फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Lifestyle ›   5 Interesting Facts About Chhath Puja 2024 kab Hai Date Time Shubh Muhurat

Chhath Puja 2024: आज से शुरू हो रही है छठ पूजा, जानें महापर्व से जुड़ी रोचक बातें

Tue, 05 Nov 2024 07:39 AM IST
शिवानी अवस्थी लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: शिवानी अवस्थी Updated Tue, 05 Nov 2024 07:39 AM IST
सार

छठ पूजा को सूर्य षष्ठी ,छठ पर्व डाला पूजा, डाला छठ और छठी के नाम से भी जाना जाता है।  माना जाता है कि छठी माता की पूजा से सभी मनोकामना पूरी होती है।  चलिए जानते हैं इस पर्व से जुड़ी कुछ रोचक बातें ।
 

विज्ञापन
5 Interesting Facts About Chhath Puja 2024 kab Hai Date Time Shubh Muhurat
Chhath Puja 2024 - फोटो : Amar Ujala

विस्तार

रूबी शुक्ला

विज्ञापन


Chhath Puja 2024 : 
छठ पूजा वैसे तो बिहार और पूर्वांचल का त्योहार है, लेकिन अब ये त्योहार धीरे-धीरे वैश्विक तौर पर मनाया जाने लगा है। चार दिन चलने वाला ये त्योहार हर साल कार्तिक मास की शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि को मनाया जाता है। इसकी शुरुआत दिवाली के छह दिन बाद होती है। महिलाएं ये व्रत अपने संतान की सुख शांति और लंबी उम्र के लिए करती हैं। इस साल छठ पूजा की शुरुआत 5  नवंबर से हो रही है जो कि 8 नवंबर तक की जाएगी। इस त्योहार की शुरुआत नहाय खाय से होती है। इसके बाद दूसरे दिन खरना होता है।  तीसरे दिन संध्या अर्घ्य और चौथे दिन सूर्योदय होते समय सुबह सूर्यदेव को अर्घ्य देकर व्रत को पूरा किया जाता है।

छठ पूजा को सूर्य षष्ठी ,छठ पर्व डाला पूजा, डाला छठ और छठी के नाम से भी जाना जाता है।  माना जाता है कि छठी माता की पूजा से सभी मनोकामना पूरी होती है। चलिए जानते हैं इस पर्व से जुड़ी कुछ रोचक बातें ।
विज्ञापन

 
छठ पूजा से जुड़ी कुछ रोचक बातें
 

  • छठ पूजा में मुख्य रूप से सूर्य देवता और छठी माता की पूजा की जाती है।  
  • माना जाता है कि छठ पूजा करने से सभी मनोकामना पूरी होती होती है।
  • ये व्रत चार दिनों का होता है और ये सबसे कठिन व्रत माना जाता है।  
  • पौराणिक कथाओं के अनुसार छठी माता ब्रह्मा जी की मानस पुत्री माना जाता है।
  • बच्चों की छठी में छठी माता की पूजा की जाती है, जिससे कि बच्चे की उम्र लंबी हो और बच्चा स्वस्थ रहता है।
  • माना जाता है कि सबसे पहले छठी माता की पूजा माता सीता ने की थी ।
  • इस व्रत को महिलाएं संतान प्राप्ति के लिए भी करती हैं और अपनी संतान की सुख शांति लंबी उम्र के लिया ये व्रत किया जाता है।  
  • विज्ञापन
    विज्ञापन
  • इस पूजा के लिए पास की नदी के घाटों को बेहद सुन्दर तरीके सजाया जाता है ।
  • इस दिन महा प्रसाद में ठेकुआ बनाया जाता है इसके साथ और भी बहुत से पकवान बनाए जाते हैं।
  • सबसे प्राचीन या पुराने त्योहारों में से एक है, जिसे पीढ़ी दर पीढ़ी मनाया जाता है।
  • इस पूजा के समय बहुत ही शुद्धता बरतनी पड़ती है, इसमें बहुत ही संयम के साथ रहना पड़ता है।
  • इसमें विशेष भोजन और वस्तुओं की आवश्यकता होती है और त्योहारों की तुलना में इसमें कुछ अलग भोग बनता है। इसमें गुड़ की खीर, घिया चने की सब्जी चावल, गुझिया, मिठाईयां, फल और सब्जी जैसे पकवान बनाए जाते हैं।
  • नई फसल और फसलों से बने भोजन को सूर्यदेव और छठी माता को भोग लगाते हैं।
  • छठ पर्व भारत ही नहीं विदेशों में भी मनाया जाता है। फिजी, मॉरीशस, त्रिनिदाद और टोबैगो आदि देशों भी अपनी सभ्यताओं और रीति-रिवाजों के अनुसार सूर्य की पूजा की जाती है।
  • बहुत कम लोग जानते हैं कि छठ साल में दो बार मनाया जाता है। पहला चैत्र शुक्ल षष्ठी होली के कुछ दिनों के बाद  और दूसरा कार्तिक माह की शुक्ल षष्ठि को यानी कि दिवाली के कुछ दिन बाद।
विज्ञापन
विज्ञापन

सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें  लाइफ़ स्टाइल से संबंधित समाचार (Lifestyle News in Hindi), लाइफ़स्टाइल जगत (Lifestyle section) की अन्य खबरें जैसे हेल्थ एंड फिटनेस न्यूज़ (Health  and fitness news), लाइव फैशन न्यूज़, (live fashion news) लेटेस्ट फूड न्यूज़ इन हिंदी, (latest food news) रिलेशनशिप न्यूज़ (relationship news in Hindi) और यात्रा (travel news in Hindi)  आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़ (Hindi News)।  

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed