गर्मी का यह मौसम कई प्रकार के मौसमी फलों और सब्जियों के लिए खास माना जाता है। तरबूज-खरबूज और ककड़ी जैसे पानी से भरपूर फलों के साथ रसीले और स्वादिष्ट आम, इस मौसम को काफी खास बनाते हैं। आम को फलों का राजा भी कहा जाता है, ये न सिर्फ स्वाद के मामले में लोगों के लिए काफी पसंदीदा फल रहे हैं, साथ ही इसमें मौजूद पोषक तत्वों के भंडार को सेहत के लिए भी बहुत फायदेमंद माना जाता है।
सेहत की बात: क्या डायबिटीज रोगी खा सकते हैं आम, जानिए संबंधित अध्ययनों से क्या पता चला?
अध्ययनों से क्या पता चला?
आम कई प्रकार के विटामिन, खनिज और फाइबर से भरपूर होते हैं। शरीर को स्वस्थ बनाए रखने के लिए नियमित रूप से इन प्रमुख पोषक तत्वों की आवश्यकता होती है। स्वाद में मीठा होने के कारण डायबिटीज रोगियों के लिए आम के सेवन को लेकर संशय बना रहता है। इस संबंध में अमेरिकी संस्थानों द्वारा किए गए अध्ययनों से पता चलता है कि कम मात्रा में आम खाने से ग्लूकोज के ब्रेकडाउन में मदद मिलती है और इंसुलिन प्रतिरोध भी कम हो सकता है। हालांकि सभी डायबिटीज रोगियों की स्थिति अलग होती है, ऐसे में इसके सेवन से पहले डॉक्टर से सलाह जरूर ले लें।
ग्लाइसेमिक इंडेक्स के लिहाज से आम का सेवन
डायबिटीज रोगियों को आहार का चयन करने से पहले उसके ग्लाइसेमिक इंडेक्स (जीआई) का ध्यान रखने की सलाह दी जाती है। 55 से कम रैंक वाली चीजों को मधुमेह रोगियों के लिए बेहतर माना जाता है। आम का जीआई 51 होता है, जो तकनीकी रूप से इसे लो-ग्लाइसेमिक आहार के रूप में वर्गीकृत करता है। इस हिसाब से डायबिटीज में आम का सेवन किया जा सकता है।
फिर भी, आपको यह ध्यान रखना चाहिए कि भोजन के प्रति लोगों की शारीरिक प्रतिक्रियाएं अलग-अलग होती हैं।
क्या डायबिटीज में खा सकते हैं आम?
अध्ययनों के निष्कर्ष के आधार पर स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है अगर आप डायबिटीज के शिकार हैं और आम खाना चाहते हैं, तो इसका सेवन दिन के समय किया जाना ज्यादा बेहतर होता है। दिन में शरीर का मेटाबॉलिज्म रेट बेहतर रहता है। वहीं एक अध्ययन में इस बात का जिक्र मिलता है कि आम में मौजूद 30 फीसदी शुगर की मात्रा फ्रुक्टोज के रूप में होती है। लिवर में फ्रूट शुगर के होने वाले मेटाबॉलिज्म से शरीर में ट्राइग्लिसराइड की मात्रा बढ़ जाती है, ऐसे में डायबिटीज में इसका सेवन समस्याओं का कारण बन सकता है।
क्या है अध्ययनों का निष्कर्ष?
शोध के निष्कर्ष से पता चलता है कि आम में अधिकांश कैलोरी की मात्रा शुगर से आती है, जिससे इस फल के कारण रक्त शर्करा का स्तर बढ़ने का खतरा रहता है। वहीं कुछ शोध यह भी बताते हैं कि रक्त शर्करा को नियंत्रित रखने के लिए आम खाया जा सकता है, क्योंकि यह लो-जीआई और फाइबर-एंटीऑक्सिडेंट्स वाला फल है।
विशेषज्ञों का कहना है कि यदि आप डायबिटीज के शिकार हैं और आम खाना चाहते हैं तो इसके लिए पहले किसी विशेषज्ञ से सलाह जरूर ले लें।
---------------
नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्ट्स और स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सुझाव के आधार पर तैयार किया गया है।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।