देशभर में पिछले एक महीने से कोरोना के ओमिक्रॉन संक्रमण के बढ़ते मामले स्वास्थ्य विशेषज्ञों के लिए चिंता का कारण बने हुए हैं। ओमिक्रॉन वैरिएंट तेजी से लोगों को अपनी चपेट में लेता जा रहा है, इसे ध्यान में रखते हुए विशेषज्ञ सभी लोगों से बचाव के लगातार उपाय करते रहने की सलाह देते हैं। कोरोना के इस जारी कहर के बीच देश के कुछ हिस्सों से इससे संबंधित एक अन्य जानलेवा संक्रमण के मामले भी सामने आ रहे हैं। हालिया रिपोर्टस के मुताबिक उत्तर प्रदेश के कानपुर और मुंबई में ब्लैक फंगस संक्रमण के मामले सामने आए हैं। ब्लैक फंगस या म्यूकोरमाइकोसिस, एक बेहद गंभीर संक्रमण है, दूसरी लहर में इसके मामले देखे गए थे।
नई मुसीबत: लौट आया कोविड से जुड़ा यह 'जानलेवा खतरा', ऐसे लोगों के लिए बन सकता है बड़ी मुसीबत, जानिए विस्तार से
म्यूकोरमाइकोसिस क्या है?
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक म्यूकोरमाइकोसिस या ब्लैक फंगस, एक प्रकार का गंभीर फंगल संक्रमण होता है। आमतौर पर इम्यूनोसप्रेसिव दवाइयों का सेवन करने वाले लोगों में इस संक्रमण का खतरा अधिक होता है। ऐसी दवाइयां शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली को कमजोर कर देती हैं, इससे पर्यावरणीय रोगजनकों से लड़ने की क्षमता कम हो जाती है। मधुमेह जैसी बीमारियों के शिकार लोगों में इस संक्रमण का जोखिम अधिक होता है। कोविड-19 के दौरान कुछ विशेष दवाइयों के प्रयोग के कारण इस संक्रमण का खतरा बढ़ गया है।
म्यूकोरमाइकोसिस के लक्षण क्या होते हैं?
स्वास्थ्य विशेषज्ञ बताते हैं, इस संक्रमण के लक्षण अधिकतर आंखों पर देखने को मिलते हैं। संक्रमितों को बुखार, सिरदर्द, कफ, सांस लेने में कठिनाई, आंखों और नाक के आसपास दर्द और लालिमा, कुछ लोगों को उल्टी के साथ खून आने की दिक्कत हो सकती है। कुछ रोगियों में चेहरे पर कुछ लक्षण या सूजन की भी समस्या हो सकती है। यह फंगस हमारे वातावरण में हमेशा मौजूद रहता है। जब हमारी प्रतिरक्षा प्रणाली कमजोर हो जाती है तो यह फंगस शरीर पर हमला कर देता है।
ऐसे लोगों को संक्रमण होने का जोखिम अधिक
स्वास्थ्य विशेषज्ञ बताते हैं, वैसे तो म्यूकोरमाइकोसिस के मामले काफी दुर्लभ है, लेकिन यह उन लोगों में अधिक आम है जिन्हें पहले से ही कुछ बीमारियां है और वह ऐसी दवाएं ले रहे हैं जो शरीर की रोगाणुओं और बीमारी से लड़ने की क्षमता को कम करती हैं। ऐसी स्थितियों में ब्लैक फंगस संक्रमण का जोखिम बढ़ जाता है।
- डायबिटीज, विशेष रूप से डायबिटिक कीटोएसिडोसिस वाले लोगों में।
- कैंसर या अंग प्रत्यारोपण करा चुके लोग।
- स्टेम सेल ट्रांसप्लांट करा चुके।
- लंबे समय तक कॉर्टिकोस्टेरॉइड का उपयोग करने वाले
- शरीर में आयरन की अधिकता।
- सर्जरी, जलने या घाव के कारण त्वचा में इंजरी।
म्यूकोरमाइकोसिस का क्या इलाज है?
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक म्यूकोरमाइकोसिस एक गंभीर संक्रमण है जिसका समय पर इलाज जरूरी होता है। इसके लिए डॉक्टर कुछ एंटिफंगल दवाएं दे सकते हैं। रोगियों को खुद से किसी भी दवा का सेवन नहीं करना चाहिए। गंभीर स्थितियों में संक्रमित ऊतक को काटने के लिए सर्जरी की भी आवश्यकता हो सकती है। इसलिए स्थिति का समय पर निदान और इलाज किया जाना आवश्यक होता है।
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स्रोत और संदर्भ
Mucormycosis is a serious but rare fungal infection
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