अल्जाइमर तेजी से बढ़ती गंभीर न्यूरोलॉजिकल विकारों में से एक है, 60 साल से अधिक आयु के लोगों में यह समस्या अधिक देखी जाती रही है। हालांकि अल्जाइमर रोग, अब भी कई मामलों में पहेली की तरह ही है। वैज्ञानिक अभी भी अल्जाइमर रोग के कारण को ठीक से समझ नहीं पाए हैं, यही कारण है कि इसका कोई विशिष्ट उपचार भी नहीं है। अक्सर उम्र बढ़ने के साथ याददाश्त में होने वाली कमी को ही अल्जाइमर मान लिया जाता है, हालांकि यह दोनों स्थितियां भी अलग है। इन्हीं सब के बारे में लोगों को जागरूक करने और इस बीमारी के रोकथाम के उद्देश्य से हर साल 21 सितंबर को वर्ल्ड अल्जाइमर डे मनाया जाता है।
Alzheimer's day: कहीं आप भी न हो जाएं अल्जाइमर के शिकार? अभी से इन बातों का ध्यान रखकर इस बीमारी से करें बचाव
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
उम्र बढ़ने के साथ होने वाली याददाश्त में कमजोरी से अलग है अल्जाइमर
डॉक्टर्स कहते हैं, सामान्यतौर पर अल्जाइमर्स और उम्र बढ़ने के साथ होने वाली याददाश्त की कमजोरी को एक ही मान लिया जाता है, हालांकि दोनों स्थितियों का निदान अलग-अलग तरीके से किया जाता है। उम्र बढ़ने के साथ होने वाली याददाश्त की कमजोरी में आप चीजों को भूल सकते हैं, पर अल्जाइमर रोग की स्थिति में चीजों के साथ लोगों के नाम तक भूल जाते हैं। इस स्थिति में आपके लिए उन कामों को करने में भी कठिनाई होने लगती है जिसे पहले आसानी से किया करते थे, जैसे कंप्यूटर पर काम करना, ओवन में खाना गर्म करना आदि। अल्जाइमर रोग सीधे जीवन की गुणवत्ता को प्रभावित करने वाली समस्या है।
अल्जाइमर रोग का खतरा किन्हें अधिक?
डॉक्टर्स कहते हैं, कुछ स्थितियां हैं जो आपमें इस रोग का खतरा बढ़ा सकती हैं, इस जोखिम को समझते हुए सभी लोगों को बचाव के उपाय करते रहने चाहिए। उम्र इसमें सबसे महत्वपूर्ण कारक है। आपके 65 वर्ष के होने के बाद हर 5 साल में अल्जाइमर रोग विकसित होने की आशंका दोगुनी हो जाती है। लेकिन केवल वृद्ध लोगों में ही नहीं है कम उम्र वालों में भी इसका जोखिम बढ़ता देखा गया है। हालिया रिपोर्ट बताते हैं कि 20 में से 1 रोगी 60 वर्ष से कम उम्र के हैं।
अल्जाइजर रोग से बचाव के लिए क्या करें?
डॉक्टर्स कहते हैं अल्जाइमर के बारे में अध्ययनों में चूंकि बहुत स्पष्ट समझा नहीं जा सका है हालांकि कुछ बातों का विशेष ध्यान रखकर भविष्य में इस प्रकार के रोग के जोखिम को कम करने में मदद मिल सकती है। कम उम्र से ही इन बातों को लेकर सावधानी बरतना आपको गंभीर स्वास्थ्य जोखिम से बचा सकता है।
- धूम्रपान-अल्कोहल से बचें, ये आदतें आपमें जोखिम को बढ़ा सकती हैं।
- उच्च रक्तचाप, उच्च कोलेस्ट्रॉल और मधुमेह को नियंत्रित रखें।
- संतुलित आहार जैसे सब्जियों, फलों और लीन प्रोटीन से भरपूर चीजों का सेवन करें। ओमेगा -3 फैटी एसिड को फायदेमंद माना जाता है।
- एरोबिक व्यायाम में दिनचर्या में शामिल करें, योग-मेडिटेशन भी कारगर माने जाते हैं।
- वजन को कंट्रोल में रखें।
- अपने मानसिक स्वास्थ्य का ध्यान रखें।
- सिर की चोट से बचें।
क्या है विशेषज्ञों की सलाह
डॉक्टर्स कहते हैं, कोविड-19 संक्रमण ने कई तरह की बीमारियों के जोखिम को काफी अधिक बढ़ा दिया है। कुछ शोध संक्रमण से ठीक हो चुके लोगों में अल्जाइमर के अधिक खतरे को लेकर भी इशारा करते हैं। इन बातों को गंभीरता से लेते हुए ध्यान रखें कि यदि आपको हाल ही में कोविड-19 का संक्रमण रहा है तो ठीक होने के बाद एक बार डॉक्टर से मिलकर अपनी स्थिति की जांच करा लें, जिससे खतरे को समझा जा सके। थोड़ी सी सावधानी बरतना, जीवनशैली को ठीक रखना आपको इस गंभीर रोग से बचा सकता है।
---------------
स्रोत और संदर्भ
What Is Alzheimer's Disease? | National Institute on Aging
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।