देश में कोरोना संक्रमण के मामले रोजाना बढ़ रहे हैं। ऐसे में सावधान रहना बेहद जरूरी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी पिछले दिनों अपने संबोधन में कहा था कि जबतक दवाई नहीं, तबतक ढिलाई नहीं। बता दें कि देश में कोरोना की वैक्सीन आने में अभी देर है। लॉकडाउन भले ही खत्म हो चुका हो, लेकिन अब भी घरों से बाहर निकलने पर संक्रमण का खतरा बना हुआ है। शॉपिंग के लिए बाहर निकलना, होटल या रेस्तरां में खाना खाने वालों को कोरोना संक्रमण का ज्यादा जोखिम है। हार्वर्ड के शोधकर्ताओं की एक रिपोर्ट के अनुसार उन्हें हवाई जहाज में यात्रा करने वाले किसी व्यक्ति की तुलना में संक्रमण का ज्यादा खतरा है।
कोरोना संक्रमण: हवाई यात्रा करनेवालों को शॉपिंग करने या खाना खाने बाहर जानेवालों से भी कम खतरा
दरअसल, हार्वर्ड टीएच चैन स्कूल ऑफ पब्लिक हेल्थ के वैज्ञानिकों ने इस सप्ताह 'एविएशन पब्लिक हेल्थ इनिशिएटिव' नाम से एक अध्ययन प्रकाशित किया। इसमें उन्होंने दावा किया है कि अगर यात्रियों को कोरोना संबंधी सावधानियों और उपायों का पालन करने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है, तो उन्हें कोविड संक्रमण होने की दर में भारी कमी हो सकती है।
कोरोना संक्रमण के प्रसार को रोकने के लिए दिशानिर्देश बताए गए हैं, जिनमें
- साबुन के साथ हाथों की लगातार धुलाई
- हर समय मास्क पहनना
- विमान और हवाई अड्डे में निरंतर वेंटिलेशन और एयरफ्लो सुनिश्चित करना
- नियमित रूप से विमानों की सफाई करना
- स्वच्छता का ख्याल रखना
आदि शामिल हैं।
इस अध्ययन में कहा गया है कि अगर इन दिशानिर्देशों का पालन किया जाता है। तो हवाई यात्रा करने वाले लोगों को किराना सामानों की खरीदारी करने या बाहर खाना खाने, या महामारी के दौरान अन्य नियमित गतिविधियां करने वाले लोगों की तुलना में कोरोना संक्रमण होने का कम खतरा होता है। अध्ययन में यह भी कहा गया है कि शिक्षा और जागरूकता भी कोरोना प्रसार को नियंत्रित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
इस अध्ययन में कहा गया है कि एयरलाइंस और हवाई अड्डे जनता को उन कार्यों के बारे में सूचित करने के लिए अभियान चला रहे हैं, जो वे अपनी यात्रा पर बीमारी के संचरण को कम करने के लिए कर सकते हैं। इन प्रयासों में चेक-इन, बोर्डिंग और विमान में बुकिंग के समय सार्वजनिक स्वास्थ्य सुरक्षा जानकारी शामिल है। यह भी सलाह दी गई है कि केबिन क्रू को संभावित रूप से संक्रमितों की पहचान करने के लिए प्रशिक्षण दिया जाना चाहिए।