कोरोना संक्रमण ने लोगों के शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को गंभीर रूप से प्रभावित किया है। डेढ़ साल से दुनियाभर में जारी कोरोना के प्रकोप के चलते लोगों को तरह-तरह की स्वास्थ्य जटिलताओं का सामना करना पड़ रहा है। कोरोना काल में सुरक्षा की दृष्टि से घरों से बाहर जाना और शारीरिक गतिविधि काफी कम हो गई, जिसका सीधा असर लोगों के वजन पर देखने को मिल रहा है। डॉक्टरों के मुताबिक कोरोना काल में लोगों के वजन में तेजी से बढ़ोतरी देखने को मिली है, वहीं जो लोग पहले से ही मोटापा के शिकार थे, उनमें जटिलताएं इतनी अधिक हो गई हैं कि उनके लिए दैनिक जीवन के सामान्य कार्यों को करना भी कठिन हो गया है। यही कारण है हाल के दिनों में बेरिएट्रिक सर्जरी का मांग तेजी से बढ़ी है।
सावधान: अधिक वजन वाले लोगों में हृदय रोगों से मौत का खतरा ज्यादा, इस उपाय से पा सकते हैं जल्द लाभ
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बढ़ा हुआ वजन कई समस्याओं का बन सकता है कारक
स्वास्थ्य विशेषज्ञ बताते हैं कि बढ़ा हुआ वजन कई तरह की स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के जोखिम को भी बढ़ा देता है। जिन लोगों का वजन सामान्य से अधिक होता है, उनमें स्ट्रोक, हृदय रोग, स्लीप एपनिया, टाइप-2 डायबिटीज, उच्च रक्तचाप और नॉन अल्कोहॉलिक फैटी लीवर डिजीज (एनएएफएलडी) जैसी कई गंभीर बीमारियों का खतरा कई गुना तक बढ़ जाता है। यदि वजन घटाने के तमाम तरीकों को प्रयोग में लाने के बाद भी आपको लाभ नहीं मिल रहा है तो बेरिएट्रिक सर्जरी सबसे बेहतर विकल्प हो सकती है। कई अध्ययनों से पता चलता है कि बेरिएट्रिक सर्जरी से जोड़ों के दर्द, गठिया, पीसीओएस, बांझपन जैसी समस्याओं में सुधार के साथ मोटापे से जुड़े कई प्रकार के कैंसर के खतरे को भी कम किया जा सकता है।
हृदय रोगों के कारण मौत का खतरा
मोटापा ग्रस्त लोगों में हृदय रोगों के कारण मौत का खतरा काफी बढ़ जाता है। इस समस्या में बेरिएट्रिक सर्जिकल के फायदे के बारे में जानने के लिए अमेरिका के बोस्टन मेडिकल सेंटर के एमडी, नोयान गोक्से के नेतृत्व में एक अध्ययन किया गया। शोधकर्ताओं ने अध्ययन के निष्कर्ष में पाया कि बेरिएट्रिक सर्जरी वजन को कम करने के साथ हृदय रोगों के कारण होने वाली मौत के खतरे को काफी हद तक कम कर सकती है। ऐसे में जो लोग मोटापे के कारण हृदय रोगों के शिकार हैं उन्हें अपने डॉक्टर से इस बारे में सलाह अवश्य लेनी चाहिए।
किन लोगों को है बेरिएट्रिक सर्जरी की जरूरत?
बेरिएट्रिक सर्जरी के बारे में जानने के लिए अमर उजाला ने अपोलो दिल्ली में वरिष्ठ बेरिएट्रिक सर्जन डॉ अरुण प्रसाद से बात की। डॉ अरुण बताते हैं कि बेरिएट्रिक सर्जरी, उन लोगों के लिए बेहद फायदेमंद साबित हो सकती है जो बढ़े हुए वजन की समस्या से लंबे समय से परेशान हैं। इन लोगों में कोविड के कारण जटिलताएं और अधिक बढ़ गई हैं, लोग अब कई तरह की शारीरिक समस्याओं की शिकायत कर रहे हैं। इन लोगों में दिक्कतें ज्यादा गंभीर रूप न ले लें, ऐसे में बेरिएट्रिक सर्जरी करना फायदेमंद हो सकता है। कोविड के दौरान 5-10 किलो तक बढ़े वजन की समस्या वाले लोगों के लिए यह सर्जरी नहीं है।
बीएमआई से जानिए किन्हें है सर्जरी की जरूरत?
डॉ अरुण बताते हैं कि वह लोग जिनका बॉडी मास इंडेक्स (बीएमआई) 35 से अधिक है वह इस सर्जरी को करा सकते हैं। वहीं जिन लोगों की बीएमआई 30 है लेकिन उन्हें बढ़े हुए वजन के कारण कई तरह की शारीरिक समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है, उनके लिए भी यह सर्जरी उपयुक्त हो सकती है। रोगी के क्लिनिकल परीक्षण के आधार पर उसे इस सर्जरी की सलाह दी जाती है। गंभीर जटिलताओं से बचने के लिए लोगों को समय पर ही यह सर्जरी करा लेनी चाहिए।
डॉ अरुण प्रसाद बताते हैं, बढ़े हुए वजन के शिकार लोगों में बेरिएट्रिक सर्जरी जीवन को नया रूप दे सकती है। सर्जरी के बाद जीवनशैली में बदलाव और स्वस्थ आहार अपनाने वाले व्यक्ति बेहतर परिणाम प्राप्त कर सकते हैं। साल 2018 में देशभर में करीब 20 हजार लोगों ने बेरिएट्रिक सर्जरी कराई है।
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नोट: यह लेख मेडिकल जर्नल से एकत्रित जानकारियों और अपोलो दिल्ली में वरिष्ठ बेरिएट्रिक सर्जन डॉ अरुण प्रसाद से बातचीत के आधार पर तैयार किया गया है।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।