कैंसर बेहद घातक स्वास्थ्य समस्याओं में से एक है जिसके कारण हर साल लाखों लोगों की मौत हो जाती है। भारत में भी पिछले दो दशक में तमाम तरह के कैंसर रोगियों की संख्या में इजाफा देखने को मिला है। कुछ प्रकार के कैंसर को विशेषज्ञ बहुत घातक मानते हैं। वहीं स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि अगर लक्षणों पर ध्यान रखते हुए समय पर कैंसर की पहचान कर ली जाए तो इलाज और रोगी के जान बचने की संभावना बढ़ जाती है। पर दुर्भाग्यवश ज्यादातर मामलों में कैंसर का निदान इसके आखिरी चरणों में हो पाता है।
Bowel Cancer: ऐसे सामान्य लक्षणों को अनदेखा करना पड़ सकता है भारी, जानिए कैसे रहें कैंसर से सुरक्षित?
क्या कहते हैं विशेषज्ञ?
कैंसर विशेषज्ञों के मुताबिक मल-मूत्र में दिखाई देने वाले आसान्य बदलावों के आधार पर इस गंभीर स्वास्थ्य समस्या का अंदाजा लगाया जा सकता है। हैरानी की बात यह है कि इन संकेतों को अक्सर नजरअंदाज कर दिया जाता है। आंत के कैंसर के लक्षण पेट की कुछ समस्याओं की तरह ही हो सकते हैं जिसको लेकर लोग अक्सर कन्फ्यूज दिखाई देते हैं, हालांकि समय रहते इसका सही निदान किया जाना आवश्यक है।
ऐसे लक्षणों को न करें अनदेखा
विशेषज्ञों के मुताबिक आंत के कैंसर के कई लक्षणों को अक्सर अनदेखा कर दिया जाता है। बार-बार शौच जाने की आवश्यकता, अक्सर दस्त बना रहना, खाने के बाद पेट में दर्द, भोजन के बाद पेट में सूजन और मल में रक्त आने जैसे लक्षण आंत के कैंसर की ओर संकेत हो सकते हैं। इस पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है। अगर आपको भी इनमें से कोई समस्या लंबे समय से बनी हुई है तो इस बारे में किसी विशेषज्ञ से सलाह जरूर ले लें।
आंत के कैंसर के अन्य लक्षण
मायो क्लीनिक की रिपोर्ट के अनुसार आंत और पेट के कैंसर में बहुत से पीड़ितों को रोग के प्रारंभिक चरण में किसी भी लक्षण का अनुभव नहीं होता है। हालांकि पेट से संबंधित कुछ समस्याओं पर ध्यान देकर इसकी पहचान की जा सकती है। यदि इनमें से कोई भी लक्षण अधिक समय तक दिखाई देता रहता है, तो अपने डॉक्टर से जांच जरूर करा लें।
- अनपेक्षित रूप से वजन घटना।
- बहुत अधिक थकान महसूस होते रहना।
- पेशाब से खून आना।
- मूत्र के रंग में परिवर्तन जैसे गहरा, जंग लगा रंग या भूरे रंग का पेशाब होना।
- गुदा या मलाशय में गांठ महसूस होना।
किन्हें आंत-पेट के कैंसर का खतरा अधिक होता है?
विशेषज्ञों के मुताबिक कुछ स्थितियां आपमें कैंसर के जोखिम को बढ़ा सकती हैं। इस संबंध में विशेष सावधानी बरतते रहने की आवश्यकता है। यह स्थितियां कैंसर के खतरे को बढ़ा सकती हैं।
- धूम्रपान-शराब का सेवन
- व्यायाम की कमी
- क्रोहन डिजीज की समस्या
- कैंसर का आनुवांशिक जोखिम
- मोटापा के शिकार लोगों में भी कोलन कैंसर का खतरा बढ़ जाता है।