अगर आपको बार-बार एसिडिटी हो रही है और इससे राहत नहीं मिल रही है, तो अपनी खानपान की आदतों में कुछ अहम बदलाव करके इस समस्या से छुटकारा पाया जा सकता है। एसिडिटी आमतौर पर गलत खानपान, तनाव और अनियमित जीवनशैली के कारण होती है। यहां कुछ असरदार टिप्स दिए गए हैं, जो आपकी फूड हैबिट्स को सुधारकर एसिडिटी की समस्या को कम करने में मदद करेंगे।
Acidity Problem: एसिडिटी का अटैक बार-बार? डाइट में लाएं ये आसान बदलाव और तुरंत मिलेगा आराम
Digestive Problems: एसिडिटी आमतौर पर गलत खानपान, तनाव और अनियमित जीवनशैली के कारण होती है। यहां कुछ असरदार टिप्स दिए गए हैं, जो आपकी फूड हैबिट्स को सुधारकर एसिडिटी की समस्या को कम करने में मदद करेंगे।
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खानपान की आदतों में करें ये बदलाव
खाने का समय तय करें
- रोजाना एक ही समय पर भोजन करें।
- लंबे समय तक भूखे न रहें।
- दिन में छोटे-छोटे मील्स लें (हर 2-3 घंटे में हल्का-फुल्का खाएं)।
2. भारी और तला-भुना खाना न खाएं
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ज्यादा मसालेदार, तला-भुना और ऑयली फूड एसिडिटी को बढ़ा सकता है।
- इसके बजाय हल्का, उबला हुआ और कम मसाले वाला खाना खाएं।
3. कैफीन और कोल्ड ड्रिंक्स से बचें
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चाय, कॉफी, कोल्ड ड्रिंक्स और सोडा जैसी चीजों से परहेज करें।
- इनके बजाय हर्बल टी या गुनगुना पानी पिएं।
4. खाने के तुरंत बाद न लेटें
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भोजन के बाद कम से कम 30-40 मिनट तक सीधे बैठें।
- लेटने से पेट का एसिड ऊपर आ सकता है, जिससे एसिडिटी बढ़ती है।
5. फाइबर युक्त आहार को अपनाएं
- हरी सब्जियां, फल, साबुत अनाज और सलाद का सेवन करें।
- फाइबर पाचन को बेहतर बनाता है और एसिडिटी से राहत देता है।
6. अल्कलाइन फूड्स को डाइट में शामिल करें
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केला, खीरा, तरबूज, नारियल पानी और पपीता जैसे फल एसिडिटी को कम करने में मदद करते हैं।
- ये पेट के एसिड को बैलेंस करते हैं और पाचन को आसान बनाते हैं।
7. पानी की मात्रा बढ़ाएं
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दिनभर में कम से कम 8-10 गिलास पानी पिएं।
- पानी शरीर से विषाक्त पदार्थों को बाहर निकालकर एसिडिटी को कम करता है।
8. अदरक और तुलसी का सेवन करें
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अदरक और तुलसी के पत्ते चबाने से एसिडिटी से राहत मिलती है।
- अदरक में एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं, जो पाचन तंत्र को शांत करते हैं।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।