अमर उजाला फाउंडेशन की पहल: डॉक्टरों ने बताए कैसे करें अपनी इम्यूनिटी की जांच और कैसे बढ़ाएं प्रतिरोधक क्षमता
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कोविड-19 महामारी के दौर में लोग तमाम प्रकार के उपायों को प्रयोग में लाकर खुद को स्वस्थ ऱखने का प्रयास कर रहे हैं। इस समय लोगों का सबसे ज्यादा जोर अपनी इम्यूनिटी को मजबूत करने पर है। इम्यूनिटी मजबूत होने से शरीर कई तरह की बीमारियों से खुद को सुरक्षित करने के योग्य हो जाता है। अमर उजाला फाउंडेशन ने डॉक्टरों से लोगों के मन में आ रहे इम्यूनिटी से जुड़े ऐसे ही सवालों के जवाब जानने की कोशिश की। शाम पांच बजे अमर उजाला के फेसबुक और यूट्यूब चैनल पर लाइव चले कार्यक्रम में देश के जाने-माने डॉक्टर शुचिन बजाज (निदेशक उजाला सिग्नस) और डॉ अमरिंदर सिंह (प्रोफेसर एम्स) ने लोगों के तमाम सवालों के जवाब दिए।
कमजोर इम्यूनिटी की पहचान कैसे की जाए?
लोगों के मन में इस समय अपनी इम्यूनिटी के स्तर को जानने की इच्छा रहती है। यह कैसे जाना जाए कि हमारी इम्यूनिटी कमजोर है या मजबूत, इस सवाल के जवाब में डॉ अमरिंदर सिंह कहते हैं कि आप घर पर ही आसानी से अपनी इम्यूनिटी के स्तर की जांच कर सकते हैं। चोट और घाव का देर से ठीक होना, बार-बार डायरिया या गैस होना, निमोनिया और जुकाम जैसे संक्रमण बार-बार होना कमजोर इम्यूनिटी की पहचान हो सकती है।
इम्यूनिटी कमजोर होने पर क्या करें?
उजाला सिग्नस के निदेशक डॉ शुचिन बजाज बताते हैं कि जिन लोगों की इम्यूनिटी कमजोर हो उन्हें वायरल लोड कम करने का प्रयास करना चाहिए। इसके लिए भाप और गर्म पानी लें। यदि वायरस फेफड़ों में पहुंच जाए तो उन योग और व्यायामों को प्रयोग में लाएं जो फेफड़ों को स्वस्थ रखने में मदद करते हों। खाने के प्लेट में विभिन्न रंग वाली सब्जियों को शामिल करें, इससे शरीर को लाभ मिलता है।
इम्यूनिटी को कैसे बढ़ाएं?
डॉ अमरिंदर सिंह बताते हैं कि इम्यूनिटी को बढ़ाने के लिए अपने खान-पान पर विशेष ध्यान दें। नमक, मैदा और चीनी का सेवन कम से कम करें। बिना तड़के वाली सब्जियों के सेवन को बढ़ाएं। नियमित रूप से योग-व्यायाम करें और 6 से 8 घंटे तक नींद जरूर लें।