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क्या है चमकी बुखार? अगर आपके बच्चों में दिखें ये लक्षण तो तुरंत लें डॉक्टर की सलाह

Tue, 11 Jun 2019 04:47 PM IST
पंखुड़ी सिंह लाइफस्टाइल डेस्क
लाइफस्टाइल डेस्क Published by: पंखुड़ी सिंह Updated Tue, 11 Jun 2019 04:47 PM IST
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children in muzaffarnagar bihar suffering from chamki fever symptoms
- फोटो : Social Media

दिमागी बुखार (चमकी बुखार) से बिहार के मुजफ्फरपुर जिले में 25 बच्चों की मौत हो गई। एक हफ्ते में इस बीमारी ने 56 बच्चों की जान ले ली है।हालात इतने खराब हैं कि अस्पताल के दोनों पीआईसीयू यूनिट भरे हुए हैं। बुखार से पीड़ित बच्चों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है।अस्पताल में अकेले समोवार को ही 20 बच्चों की जान चली गई। डॉक्टरों का कहना है कि इस बुखार से पीड़ित बच्चों की उम्र चार से पंद्रह साल के बीच है।जानिए चमकी बुखार के लक्षण और समय रहते डॉक्टर से लें सलाह। 

children in muzaffarnagar bihar suffering from chamki fever symptoms
- फोटो : अमर उजाला
क्या हैं लक्षण?
एईएस (एक्टूड इंसेफेलाइटिस सिंड्रोम) और जेई (जापानी इंसेफलाइटिस) को उत्तरी बिहार में चमकी बुखार के नाम से जाना जाता है। इससे पीड़ित बच्चों को तेज बुखार आता है और शरीर में ऐंठन होती है। इसके बाद बच्चे बेहोश हो जाते हैं। मरीज को उलटी आने और चिड़चिड़ेपन की शिकायत भी रहती है।
बीमारी अगर बढ़ जाए तो ये लक्षण नजर आते हैं-
-बिना किसी बात के भ्रम उत्पन्न होना
-दिमाग संतुलित न रहना
-पैरालाइज हो जाना
-मांसपेशियों में कमजोरी
-बोलने और सुनने में समस्या
-बेहोशी आना
 
children in muzaffarnagar bihar suffering from chamki fever symptoms
- फोटो : social media
कहां-कहां है बीमारी का प्रकोप?
डॉक्टरों का कहना है कि इस बीमारी का प्रकोप उत्तरी बिहार के सीतामढ़ी, शिवहर, मोतिहारी और वैशाली में है। अस्पताल पहुंचने वाले पीड़ित बच्चे इन्हीं जिलों से हैं। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का कहना है कि बुखार से बच्चों की मौत का मामला गंभीर है। साथ ही स्वास्थ्य सचिव भी नजर रख रहे हैं। उन्होंने कहा कि सभी डॉक्टरों को अलर्ट कर दिया गया है।
 
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children in muzaffarnagar bihar suffering from chamki fever symptoms
- फोटो : shutterstock
एसकेएमसीएच अस्पताल के शिशु रोग विभागाध्यक्ष डॉ. गोपाल शंकर साहनी का कहना है कि इस तरह के लक्षण दिखने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। अस्पताल के आंकड़ों के मुताबिक साल 2012 में इस बुखार से 120 बच्चों की मौत हुई थी।
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