लिवर, हमारे शरीर के सबसे महत्वपूर्ण अंगों में से एक है। पाचन से लेकर हार्मोन उत्पादन और बॉडी डिटॉक्स सहित शरीर के कई अति आवश्यक कार्यों में लिवर की विशेष भूमिका होती है। हालांकि कुछ प्रकार की लापरवाहियों के चलते इस अंग से संबंधित विकारों के मामले काफी तेजी से बढ़ते हुए देखे जा रहे हैं। लिवर की कुछ बीमारियां गंभीर समस्याकारक और जानलेवा तक हो सकती हैं, यही कारण है कि सभी लोगों को इस खास अंग के देखभाल को लेकर सतर्कता बरतते रहने की सलाह दी जाती है।
विशेषज्ञों ने बताया: लिवर को स्वस्थ रखने के लिए इन चार बातों का रखें खास ख्याल, बीमारियां रहेंगी कोसों दूर
पित्त दोष में योग-प्राणायाम के लाभ
योग-व्यायाम के अभ्यास की आदत बनाकर लिवर से संबंधित समस्याओं के जोखिम को कम करने में मदद मिल सकती है। विशेषज्ञों ने पाया कि प्राणायाम का अभ्यास न केवल लिवर के कार्यों को आसान बनाने में सहायक अभ्यास है साथ ही इसके पित्त दोष को नियंत्रित करने में भी लाभ देखे गए हैं। कई प्रकार के योगासनों को लिवर को उत्तेजित करके इसके कार्यों को बेहतर बनाने और लिवर से संबंधित विकारों के जोखिम को कम करने में लाभकारी पाया गया है।
दिनचर्या का लिवर की सेहत पर असर
लाइफस्टाइल को ठीक रखकर लिवर की बीमारियों के जोखिम को कम करने में मदद मिल सकती है। लिवर सिरोसिस, फैटी लिवर जैसी स्वास्थ्य समस्याओं के लिए लाइफस्टाइल में गड़बड़ी को एक कारण के तौर पर देखा जा रहा है। शोधकर्ताओं ने पाया कि शराब के सेवन जैसी आदतों के कारण इस महत्वपूर्ण अंग से संबंधित बीमारियों का खतरा काफी बढ़ा हुआ देखा जा रहा है। स्वस्थ दिनचर्या का पालन करके लिवर सहित अन्य अंगों की सेहत में भी सुधार किया जा सकता है।
हल्दी है प्रभावी औषधि
हल्दी को लिवर की समस्याओं को दूर करने वाली सबसे प्रभावी औषधियों में से एक माना जाता है। इसके मुख्य सक्रिय घटक करक्यूमिन को अध्ययनों में कई प्रकार की स्वास्थ्य समस्याओं के जोखिम में लाभकारी पाया गया है। हल्दी में शक्तिशाली एंटी-इंफ्लामेटरी, एंटीऑक्सिडेंट और एंटी-कैंसर गुण होते हैं, जो इस जड़ी-बूटी को लिवर की बीमारियों को दूर करने में काफी लाभकारी बनाती है। अध्ययन से पता चला है कि 8 सप्ताह के लिए 500 मिलीग्राम करक्यूमिन उत्पाद से लिवर में फैट की समस्या को कम करने में मदद मिल सकती है।
बॉडी डिटॉक्स करते रहना आवश्यक
लिवर वैसे तो स्वाभाविक तौर पर शरीर से अनावश्यक उत्पादों को निकालने का काम करता है, पर कुछ बीमारियां इस कार्य को प्रभावित कर सकती है। ऐसे में उन चीजों का सेवन करना आपके लिए फायदेमंद हो सकता है जो लिवर के कार्यों को आसान बनाती हैं। अदरक और नींबू का पेय एक क्लासिक डिटॉक्स ड्रिंक है जिसमें शक्तिशाली एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं जो न केवल आपके शरीर को डिटॉक्सीफाई करते हैं साथ ही वजन घटाने की प्रक्रिया को भी तेज करते हैं। यह पेय लिवर के कार्यों को आसान बनाने और मेटाबॉलिज्म को बढ़ावा देने में सहायक है।
----------------
नोट: यह लेख स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सुझाव के आधार पर तैयार किया गया है।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।