सेहत के लिहाज से लगभग सभी डेयरी उत्पादों को काफी लाभकारी माना जाता है। दुग्ध उत्पाद कई प्रकार के विटामिन्स और पोषक तत्वों से भरपूर होते हैं, ऐसे में इनका नियमित सेवन करना आपको कई तरह से लाभ पहुंचा सकता है। छाछ भी एक बेहद फायदेमंद किण्वित डेयरी उत्पाद है। प्रोबायोटिक्स और तमाम न्यूट्रिशियंस से भरपूर छाछ को गर्मी के दिनों में बहुत लाभदायक माना जाता है। यह शरीर को हाइड्रेटेड बनाए रखने के साथ प्रोटीन, फाइबर, कैल्शियम, सोडियम और विटामिन बी-12 जैसे अति आवश्यक पोषक तत्व प्रदान करता है। पेट को ठीक रखने और आंतों की सेहत को बेहतर बनाए रखने के लिए छाछ का सेवन किया जा सकता है।
सेहत की बात: गर्मियों में बहुत फायदेमंद है छाछ का सेवन, पर ऐसे लोगों के लिए बढ़ सकती हैं मुश्किलें, बरतें सावधानी
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
डिहाइड्रेशन से बचाने में मददगार
शोध बताते हैं कि छाछ का सेवन करना आपको गर्मी के कारण होने वाले निर्जलीकरण की समस्या से बचाने में काफी मददगार हो सकता है। छाछ में इलेक्ट्रोलाइट्स, विशेष रूप से पोटैशियम और पानी की मात्रा अधिक होती है, जिसका सेवन करना आपके लिए विशेष लाभकारी हो सकता है। छाछ पीने से गर्मी से लड़ने और शरीर में पानी का संतुलन बनाए रखने में मदद मिल सकती है।
हड्डियों के लिए फायदेमंद
छाछ कैल्शियम और फास्फोरस का अच्छा स्रोत है, साथ ही इसमें विटामिन-डी भी मौजूद होता है। यह सभी पोषक तत्व इसे हड्डियों के लिए काफी फायदेमंद बनाते हैं। हड्डियों की मजबूती बनाए रखने और ऑस्टियोपोरोसिस जैसे रोगों के खतरे को कम करने में छाछ का सेवन महत्वपूर्ण हो सकता है। 13-99 आयु वर्ग के लोगों पर 5 साल तक किए गए एक अध्ययन में पाया गया कि छाछ में मौजूद फास्फोरस हड्डियों के घनत्व को 2.1 फीसदी तक बढ़ाने में सहायक हो सकता है।
कोलेस्ट्रॉल को रखता है कंट्रोल
हाई कोलेस्ट्रॉल, हृदय रोगों का प्रमुख कारण माना जाता है। छाछ में मौजूद पोषक तत्व कोलेस्ट्रॉल के स्तर को नियंत्रित रखकर हृदय रोगों के जोखिम को कम करने में सहायक हो सकते हैं। 34 वयस्कों पर 8 सप्ताह तक किए गए अध्ययन में पाया गया कि रोजाना 45 ग्राम की मात्रा में छाछ का सेवन करने से कोलेस्ट्रॉल और ट्राइग्लिसराइड्स में क्रमशः 3 और 10 फीसदी की कमी आई।
इन दुष्प्रभावों के बारे में जानिए
छाछ में सोडियम की मात्रा अधिक होती है, इसलिए इसका सीमित मात्रा में ही सेवन किया जाना चाहिए। अधिक सोडियम का सेवन उच्च रक्तचाप के जोखिम को बढ़ा देता है। इसके अलावा छाछ में लैक्टोज होता है, यह एक प्राकृतिक शर्करा है। कई लोगों में लैक्टोज इन्टॉलरेंस की समस्या होती है, ऐसे लोगों को छाछ का सेवन नहीं करना चाहिए। इस स्थिति में पेट की खराबी, दस्त और गैस जैसी दिक्कतें हो सकती हैं।
---------------
नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्ट्स और स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सुझाव के आधार पर तैयार किया गया है।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।