ISIS की सेक्स गुलाम रही नादिया बनीं UN की गुडविल एम्बेसडर, बयां की दर्दनाक दास्तां
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2014 में आईएस ने नादिया को अपने चंगुल में फंसाया था और वह उस समय वह 19 साल की थी। नादिया ने बताया कि गैर-मुस्लिम यहूदी समुदाय की होने की वजह से उसे हद से ज्यादा प्रताड़ित किया जाता था।
नादिया के सााथ साथ उसके पूरे परिवार को आईएस ने गुलाम बनाया था। नादिया अपने और परिवार के ऊपर किए गए जुल्मों का जिक्र भी करते हुए डर जाती है। लेकिन उसने एक दर्दनाक खुलासा किया है। एनडीटीवी के अनुसार नादिया ने बताया कि उसकी आंखों के सामने आईएस ने उसके मां-बाप का कत्ल किया।
एक बार एक साथ छह लोगों ने किया रेप
गुलामी में नादिया का कई बार रेप किया गया, साथ ही बेरहमी से पीटा भी गया। इस बीच अपने आप को आईएस के चंगुल से बचाने की नादिया ने कोशिश की। लेकिन, उसे यह भारी पढ़ गया क्योंकि जब उसने भाग निकलने की कोशिश की तो छह लोगों ने उसे पकड़कर उसका गैंगरेप किया।
फिलहाल नादिया जर्मनी में हैं, जहां उसका इलाज किया गया। आईएस के हाथों मौत को करीब से देख चुकी नादिया लोगों को जागरूक करने की मुहिम चलाई है। खास बात है कि वह इतना सब होने के बाद भी कमजोर नहीं पड़ी हैं और लोगों को अच्छा संदेश दे रही हैं। इसके लिए वह अपनी निजी वेबसाइट की मदद ले रही हैं।
नादिया की निजी वेबसाइट के अनुसार, वह " जन अत्याचार, मानव तस्करी और नरसंहार से पीड़ित महिलाओं और बच्चों की मदद के लिए समर्पित ठीक है। साथ ही "संयुक्त राष्ट्र के साथ और उसकी नई स्थिति से जीवन और समुदायों को फिर से निर्माण मिशन में मदद मिलेगी।"