गड़बड़ लाइफस्टाइल को बीमारियों का घर कहा जाता है। ऐसी ही एक बीमारी है पैरों के तलवों में होने वाली जलन, जिससे बहुत सारे लोग परेशान रहते हैं। पैरों में जलन होना आम समस्या लग सकती है, लेकिन कई बार यह शरीर के भीतर छिपी किसी गंभीर बीमारी का संकेत भी हो सकता है। मेडिकल साइंस में इसे बर्निंग फीट सिंड्रोम कहा जाता है। इसमें व्यक्ति को पैरों के तलवों में गर्माहट, झनझनाहट, सुई चुभने जैसा दर्द और कभी-कभी सुन्नपन महसूस होता है।
Health Alert: पैरों में होती है जलन तो तुरंत दिखाएं डॉ. को, शरीर पर मंडरा रहा है खतरा
- पैरों में जलन की समस्या कई लोगों को परेशान करती है। यह गंभीर बीमारियों का संकेत भी हो सकता है। लंबे समय तक ब्लड शुगर के स्तर बढ़े रहने के कारण न्यूरोपैथी की समस्या हो सकती है।
बर्निंग फीट की सममस्या
ज्यादा चलने या गर्मी के कारण तलवों में जलन होने लगती है। पर अगर यह लंबे समय से हो रही है और आप इससे परेशान हो गए हैं तो इस पर ध्यान देना जरूरी है।
लंबे समय तक ब्लड शुगर के स्तर बढ़े रहने के कारण न्यूरोपैथी की समस्या हो सकती है। इसमें नसें धतिग्रस्त हो सकती है. जिसके कारण पैरों में झनझनाहट के साथ जलन महसूस होती है।
विटामिन्स की कमी का संकेत
इसके अलावा शरीर में कुछ विशेष प्रकार के विटामिन्स जैसे बी12, बी6 और फोलिक एसिड की कमी से भी पैरों में जलन हो सकती है। ये सभी विटामिन्स नसों के सही से काम करने के लिए बेहद जरूरी होते हैं और इनकी कमी से नसों में सूजन और जलन हो सकती है।
इसी तरह हाइपोथायरायडिज्म होने पर शरीर में थायरॉइड हार्मोन का उत्पादन कम होने लगता है, जिससे रक्त संचार प्रभावित होता है। इसकी वजह से नसों पर दबाव बढ़ने लगता है और पैरों में जलन होती है।
क्या कहते हैं विशेषज्ञ?
वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. प्रदीप कुमार शैलत कहते हैं, कई बार पैरों में जलन शरीर में पनप रही कुछ गंभीर बीमारियों का संकेत भी हो सकती है। ऐसी स्थिति में आपको तुरंत चिकित्सक से संपर्क करना चाहिए। कुछ स्थितियों में देखा गया है कि जब किडनी सही तरह से काम नहीं कर रही होती है तो खून में टॉक्सिन्स का स्तर बढ़ने लगता है। इसकी वजह से भी पैरों में सूजन और जलन हो सकती है। एथलीट फुट वाले लोगों में भी ये दिक्कत देखी जाती रही है।
शराब-दवाएं भी हो सकती हैं कारण
डॉक्टर बताते हैं, कुछ लोगों में जब इस समस्या का निदान किया गया तो पता चला कि इसका कारण शराब का अधिक सेवन और कुछ दवाइयां भी हो सकती हैं। शराब नसों को धीरे-धीरे कमजोर करती है, इसे अल्कोहलिक न्यूरोपैथी कहा जाता है। कुछ दवाइयां जैसे कीमोथेरेपी ड्रग्स, एंटीबायोटिक्स और एचआईवी की दवाएं भी नसों पर असर डालती हैं। लंबे समय तक पेनकिलर या कुछ एंटी-डिप्रेसेंट लेने से भी पैरों में जलन हो सकती है।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।
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