UPSC Toppers: देश की सबसे कठिन परीक्षा में शीर्ष पर आने के लिए खुद पर भरोसा, कड़ी मेहनत और दृढ़ संकल्प ही सफलता का मूल मंत्र है। टॉप-6 रैंक पाने वाले उम्मीदवारों ने इसे ही सफलता की कुंजी बताया। शुरुआती असफलता के बावजूद बिना किसी भटकाव के लक्ष्य प्राप्ति की लालसा और उसके लिए निरंतर मेहनत से आज उनका और उनके परिवार का नाम देश में गौरव हासिल कर रहा है।
UPSC Result 2025: जुनून और जज्बे से रची सफलता की कहानी, जानिए टॉपर्स ने कैसे की हर चुनौती पार
UPSC Toppers 2025: हर साल लाखों अभ्यर्थी यूपीएससी की परीक्षा में सफलता पाने का सपना देखते हैं, लेकिन मंजिल उन्हीं को मिलती है जो पूरी लगन, धैर्य और रणनीति के साथ तैयारी करते हैं। यूपीएससी परिणाम में भी कुछ ऐसे ही होनहार युवाओं ने अपनी मेहनत से सफलता की ऊंचाइयों को छू लिया है। आइए जानें, इन टॉपर्स ने कैसे की परीक्षा की तैयारी और किन चुनौतियों को पार कर रचा अपना सपना।
शक्ति दुबे
मां प्रेमा देवी बोलीं, बेटी हमेशा सोशल मीडिया से दूर रही। मोबाइल फोन का इस्तेमाल भी बहुत जरूरत पड़ने पर करती थी। शक्ति बहुत संवेदनशील हैं। उन्हें कविताएं लिखने का भी शौक है।
शक्ति ने इलाहाबाद यूनिवर्सिटी से ग्रेजुएशन और बीएचयू से पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई बायोकेमिस्ट्री विषय से की है। उन्होंने स्नातक और पीजी दोनों ही परीक्षाओं में गोल्ड मेडल हासिल किया है। शक्ति की जुड़वा बहन और बड़े भाई भी यूपीएससी की तैयारी कर रहे हैं।
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बिना कोचिंग के करिश्मा मोबाइल से रखी दूरी
यूपीएससी सिविल सेवा की टॉपर शक्ति दुबे के पिता सब इंस्पेक्टर देवेंद्र दुबे ने बताया कि बेटी ने बिना कोचिंग के यह करिश्मा कर दिखाया। पढ़ाई के लिए उसकी प्रतिबद्धता और अनुशासन ने प्रयागराज ही नहीं पूरे देश में परिवार का गौरव बढ़ाया।
2023 की सिविल सेवा परीक्षा में वह इंटरव्यू तक पहुंची थी लेकिन सफल नहीं हुई। इससे निराश न होकर उसने इस बार दोगुने उत्साह के साथ तैयारी की और शानदार प्रदर्शन किया।
साहस, जिज्ञासा और प्रतिबद्धता से बजाया कामयाबी का डंका
हर्षिता गोयल
सीए से सिविल सेवक बनने का सपना पूरा किया। मैं हमेशा से राष्ट्र निर्माण और अंतरराष्ट्रीय संबंधों के क्षेत्र में आगे बढ़ना चाहती थी। सिविल सेवा की तैयारी में सीए की पढ़ाई ने मुझे विश्लेषणात्मक आधार दिया।
हर्षिता ने पढ़ाई के दौरान तनाव दूर करने के लिए समय मिलने पर पेंटिंग के शौक को जिंदा रखा। हर्षिता की दूसरी रैंक उनके साहस, जिज्ञासा और प्रतिबद्धता की दास्तां बयान करती है।
यूपीएससी की तैयारी करने वालों से यही कहूंगी कि मुश्किलें राह में आएंगी पर कदम न डगमगाएं।
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सुगंध नगरी के मयंक, बहादुरगढ़ के आदित्य चमके
बहादुरगढ़ के आदित्य व सुगंध नगरी कन्नौज के मयंक त्रिपाठी ने क्रमश: 9वीं व 10वीं रैंक हासिल किया है। आदित्य का यह 5वां प्रयास था, जबकि मयंक पिछले साल 373वीं रैंक पाकर इनकम टैक्स के असिस्टेंट कमिश्नर पद का प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं।