मौजूदा समय में दुनियाभर में ज्यादातर स्वास्थ्य समस्याओं के लिए खराब जीवनशैली की आदतों को प्रमुख कारक के तौर पर देखा जा रहा है। आहार से लेकर शारीरिक गतिविधियों में कमी तक, पिछले कुछ वर्षों में हम कई वजहों से ऐसी आदतों को अपनाते जा रहे हैं, जो तमाम तरह की बीमारियों के खतरे को बढ़ा देती हैं। डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर, गठिया और शरीर के अंगों में दर्द के लिए इसे ही प्रमुख कारक के तौर पर देखा जा रहा है। गड़बड़ जीवनशैली और शारीरिक निष्क्रियता के कारण मेटाबॉलिज्म प्रभावित होता है जिसके कारण कई तरह की स्वास्थ्य समस्याओं का जोखिम बढ़ जाता है।
आज का हेल्थ टिप्स: जीवनशैली की ये तीन आदतें बढ़ा सकती हैं डायबिटीज-हृदय रोगों का खतरा, अभी से हो जाएं सावधान
बढ़ती शारिरिक निष्क्रियता
ऑफिस में लंबे समय तक एक जगह पर बैठकर काम करते रहने से लेकर घर में छुट्टी के दिन बेड पर सोते रहने जैसी आदतों ने लोगों में शारिरिक निष्क्रियता को काफी अधिक बढ़ा दिया है। यह आदत कई तरह की स्वास्थ्य समस्याओं का कारण बन सकती है। पर्याप्त शारीरिक गतिविधि न करने से टाइप-2 डायबिटीज होने का खतरा बढ़ सकता है। शारीरिक गतिविधियां, रक्त शर्करा (ग्लूकोज), वजन और रक्तचाप को नियंत्रित करने में मदद करती हैं। शारीरिक गतिविधियों में कमी के कारण बैड कोलेस्ट्रॉल का स्तर भी बढ़ने लगता है जिससे हृदय रोगों का खतरा बढ़ जाता है।
आहार में गड़बड़ी
स्वस्थ शरीर के लिए आहार का स्वस्थ होना सबसे आवश्यक माना जाता है। हालांकि ज्यादातर लोगों में आहार से संबंधित गड़बड़ी की समस्या देखी जा रही है। फैट, कैलोरी और कोलेस्ट्रॉल से भरपूर आहार से आपको मधुमेह होने का खतरा बढ़ जाता है। आहार में गड़बड़ी मोटापा (मधुमेह-हृदय रोगों के लिए एक प्रमुख जोखिम कारक) को तेजी से बढ़ा देती है। स्वस्थ शरीर के लिए आहार में फाइबर और विटामिन्स से भरपूर चीजों को जरूर शामिल करें साथ ही फैट, कोलेस्ट्रॉल, नमक और चीनी की मात्रा कम करें।
पर्याप्त नींद न लेना
अच्छी नींद शारीरिक-मानसिक स्वास्थ्य के लगभग सभी पहलुओं में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। इसमें होने वाली कमी आपको गंभीर रूप से बीमार बना सकती है। नींद पूरी न होने से ब्लड प्रेशर का खतरा बढ़ जाता है जिसके कारण हृदय रोगों की समस्या हो सकती है। इसके अलावा इस आदत के कारण मधुमेह और स्ट्रोक का जोखिम भी बढ़ जाता है। सभी लोगों को रोजाना रात में 6-8 घंटे की नींद जरूर पूरी करनी चाहिए।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्ट्स और स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सुझाव के आधार पर तैयार किया गया है।
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