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Diwali 2020: ग्रीन और सेफ वॉटर रिलीजर पटाखों से मनेगी प्रदूषण मुक्त दिवाली
Sat, 14 Nov 2020 02:04 AM IST
तेजस्वी मेहता
लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: तेजस्वी मेहता
Updated Sat, 14 Nov 2020 02:04 AM IST
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : pexels.com
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कुछ लोगों के लिए दिवाली का पर्व पटाखों से ही होता है। वैसे तो पिछले सालों में पूरे देश में प्रदूषण काफी बढ़ गया है लेकिन दिवाली के समय चूंकि अधिकतर लोग पटाखे छोड़ते हैं तो इसमें और भी वृद्धि होती है, जो कि चिंता का विषय है। वायु प्रदूषण से कई लोगों की सेहत पर भी असर पड़ता है इसलिए कई लोगों ने तो पटाखे छोड़ना ही बंद कर दिया है। लेकिन इस दिवाली मन मारने की कोई आवश्यकता नहीं है क्योंकि पटाखे भी छोड़े जा सकते हैं और प्रदूषण को भी नियंत्रण में रखा जा सकता है। बाजार में सेफ वॉटर रिलीजर और ग्रीन पटाखे आ चुके हैं, जिनसे प्रदूषण भी नहीं होगा, साथ ही यह दाम में भी सस्ते हैं।
crackers
- फोटो : pexels.com
-सेफ वॉटर रिलीजर
इन पटाखों की यह खासियत होती है कि जब इन्हें छोड़ा जाता है तो खतरनाक गैस का उत्सर्जन नहीं होता है। जब यह फूट जाते हैं, तो इनमें से पानी की भाप निकलने लगती है। इनकी ध्वनि तीव्रता 110-115 डेसिबल की सीमा में होती है। इनमें एल्यूमीनियम का बहुत कम उपयोग होता है, इस वजह से यह पर्यावरण को नुकसान नहीं पहुंचाते।
इन पटाखों की यह खासियत होती है कि जब इन्हें छोड़ा जाता है तो खतरनाक गैस का उत्सर्जन नहीं होता है। जब यह फूट जाते हैं, तो इनमें से पानी की भाप निकलने लगती है। इनकी ध्वनि तीव्रता 110-115 डेसिबल की सीमा में होती है। इनमें एल्यूमीनियम का बहुत कम उपयोग होता है, इस वजह से यह पर्यावरण को नुकसान नहीं पहुंचाते।
प्रतीकात्मक तस्वीर
-ग्रीन पटाखे
ग्रीन पटाखे सामान्य पटाखों की तरह ही दिखाई देते हैं। इन पटाखों को जलाने पर आवाज भी सामान्य पटाखों जैसी ही निकलती है। बस अंतर इतना है कि सामान्य पटाखों को जलाने पर नाइट्रोजन और सल्फर गैस भारी मात्रा में निकलती हैं जो कि हमारे वायुमण्डल के लिए बहुत हानिकारक हैं। वहीं ग्रीन पटाखों को जलाने पर इन हानिकारक गैसों में 40 से 50 फीसदी तक कमी हो जाती है।
ग्रीन पटाखे सामान्य पटाखों की तरह ही दिखाई देते हैं। इन पटाखों को जलाने पर आवाज भी सामान्य पटाखों जैसी ही निकलती है। बस अंतर इतना है कि सामान्य पटाखों को जलाने पर नाइट्रोजन और सल्फर गैस भारी मात्रा में निकलती हैं जो कि हमारे वायुमण्डल के लिए बहुत हानिकारक हैं। वहीं ग्रीन पटाखों को जलाने पर इन हानिकारक गैसों में 40 से 50 फीसदी तक कमी हो जाती है।
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : सोशल मीडिया
-इन पटाखों के दाम
सेफ वॉटर रिलीजर पटाखे सामान्य पटाखों के मुकाबले भी सस्ते हैं। बाजार में सामान्य पटाखे सेफ वॉटर रिलीजर के मुकाबले 15-20 फीसदी महंगे हैं। इस वजह से भी इन्हें खरीदना लाभदायक है। वहीं सामान्य पटाखों के मुकाबले ग्रीन पटाखे थोड़े महंगे हैं। इनकी कीमत साधारण पटाखों से दोगुनी है लेकिन पर्यावरण और स्वास्थ्य को ध्यान में रखें तो यही पटाखे खरीदना सही रहेगा।
सेफ वॉटर रिलीजर पटाखे सामान्य पटाखों के मुकाबले भी सस्ते हैं। बाजार में सामान्य पटाखे सेफ वॉटर रिलीजर के मुकाबले 15-20 फीसदी महंगे हैं। इस वजह से भी इन्हें खरीदना लाभदायक है। वहीं सामान्य पटाखों के मुकाबले ग्रीन पटाखे थोड़े महंगे हैं। इनकी कीमत साधारण पटाखों से दोगुनी है लेकिन पर्यावरण और स्वास्थ्य को ध्यान में रखें तो यही पटाखे खरीदना सही रहेगा।