देश में पिछले दो महीनों के हालात पर नजर डालें तो पता चलता है कि जनवरी से लेकर अब तक श्वसन संक्रमण को कारण लोगों को खूब परेशान होना पड़ा है। पहले इंफ्लुएंजा का H3N2 वायरस गंभीर रोगों का कारण बनता देखा गया उसके बाद कोरोना वायरस के मामले एक बार फिर से बढ़ रहे हैं। पिछले एक हफ्ते के रिकॉर्ड देखें तो पता चलता है कि रोजाना औसत 1300 से अधिक लोग संक्रमण के शिकार पाए जा रहे हैं। कोविड-19 और H3N2 इन्फ्लुएंजा दोनों श्वसन रोग का कारण बनते हैं। देश में इन दोनों के मामले बढ़ते हुए रिपोर्ट किए जा रहे हैं।
जानना जरूरी: क्या हो अगर Covid-19 और H3N2 का एक साथ हो जाए संक्रमण? कितने गंभीर हो सकते हैं इसके लक्षण
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कोविड-19 और H3N2 का को-इंफेक्शन
स्वास्थ्य विशेषज्ञ बताते हैं, कोविड-19 और H3N2 इन्फ्लुएंजा दोनों के वायरस नाक के माध्यम से शरीर में प्रवेश करते हैं और ऊपरी श्वसनतंत्र को प्रभावित करते हैं। यह संभव है कि किसी भी व्यक्ति को एक साथ इन दोनों का संक्रमण हो सकता है। दोनों संक्रमण के लक्षण भी लगभग एक जैसे होते हैं।
इस तरह के संक्रमण के गंभीर रूप लेने का भी खतरा हो सकता है। इसी तरह के एक को-इंफेक्शन के शिकार युवा की हाल ही में मृत्यु भी हो चुकी है।
को-इंफेक्शन हो सकता है गंभीर रोगकारक
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक छत्रपति संभाजीनगर के एक मेडिकल छात्र (23) की कोविड-19 और इन्फ्लुएंजा-ए (एच3एन2) वायरस से संक्रमित होने के बाद निमोनिया के कारण मौत हो गई। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि फिलहाल कोविड-19 और इन्फ्लुएंजा दोनों हल्के लक्षणों वाले रोग का ही कारण बनते देखे जा रहे हैं, पर कुछ शारीरिक स्थितियों में इससे गंभीर रूप विकसित होने का खतरा हो सकता है।
विशेषकर यदि आपकी इम्युनिटी कमजोर है या फिर आप कोमोरबिडिटी के शिकार हैं तो को-इंफेक्शन के गंभीर रोगकारक होने का खतरा हो सकता है।
ऐसे लोगों में जोखिम अधिक
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, कोरोना और इंफ्लुयंजा वायरस के एक साथ संक्रमण का जोखिम उन लोगों में अधिक होता है जिनकी प्रतिरोधक क्षमता कमजोर है, इम्यूनोसप्रेसेरिव दवाओं पर हैं या फिर कोमोरबिडिटी जैसे लिवर, किडनी, या हृदय रोग जैसी समस्याओं से ग्रसित हैं। ऐसे लोगों में अलग-अलग भी ये दोनों संक्रमण गंभीर रोग का खतरा हो सकते हैं।
जरूरी है कि समय रहते आप लक्षणों की पहचान कर रोग का इलाज कराएं। ऐसे कई लक्षण हैं जो एक या दोनों वायरल संक्रमणों में एक साथ विकसित हो सकते हैं। इनमें बुखार, खांसी, शरीर में दर्द, गले में खराश, दस्त, कमजोरी, नाक बंद होना, छींक आना शामिल है। जांच के माध्यम से स्थिति का सही निदान किया जा सकता है।
दोनों संक्रमण से बचाव जरूरी
कोविड-19 और H3N2 चूंकि श्वसन संक्रमण हैं इसलिए कुछ सामान्य से उपाय आपको दोनों से ही सुरक्षा दे सकते हैं। मास्क पहनना, हाथों की स्वच्छता का ध्यान रखना, संक्रमितों से उचित दूरी बनाकर रखना आपको इन दोनों प्रकार से संक्रमण से बचाने में मदद कर सकता है।
इसके साथ जरूरी है कि आप शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने के लिए निरंतर प्रयास करते रहें। जिन लोगों की इम्युनिटी मजबूत होती है उनमें इस प्रकार के संक्रमण का जोखिम कम होता है।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्ट्स और स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सुझाव के आधार पर तैयार किया गया है।
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