आपने कई बार घर के बड़े बुजुर्गों को यह कहते सुना होगा कि घर की पहली रोटी को हमेशा अलग निकालकर रखना चाहिए। कोई इसे गाय को खिलाता है तो कोई कुत्ते को। शास्त्रों के मुताबिक, घर की पहली रोटी को हमेशा अलग निकालकर रखना चाहिए।
अलग निकाली हुई रोटी के चार बराबर टुकड़े करें और फिर एक टुकड़ा गाय को और दूसरा काले कुत्ते को खिलाएं। बचे दो टुकड़ों में से एक कौए को खिलाने के लिए छत पर डाल दें और एक को घर के आस-पास के चौराहे पर रख दें। अब आप सोच रहे होंगे ऐसा क्यों किया जाता है, तो आपको बता दें, इन चारों चीजों का संबंध पितृगणों से माना गया है। ऐसे करने से पितृगण प्रसन्न होते हैं और आपकी सारी परेशानी दूर हो जाती है।
शास्त्रों के मुताबिक, दिवाली के दिन, घर की पहली रोटी गाय को खिलानी चाहिए। इस दिन घर की पहली रोटी बस बननी ही गाय के लिए चाहिए। इसके बाद घर के लोगों के लिए रोटी बनानी चाहिए।
हिन्दू धर्म में गाय को पूजनीय माना जाता है। शास्त्रों में बताया गया है कि गाय में 33 करोड़ देवी-देवता वास करते हैं। जब हम दिवाली के दिन घर की पहली रोटी गाय को खिलाते हैं तो इसका मतलब होता है सभी देवी देवताओं को रोटी खिलाना। ऐसा करने से उस व्यक्ति की सारी मनोकामना पूरी होती है और घर में खुशी और समॉद्धि आती है। इसलिए दिवाली के दिन घर की पहली रोटी गाय को जरूर खिलानी चाहिए।
दिवाली के दिन के अलावा भी पहली रोटी निकालकर रखें। अगर आपके घर में बहुत लड़ाई झगड़े रहते हैं तो शनिवार के दिन पहली रोटी किसी कुत्ते को खिलाए। ऐसा करने से परिवार में हो रहे मतभेद दूर हो जाएंगे और घर में सुख-शांती रहने लगेगी।