सर्दियों का ये मौसम आपकी सेहत के लिए कई प्रकार से चुनौतीपूर्ण हो सकता है। ठंडे मौसम के कारण श्वसन संक्रमण के अलावा त्वचा संबंधी समस्याएं, जोड़ों में दर्द और हार्ट की दिक्कतें भी काफी बढ़ जाती हैं। ये मौसम आपकी आंखों की सेहत के लिए भी काफी दिक्कतें बढ़ा सकता है।
Eye Problem: सर्दियों में बढ़ जाती है आंखों की ये बीमारी, आपकी भी हैं ऐसी आदतें तो तुरंत हो जाइए सावधान
सर्दियों में ड्राई आइज या आंखों में सूखापन बढ़ने की दिक्कत अधिक देखी जाती है। ड्राई आइज तब होती है जब आंखें सही मात्रा में आंसू का उत्पादन नहीं कर पाती हैं। आइए जानते हैं कि इस मौसम में आंखों की देखभाल कैसे करें?
ड्राई आइज के होते हैं ऐसे लक्षण
आंखों में सूखापन के कारण कई तरह की समस्याएं होने लगती हैं। इस वजह से आंखों में अक्सर चुभन, जलन या खुजली जैसी दिक्कत होते रहना आम है। इसके अलावा आप प्रकाश के प्रति संवेदनशीलता, आंखों में कुछ होने का अहसास, रात में गाड़ी चलाने में कठिनाई और धुंधला दिखाई देने की समस्या भी महसूस कर सकते हैं। शुष्क हवा में या फिर हीटर के पास बैठने से ये दिक्कतें और भी बढ़ सकती हैं।
आंखों में रहता है सूखापन तो हो जाइए सावधान
जिन लोगों को आंखों में सूखापन की दिक्कत है, उन्हें समय रहते इसका इलाज जरूर करा लेना चाहिए। अगर आंखों की इस समस्या का सही से उपचार न हो पाए तो इसके कारण आंखों में संक्रमण होने का खतरा काफी बढ़ जाता है। समय के साथ आपकी आंखों की सतह को नुकसान होने और गंभीर स्थितियों में आंखों में सूजन, कॉर्नियल सतह का घिसाव, कॉर्नियल अल्सर और दृष्टि हानि तक हो सकती है।
ड्राई आइज की समस्या के कारण आपके लिए रोजमर्रा के कार्य करना भी मुश्किल हो जाता है, इससे क्वालिटी ऑफ लाइफ भी प्रभावित हो सकती है।
ड्राई आइज की समस्या है तो क्या करें?
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, जिन लोगों को ड्राई आइज की दिक्कत है उन्हें कुछ बातों पर गंभीरता से ध्यान देना चाहिए। लक्षणों को कम करने के लिए किसी डॉक्टर की सलाह पर आई ड्रॉप का इस्तेमाल किया जा सकता है। इससे आंखों में नमी बनाए रखना आसान हो सकता है।
इसके अलावा जीवनशैली में बदलाव भी बहुत जरूरी है। धुएं, हवा और एयर कंडीशनिंग से बचने की कोशिश करें। सर्दियों में हीटर के सीधे सामने न बैठें, इससे भी आंखों की दिक्कतें बढ़ सकती हैं। आंखों की जटिलताओं को कम करने के लिए स्क्रीन से ब्रेक लेना भी जरूरी है। फोन-लैपटॉप जैसे डिजिटल स्क्रीन का उपयोग कम से कम करें। पर्याप्त नींद लें जिससे आंखों को आराम मिले।
ड्राई आइज से बचने के लिए क्या उपाय करें?
ड्राई आइज से बचने के लिए कुछ सावधानियां बरतते रहने की सलाह दी जाती है।
- अगर आपको आंखों में सूखापन महसूस होता है, तो उन स्थितियों पर ध्यान दें जो आपके लक्षणों को बढ़ाने वाली हो सकती है।
- अपनी आंखों में हेयर ड्रायर, कार हीटर, एयर कंडीशनर या पंखे की हवा को सीधे जाने से बचाएं।
- रैपअराउंड सनग्लास या अन्य सुरक्षात्मक आईवियर पहनें। शुष्क हवा को रोकने में इससे मदद मिल सकती है।
- आंखों को आराम दें। अगर आप पढ़ रहे हैं या कोई ऐसा काम कर रहे हैं जिसमें आंखों पर दबाव बढ़ता है तो समय-समय पर आंखों को आराम दें।
- कंप्यूटर या मोबाइल स्क्रीन का कम से कम इस्तेमाल करें।
- धूम्रपान से बचें। धूम्रपान की आदत आपके लक्षणों को बढ़ाने वाली हो सकती है।
- डॉक्टर की सलाह पर आंखों को अच्छी तरह से चिकनाईयुक्त रखने के लिए आई ड्रॉप का इस्तेमाल करें।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।
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