स्वस्थ आहार के बारे में बात करते हुए अक्सर हम सभी फलों-सब्जियों की तो चर्चा कर लेते हैं, पर कुकिंग ऑयल को नजरअंदाज कर दिया जाता है। शोध बताते हैं कि रिफाइंड ऑयल्स के बढ़ते सेवन के कारण कई तरह की गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का जोखिम बढ़ता जा रहा है। कोलेस्ट्रॉल से लेकर हाई ब्लड-प्रेशर और मोटापा बढ़ाने तक में इन तेलों की भूमिका पाई गई है। इसी बात को ध्यान में रखते हुए स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने सभी लोगों को खाने के तेलों में बदलाव करने की सलाह दी है। डॉक्टर्स कहते हैं बढ़ते हृदय रोगों के जोखिम को कम करने में भी तेलों के सही चयन पर विशेष ध्यान दिए जाने की आवश्यकता है।
Health Tips: विशेषज्ञों की सलाह- स्वस्थ रहना है तो अभी बदल लें कुकिंग ऑयल, इन तेलों का सेवन है फायदेमंद
ऑलिव ऑयल से लाभ
खाना बनाने के लिए ऑलिव ऑयल को प्रयोग में लाने को स्वास्थ्य विशेषज्ञ बेहतर विकल्प मानते हैं। अध्ययनों में इसे सेहत के लिए कई प्रकार से लाभकारी पाया गया है। ये एंटीऑक्सिडेंट्स और उन तत्वों का बेहतर स्रोत माने जाते हैं जो कई प्रकार के क्रोनिक रोगों के जोखिम को कम कर सकते हैं। ऑलिव ऑयल को शरीर से सूजन को कम करने, ब्लड कोलेस्ट्रॉल के स्तर को कम करते हुए हृदय रोगों से सुरक्षित रखने वाला माना जाता है।
सरसों के तेल का करें प्रयोग
सरसों के तेल का प्रयोग लंबे समय से भोजन के लिए किया जाता रहा है, इसे संपूर्ण सेहत के लिए बहुत लाभकारी माना जाता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, सरसों के तेल के खाना पकाने और चिकित्सकीय, दोनों उपयोग हैं। इसमें ओमेगा-3 और ओमेगा-6 फैटी एसिड होते हैं और इसमें सेचुरेटेड फैट की मात्रा कम होती है। सरसों का तेल न केवल भोजन के स्वाद को बढ़ाता है बल्कि यह त्वचा से संबंधित कई बीमारियों को भी ठीक करने में भी काफी लाभकारी है।
सूरजमुखी का तेल
सूरजमुखी के तेल को हृदय रोगियों के लिए काफी लाभकारी माना जाता है। इसमें मोनोअनसैचुरेटेड फैट्स के साथ के साथ बैड कोलेस्ट्रॉल को कम करने वाले तत्व भी पाए जाते हैं जिससे हृदय रोगों के जोखिम को कम किया जा सकता है। अध्ययनों में पाया गया है कि सूरजमुखी के तेल का सेवन करने वाले लोगों में इंफ्लामेशन का जोखिम भी कम होता है जिससे हृदय से संबंधित समस्याएं दूर रहती हैं।
इन तेलों से करें परहेज
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं बढ़ती बीमारियों के जोखिम को कम करने के लिए हमेशा स्वस्थ आहार का ही सेवन करें। इसमें सही तेलों का चयन भी काफी महत्वपूर्ण है। हमेशा शुद्ध तेलों का सेवन करें। रिफाइंड ऑयल्स में कई ऐसे तत्व पाए गए हैं जो शरीर को नुकसान पहुंचा सकते हैं। हृदय रोग, मधुमेह के रोगियों के लिए सूरजमुखी या फिर ऑलिव ऑयल के सेवन को बेहतर माना जाता है।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्ट्स और स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सुझाव के आधार पर तैयार किया गया है।
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