शरीर के बेहतर ढंग से काम करते रहने के लिए हार्मोन्स का स्तर ठीक रहना जरूरी होता है। पुरुषों की अच्छी सेहत और बेहतर शारीरिक कार्यों के लिए टेस्टोस्टेरोन हार्मोन की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। टेस्टोस्टेरोन को आमतौर पर सेक्स हार्मोन माना जाता है जो शरीर में और भी कई प्रकार से महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। पुरुषों में सेक्स ड्राइव (कामेच्छा) से लेकर हड्डियों के द्रव्यमान, फैट की मात्रा, मांसपेशियों को स्वस्थ रखने और इसकी ताकत को ठीक रखने के साथ लाल रक्त कोशिकाओं और शुक्राणु के उत्पादन को नियंत्रित करने के लिए यह हार्मोन बहुत आवश्यक है।
Testosterone: इस मेल हार्मोन की कमी आपको ऑस्टियोपोरोसिस का बना सकती है शिकार, इन समस्याओं का भी जोखिम
टेस्टोस्टेरोन की कमी क्यों होती है?
डॉक्टर बताते हैं, शरीर में टेस्टोस्टेरोन हार्मोन की कमी कई कारणों से हो सकती हैं। अगर आपको इससे संबंधित दिक्कतों का अनुभव हो रहा है तो किसी विशेषज्ञ से जरूर मिलें।
अगर आपको इस तरह की दिक्कतें रही हैं तो संभव है कि ये आपमें टेस्टोस्टेरोन की कमी का कारण बन सकती है।
- कीमोथेरेपी जैसे दवा का दुष्प्रभाव।
- अंडकोष में चोट या कैंसर।
- मस्तिष्क (हाइपोथैलेमस और पिट्यूटरी) की ग्रंथियों में समस्याएं, जो हार्मोन उत्पादन को नियंत्रित करती हैं।
- थायराइड फंक्शन की समस्या
- शरीर का वजन अधिक होना (मोटापा)।
- क्रोनिक बीमारियां या संक्रमण।
हो सकती है ऊर्जा में कमी
शरीर में टेस्टोस्टेरोन हार्मोन की कमी के कारण आपको ऊर्जा में कमी का अनुभव हो सकता है, आप अक्सर थकान-कमजोरी का अनुभव करते रह सकते हैं। हालांकि कई अन्य स्थितियां भी ऊर्जा को कम कर सकती हैं जैसे उम्र बढ़ना या अवसाद की समस्या।
अगर आपको लंबे समय से इस तरह की दिक्कतों का अनुभव होता आ रहा है तो इस बारे में किसी विशेषज्ञ की सलाह जरूर ले लें।
मूड में बदलाव
लो-टेस्टोस्टेरोन लेवल आपमें मूड से संबंधित समस्याओं का भी कारण बन सकता है जिसमें आपको उदासी, काम में मन न लगने से लेकर अवसाद तक की दिक्कत हो सकती है। कुछ पुरुषों में इसके कारण व्यक्तित्व में बदलाव भी देखे गए हैं। ऐसा लगता है कि जैसे अब उन्हें खुश करने के लिए कुछ भी नहीं किया जा सकता है। हालांकि जब टेस्टोस्टेरोन का स्तर सामान्य हो जाता है, तो इस तरह की दिक्कतें ठीक भी हो जाती हैं।
मांसपेशियों और हड्डियों से संबंधित दिक्कत
चूंकि टेस्टोस्टेरोन हार्मोन मांसपेशियों के निर्माण में मदद करता है, ऐसे में जब इसकी मात्रा कम हो जाती है तो आपकी मांसपेशियां और इसकी ताकत भी कम हो सकती है। लो-टेस्टोस्टेरोन लेवल वाले लोगों में हड्डियों के घनत्व में कमी से लेकर ऑस्टियोपोरोसिस तक की दिक्कत देखी गई है।
नियमित व्यायाम आपके टेस्टोस्टेरोन के स्तर को बढ़ावा देने में मदद कर सकता है। व्यायाम करते समय मांसपेशियों के बड़े समूहों पर काम करना सुनिश्चित करें।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्ट्स और स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सुझाव के आधार पर तैयार किया गया है।
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