दुनियाभर में पिछले दो साल से अधिक समय से कोरोना का संक्रमण लगातार जारी है। आंकड़ों पर नजर डालें तो अब तक 30 करोड़ से ज्यादा लोग कोरोना की चपेट में आ चुके हैं, जबकि 54 लाख से अधिक लोगों की इससे मौत गई है। कोरोना के डेल्टा जैसे वैरिएंट्स को काफी घातक माना जाता है, यह संक्रमितों में गंभीर समस्याओं का कारण बन सकते हैं। इस बीच एक हालिया अध्ययन में वैज्ञानिकों ने बताया कि कोरोना काल में संक्रमण के अलावा कुछ अन्य कारणों से मौत के मामलों में इजाफा देखने को मिला है। इस दौरान शराब के सेवन की बढ़ी आदतों को उनमें से एक माना जा रहा है।
सावधान: कोरोना काल में संक्रमण के अलावा इस आदत ने बढ़ा दिया है मौत का जोखिम, अध्ययन में बड़ा खुलासा
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कोरोना काल में बढ़ी शराब की खपत
हार्वर्ड से संबंधित मैसाचुसेट्स जनरल हॉस्पिटल के शोधकर्ताओं द्वारा किए गए अध्ययन में पाया गया कि जिस तरह से महामारी के दौरान शराब के सेवन में वृद्धि देखी गई है, उससे आशंका है कि अगले साल तक इस वजह से 100 से अधिक लोगों की मौत और 2,800 से अधिक लोगों में लिवर फेलियर के मामले सामने आ सकते हैं। शोधकर्ताओं का कहना है कि एक साल से अधिक समय तक शराब के सेवन के कारण मृत्यु दर में 19 से 35 फीसदी तक की वृद्धि की आशंका बढ़ जाती है।
क्या कहता है विश्व स्वास्थ्य संगठन?
दुनियाभर में हुए तमाम अध्ययनों में वैज्ञानिक शराब के सेवन को लिवर की बीमारियों और इसके कारण होने वाली मौत का प्रमुख कारण मान रहे हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) का कहना है कि शराब के सेवन से विश्व स्तर पर हर साल 30 लाख लोगों की मौत होती है। इसके अलावा लाखों लोगों को स्वास्थ्य संबंधी कई गंभीर जटिलताओं का सामना करना पड़ता है। कुल मिलाकर वैश्विक स्तर पर होने वाली गंभीर बीमारियों में करीब 5 फीसदी के लिए शराब के सेवन को प्रमुख कारण माना जा सकता है। 15 से 49 की आयु के लोगों में समय से पहले मृत्यु और विकलांगता के लिए भी शराब प्रमुख जोखिम कारक है।
शराब के कारण बढ़ रही है लिवर की बीमारी
शराब और स्वास्थ्य पर साल 2018 की डब्ल्यूएचओ वैश्विक स्थिति रिपोर्ट के अनुसार, 2016 में भारत में प्रति व्यक्ति शराब की खपत 5.7 लीटर थी। रिपोर्ट में कहा गया है यह तेजी से लोगों में लिवर संबंधी बीमारियों के जोखिम को बढ़ाती जा रही है। साल 2018 में भारत में लीवर की बीमारी से होने वाली मौतों की संख्या 264,193 तक पहुंच गई थी। कोरोना काल में बढ़े शराब के सेवन के कारण यह आंकड़ा और अधिक होने की आशंका है।
क्या है अध्ययन का निष्कर्ष
एमजीएच इंस्टीट्यूट फॉर टेक्नोलॉजी असेसमेंट में डेटा विश्लेषक और अध्ययन के प्रमुख लेखक जोवन जूलियन कहते हैं, कोरोना के कारण कई तरह के दीर्घकालिक जोखिमों का खतरा भी बढ़ गया है। इसके साथ इस दौरान बढ़े शराब के सेवन ने स्वास्थ्य के लिए एक और बड़ी चुनौती खड़ी कर दी है। शराब की लत हमेशा एक गंभीर विषय रही है, लोगों को इसके सेवन से दूर रखने में मदद करने के लिए कई पहल भी की गई हैं। आने वाले वर्षों में इस एक आदत के कारण लिवर संबंधी गंभीर मामले और इससे संबंधित मौत में इजाफा हो सकता है।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्ट्स के आधार पर तैयार किया गया है।
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