How to Safely Give Cough Syrup to a Child: राजस्थान के सीकर में कथित तौर पर कफ सिरप पीने के बाद एक पांच वर्षीय बच्चे की मौत की खबर ने बच्चों को दी जाने वाली दवाओं की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यह दुखद घटना सभी माता-पिता के लिए एक चेतावनी है कि सामान्य सर्दी-खांसी जैसी बीमारियों में भी बच्चों को दवा देते समय अत्यधिक सावधानी बरतना कितना जरूरी है।
Health Tips: राजस्थान में कफ सीरप पीने से बच्चे की मौत, जानिए दवा देते समय किन बातों का ध्यान रखना है जरूरी
राजस्थान में कथित तौर पर कफ सिरप पीने से बच्चे की मौत का मामला सामने आया है, इसको लेकर कई माता पिता के मन में सवाल है कि दवा देते समय क्या-क्या सावधानियां बरतनी चाहिए। आइए इस लेख में इसी के बारे में जानते हैं।
डॉक्टर की सलाह के बिना कोई दवा न दें
यह सबसे महत्वपूर्ण नियम है, इससे जुड़ी लापरवाही किसी को भी नहीं बरतनी चाहिए। बच्चों में खांसी के कई कारण हो सकते हैं, जैसे वायरल इन्फेक्शन, बैक्टीरियल इन्फेक्शन या एलर्जी। बिना सही जांच के कोई भी कफ सिरप देना खतरनाक हो सकता है। कुछ कफ सिरप में ऐसे तत्व (जैसे डेक्स्ट्रोमीथोर्फेन) होते हैं जो 4 या 5 साल से कम उम्र के बच्चों को नहीं दिए जाने चाहिए। हमेशा बाल रोग विशेषज्ञ से सलाह लेने के बाद ही कोई दवा शुरू करें।
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लेबल और एक्सपायरी डेट जरूर जांचें
कोई भी दवा देने से पहले उसकी पैकेजिंग पर लिखी एक्सपायरी डेट की जांच अवश्य करें। इसके साथ ही लेबल पर दिए गए निर्देशों को ध्यान से पढ़ें। सुनिश्चित करें कि दवा की सील टूटी हुई न हो। यदि दवा का रंग बदला हुआ या उसमें कुछ अलग दिखे तो उसका उपयोग बिल्कुल न करें। यह दवा के खराब या नकली होने का संकेत हो सकता है।
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बच्चों की दवाओं की खुराक उनके वजन और उम्र के अनुसार तय की जाती है, वयस्कों की तरह नहीं। दवा देने के लिए हमेशा उसी मापने वाले कप, चम्मच या ड्रॉपर का उपयोग करें जो दवा के साथ आता है। घर के सामान्य चम्मच का उपयोग करने से खुराक कम या ज्यादा हो सकती है, जो बच्चे के लिए हानिकारक है। कभी भी डॉक्टर द्वारा बताई गई खुराक से ज्यादा दवा न दें।
अक्सर हम पिछली बीमारी की बची हुई दवाओं को रख लेते हैं और दोबारा लक्षण दिखने पर बच्चे को वही दवा दे देते हैं। यह आदत बहुत खतरनाक है। एक बार दवा की बोतल खुलने के बाद वह कुछ समय में प्रभावी नहीं रहती या दूषित हो सकती है। कभी भी पुरानी रखी हुई दवा या किसी दूसरे बच्चे के पर्चे की दवा अपने बच्चे को न दें।
नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।
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