा जाता रहा है कि डेंगू के मामलों में बुखार और कम पानी पीने के कारण डिहाइड्रेशन का खतरा रहता है। ऐसे में मरीजों को नारियल पानी और फलों का जूस दिया जाता है। ये पेय शरीर को तरल पदार्थ और कुछ पोषक तत्व प्रदान करते हैं। क्या नारियल पानी पीने से प्लेटलेट्स भी बढ़ सकता है?
डेंगू में नारियल पानी पीना कितना फायदेमंद है?
नारियल पानी शरीर को तरल पदार्थ और पोटैशियम जैसे इलेक्ट्रोलाइट्स प्रदान करता है इसलिए इसे डेंगू के मरीजों के लिए फायदेमंद माना जाता है। हालांकि, गंभीर डिहाइड्रेशन में केवल नारियल पानी पर्याप्त नहीं होता। इसके अलावा, ऐसा कोई मजबूत वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है कि नारियल पानी सीधे डेंगू में कम हुई प्लेटलेट्स की संख्या बढ़ाता है।
- डेंगू होने पर प्लेटलेट्स कम होने का मुख्य कारण वायरस का संक्रमण होता है। जैसे-जैसे संक्रमण ठीक होता है, बोन मैरो प्राकृतिक रूप से प्लेटलेट्स का निर्माण फिर से शुरू कर देता है। नारियल पानी के प्लेटलेट्स बढ़ाने के संकेत नहीं हैं।
डेंगू में फलों का जूस देना सही है?
साफ-सफाई से तैयार किया गया ताजा फलों का जूस मरीज को सीमित मात्रा में दिया जा सकता है। संतरा और मौसमी जैसे फलों का जूस तरल और पोषक तत्व प्रदान कराता है। हालांकि, साबुत फलों में फाइबर अधिक होता है।
- डायबिटीज के मरीजों को जूस में मौजूद शुगर का खास ध्यान रखना चाहिए। हमेशा ताजे फलों के जूस का सेवन करें, पैक्ड जूस से बचाव करना जरूरी है, क्योंकि ये शरीर में शुगर लेवल को बढ़ाने वाला हो सकता है।
डेंगू में किन सावधानियों का रखें ध्यान?
डेंगू में बुखार उतरने के बाद भी खतरा बना रह सकता है। पेट में तेज दर्द, लगातार उल्टी, नाक या मसूड़ों से खून आना, काला मल, अत्यधिक सुस्ती या सांस लेने में परेशानी होने पर तुरंत अस्पताल जाएं। बुखार के लिए पैरासिटामोल डॉक्टर की सलाह से लें। एस्पिरिन और आइबुप्रोफेन जैसी दवाओं से बचें, क्योंकि इनसे रक्तस्राव का खतरा बढ़ सकता है।
डेंगू एक वायरल संक्रमण है इसके लक्षणों पर ध्यान देते रहना जरूरी है। नारियल पानी डिहाइड्रेशन जैसी समस्याओं को कम करने में मदद कर सकता है पर ये कोई इलाज नहीं है। मरीज को आराम, पर्याप्त मात्रा में तरल के साथ डॉक्टरी सलाह लेते रहना बहुत जरूरी है।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।
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