आप क्या खाते हैं, यह आपके स्वास्थ्य के लिए बहुत महत्वपूर्ण कड़ी होती है। स्वस्थ आहार शरीर को पोषण देता है जबकि तले-भुने या जंक फूड्स का सेवन करना पेट खराबी के साथ शरीर को कई तरह से और नुकसान पहुंचा सकता है। कई बार भोजन के बाद खाना गले तक आ जाता है, इसके कारण सीने में जलन और कई बार नाक तक में यह एसिड आ सकता है। यह एक अजीब सा एहसास होता है, जिसमें गले में भोजन के एसिडिक रूप में आने से जलन और असहजता भी होने लगती है। यह स्थिति एसिड रिफ्लक्स कहलाती है। आमतौर पर यह सामान्य घरेलू तरीकों से ठीक भी हो सकती है, लेकिन अगर ऐसा बार-बार होता है तो जरूरी है कि डॉक्टर से सलाह ली जाए।
सेहत की बात: क्या आप भी एसिड रिफ्लक्स की समस्या से हैं परेशान? जानिए इसके कारण और बचाव के तरीके
क्यों होती है एसिड रिफ्लक्स की समस्या?
वैसे तो यह समस्या आहार में गड़बड़ी के कारण होती है, वहीं कई बार इसोफैगस का निचला हिस्सा कमजोर या क्षतिग्रस्त होने से भी यह समस्या हो सकती है। जो भी भोजन आप खाते हैं वह पेट में जाकर, एसिड की उस मात्रा को प्रभावित करता है जो पेट में पैदा होता है। अगर आप अधिक एसिड पैदा करने वाला भोजन करते हैं तो पेट में एसिड का यह संतुलन गड़बड़ हो सकता है, जो एसिड रिफ्लक्स का कारण बन सकती है।
एसिड रिफ्लक्स की समस्या को कैसे ठीक करें?
एसिड रिफ्लक्स यानी आम भाषा में गचरकी आने की समस्या के पीछे भोजन में गड़बड़ी को मुख्य कारण माना जाता है। ऐसे में खान-पान में बदलाव आपको राहत दे सकता है। आइए इस बारे में जानते हैं।
- फल और सलाद का सेवन दिन में कम के कम एक बार जरूर करना चाहिए। इससे भरपूर फाइबर भी शरीर को मिलेगा और आपके पाचन को आसान बनाने में भी यह मदद करेगा।
- सब्जियों में प्राकृतिक रूप में फैट्स और शर्करा की मात्रा कम होती है। इनका प्रयोग ज्यादा पकाकर न करें। मतलब देर तक आग पर पकाने की बजाय सब्जियों को उनके असली स्वरूप में रखकर खाएं (कच्चा नहीं)।
- भोजन में बहुत अधिक तेल और मसालों का प्रयोग न करें। सब्जियों की ग्रेवी के लिए कम तेल में ताजा टमाटर, अदरक पेस्ट आदि का अधिक प्रयोग करें, बजाय लाल मिर्च या अन्य मसालों के। यदि आपको जीईआरडी की समस्या है तो टमाटर का प्रयोग भी कम से कम करें।
- डीप फ्राई की जगह चीजों को भाप में पककर सेवन करना फायदेमंद हो सकता है।
- बाजार के अचार या सॉस की जगह घर का अचार, ताजी चटनी, आदि का उपयोग करें। साथ ही डब्बाबंद चिप्स व स्नैक्स, चीज, क्रीम, फ्रेंच फ्राइज़, पकौड़े आदि से भी दूर रहें।
- प्याज़, लहसुन, चॉकलेट, मिंट, आदि का प्रयोग भी कम करें।
इन बातों का रखें विशेष ध्यान
- अगर एसिड रिफ्लक्स की समस्या है तो अपने ट्रिगर का पूरा ध्यान रखें। मतलब कौन सा भोजन या खाद्य पदार्थ खाने पर आपको दिक्कत होती है ये जानें।
- ओट्स, अलसी, अखरोट जैसी चीजों के साथ ही ऑलिव ऑइल, तिल का तेल और सनफ्लावर ऑइल का प्रयोग ज्यादा करें।
- यदि समस्या बार बार हो तो डॉक्टर से सलाह जरूर लें। स्मोकिंग और अल्कोहल बन्द कर दें। नियमित व्यायाम करें। भोजन कभी भी जल्दी जल्दी में न करें। भोजन के तुरन्त बाद सोएं नहीं। सोते समय एसिड रिफ्लक्स के लक्षणों से बचाव के लिए अपने सिरहाने को थोड़ा ऊंचा रखें।
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