शरीर को स्वस्थ रखने और कई प्रकार की बीमारियों के जोखिमों को कम करने के लिए स्वास्थ्य विशेषज्ञ सभी लोगों को रोजाना स्वस्थ और पौष्टिक आहार के सेवन की सलाह देते हैं। अध्ययनों से पता चलता है कि अगर आप पौधों पर आधारित खाद्य पदार्थों या वेगन डाइट का सेवन अधिक करते हैं तो इससे शरीर को कई प्रकार से लाभ मिल सकते हैं। विशेषतौर पर हृदय रोगों के जोखिम को कम करने और वजन को कंट्रोल करने में फायदों को देखते हुए इस तरह के डाइट प्लान की मांग काफी तेजी से बढ़ी है। पर क्या यह जानलेवा भी हो सकती है?
बड़ा सवाल: क्या वेगन डाइट भी हो सकती है जानलेवा? डाइट इन्फ्लुएंसर की मौत ने उठाए कई सवाल
रॉ वेगन डाइट बनी मौत का कारण?
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार झन्ना पिछले पांच वर्षों से रॉ वेगन डाइट का ही सेवन कर रही थीं, जिसमें कुछ फल, सूरजमुखी के बीज के स्प्राउट्स, फलों की स्मूदी और जूस शामिल थे। स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक झन्ना को 'हैजा जैसा संक्रमण' हो गया था, जिसके लिए रोजाना सिर्फ वेगन डाइट का ही पालन करना एक कारण माना जा रहा है।
उसके दोस्तों ने खुलासा किया है कि कुछ महीने पहले श्रीलंका में वह पैरों में सूजन और लिम्फ की समस्या से भी पीड़ित थी। झना की मौत ने सवाल खड़े कर दिए हैं कि क्या वेगन डायट स्वास्थ्य के लिए ठीक नहीं है?
पहले वेगन डाइट के बारे में जान लीजिए
वेगन डाइट, शाकाहारी आहार प्रणाली का हिस्सा है जिसमें पौधों पर आधारित (जैसे सब्जियां, अनाज, मेवे और फल) और पौधों से बने खाद्य पदार्थों को शामिल किया जाता है। वेगन डाइट का पालन करने वाले लोग डेयरी उत्पाद और अंडे सहित पशुओं पर आधारित खाद्य पदार्थ नहीं खाते हैं। अब तक के तमाम अध्ययनों के आधार पर पाया गया कि शरीर को अधिक पोषक तत्वों की पूर्ति करने के साथ वजन कम करने, मधुमेह और कैंसर से बचाने, हृदय रोगों से सुरक्षा देने में इस तरह के डाइट प्लान के लाभ हो सकते हैं।
फिर कैसे हुई फूड इन्फ्लुएंसर की मौत?
अगर वेगन डाइट सेहत के लिए इतने लाभकारी हैं तो फिर फूड इन्फ्लुएंसर की मौत के लिए इसे कारण क्यों माना जा रहा है?
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, रॉ वेगन डाइट के वैसे तो कई प्रकार के स्वास्थ्य लाभ होते हैं पर इस प्रकार के आहार के कुछ नकारात्मक पहलू भी हैं, खासकर जब आप अच्छी तरह से नियोजित ढंग से इसका सेवन नहीं किया गया हो। स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, रॉ वेगन डाइट के कारण शरीर में कैल्शियम और विटामिन-डी की कमी होने का जोखिम रहता है। इसके अलावा कुछ रिपोर्ट्स के मुताबिक यह शरीर में विटामिन बी12 की भी मात्रा को कम कर सकती है जिसके कारण एनीमिया, तंत्रिक तंत्र में क्षति, बांझपन और कुछ स्थितियों में हृदय रोग भी हो सकता है।
क्या कहते हैं स्वास्थ्य विशेषज्ञ?
स्वास्थ्य और आहार विशेषज्ञ कहते हैं, सभी डाइट प्लान के अपने लाभ और नुकसान हो सकते हैं। हर किसी के लिए एक ही डाइट प्लान लाभकारी हो यह आवश्यक नहीं है। यह आपकी सेहत पर बहुत कुछ निर्भर करता है। इसलिए बिना डॉक्टरी सलाह के किसी भी डाइट प्लान को अपनाना सेहत के लिए हानिकारक हो सकता है। जरूरी नहीं है कि परिवार में अगर किसी की एक खास डाइट प्लान से लाभ मिल रहा हो तो आपको भी इससे फायदा होगा।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।
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