2024 सिर्फ अन्य देशों के लिए ही नहीं, बल्कि, देश के लिए भी हादसों और दुर्घटनाओं की डरावनी यादों से भरा रहा। इस साल की शुरुआत टोक्यो में 7.8 तीव्रता की भूकंप के साथ हुई, जिसमें सैकड़ों लोगों की जान चली गई। भारत में भी कुछ ऐसी घटनाएं घटी, जिन्होंने दिल दहला दिया। जहां केरल के वायनाड में भूस्खलन से जानमाल का भारी नुकसान हुआ तो वहीं कंचनजंगा रेल हादसे ने एक बार फिर भारतीय रेलवे की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए। इस साल के बीच में कोलकाता के सरकारी मेडिकल कॉलेज-अस्पताल में महिला डॉक्टर से दुष्कर्म और हत्या के मामले ने एक बार फिर देश में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर चिंता खड़ी कर दी। जाते-जाते साल के अंत में मुंबई के पास नौसेना के पोत ने एक पर्यटक नाव को टक्कर मार दी, जिससे वजह डूब गई। इसके बाद जयपुर में गैस भरे ट्रक ने कई वाहनों को टक्कर मार दी, जिससे धमाका हुआ और देखते ही देखते आसपास का इलाका आग के गोले में तब्दील हो गया। आइए इस साल की इन दुर्घटनाओं के बारे में यहां विस्तार से जानेंगे।
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Year Ender 2024: वायनाड भूस्खलन, हाथरस भगदड़ से कंचनजंगा रेल हादसे और जयपुर अग्निकांड तक, जब सहम उठा पूरा देश
Thu, 26 Dec 2024 07:31 AM IST
श्वेता महतो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला
Published by: श्वेता महतो
Updated Thu, 26 Dec 2024 07:31 AM IST
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Year Ender 2024
- फोटो : Amar Ujala
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Year Ender 2024
- फोटो : PTI
वायनाड भूस्खलन
केरल के वायनाड में 30 जुलाई को मेप्पाडी के पास विभिन्न पहाड़ी इलाकों में आए भूस्खलन ने भारी तबाही मचा दी थी। इस प्राकृतिक आपदा के कारण 300 से अधिक लोगों की मौत हो गई। राज्य के तीन जिलों के लोगों के लिए जीवन रेखा रही चलियार नदी भूस्खलन के बाद से विनाश का प्रतीक बन गई है। सीएम विजयन ने इसे अकल्पनीय और दर्दनाक आपदा करार दिया।
केरल के वायनाड में 30 जुलाई को मेप्पाडी के पास विभिन्न पहाड़ी इलाकों में आए भूस्खलन ने भारी तबाही मचा दी थी। इस प्राकृतिक आपदा के कारण 300 से अधिक लोगों की मौत हो गई। राज्य के तीन जिलों के लोगों के लिए जीवन रेखा रही चलियार नदी भूस्खलन के बाद से विनाश का प्रतीक बन गई है। सीएम विजयन ने इसे अकल्पनीय और दर्दनाक आपदा करार दिया।
Year Ender 2024
- फोटो : Amar Ujala
कंचनजंगा रेल हादसा
पश्चिम बंगाल में दार्जिलिंग के जलपाईगुड़ी के पास भयानक रेल हादसा हुआ, जिसमें 15 लोगों की मौत हो गई। मरने वालों में यात्री ट्रेन का गार्ड और मालगाड़ी का चालक भी शामिल था। हादसे में कंचनजंगा एक्सप्रेस से एक मालगाड़ी भिड़ गई। यह टक्कर इतना भयानक था कि इंजन पर बोगियां चढ़ गई। कई बोगियां पटरी से भी उतर गई थी। घटना की जानकारी पाकर पुलिस भी मौके पर पहुंची। घायलों को अस्पताल ले जाया गया था।
पश्चिम बंगाल में दार्जिलिंग के जलपाईगुड़ी के पास भयानक रेल हादसा हुआ, जिसमें 15 लोगों की मौत हो गई। मरने वालों में यात्री ट्रेन का गार्ड और मालगाड़ी का चालक भी शामिल था। हादसे में कंचनजंगा एक्सप्रेस से एक मालगाड़ी भिड़ गई। यह टक्कर इतना भयानक था कि इंजन पर बोगियां चढ़ गई। कई बोगियां पटरी से भी उतर गई थी। घटना की जानकारी पाकर पुलिस भी मौके पर पहुंची। घायलों को अस्पताल ले जाया गया था।
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Year Ender 2024
- फोटो : PTI
हाथरस भगदड़
इस साल की सबसे बड़ी घटनाओं में हाथरस भगदड़ भी शामिल है। उत्तर प्रदेश के हाथरस में दो जुलाई को भोले बाबा के सत्संग में भगड़द मच गई। इसमें करीब 116 लोगों की मौत हो गई थी। मरने वालों में अधिकतर महिलाएं और बच्चे थे। इस घटना को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी संज्ञान लिया था। इस सत्संग में राजस्थान, मध्यप्रदेश, हरियाणा सहित कई राज्यों के लोग आए थे। भीड़ का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि वाहनों की संख्या तीन किलोमीटर तक फैली हुई थी।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस घटना की जांच के लिए विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया था। उन्होंने तीन बार मौके का निरीक्षण किया था। हादसे की जांच के लिए तीन सदस्यीय न्यायिक आयोग भी बनाया गया था। अफसरों, आम जनता एवं प्रत्यक्षदर्शियों सहित 125 लोगों का बयान दर्ज किया। फोटोग्राफ, वीडियो फुटेज का भी संज्ञान लिया गया। एसआईटी ने चश्मदीद गवाहों व साक्ष्यों के आधार पर हादसे के लिए आयोजकों को जिम्मेदार ठहराया था। उन्होंने बताया कि आयोजकों ने तथ्यों को छिपाकर कार्यक्रम के आयोजन की अनुमति ली थी। स्थानीय प्रशासन की शर्तों का अनुपालन नहीं किया था। बिना पर्याप्त व्यवस्था तय संख्या से ज्यादा भीड़ आमंत्रित की गई थी।
इस साल की सबसे बड़ी घटनाओं में हाथरस भगदड़ भी शामिल है। उत्तर प्रदेश के हाथरस में दो जुलाई को भोले बाबा के सत्संग में भगड़द मच गई। इसमें करीब 116 लोगों की मौत हो गई थी। मरने वालों में अधिकतर महिलाएं और बच्चे थे। इस घटना को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी संज्ञान लिया था। इस सत्संग में राजस्थान, मध्यप्रदेश, हरियाणा सहित कई राज्यों के लोग आए थे। भीड़ का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि वाहनों की संख्या तीन किलोमीटर तक फैली हुई थी।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस घटना की जांच के लिए विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया था। उन्होंने तीन बार मौके का निरीक्षण किया था। हादसे की जांच के लिए तीन सदस्यीय न्यायिक आयोग भी बनाया गया था। अफसरों, आम जनता एवं प्रत्यक्षदर्शियों सहित 125 लोगों का बयान दर्ज किया। फोटोग्राफ, वीडियो फुटेज का भी संज्ञान लिया गया। एसआईटी ने चश्मदीद गवाहों व साक्ष्यों के आधार पर हादसे के लिए आयोजकों को जिम्मेदार ठहराया था। उन्होंने बताया कि आयोजकों ने तथ्यों को छिपाकर कार्यक्रम के आयोजन की अनुमति ली थी। स्थानीय प्रशासन की शर्तों का अनुपालन नहीं किया था। बिना पर्याप्त व्यवस्था तय संख्या से ज्यादा भीड़ आमंत्रित की गई थी।
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Mumbai ferry capsize
- फोटो : Amar Ujala
मुंबई तट के समीप डूबी नौका
महाराष्ट्र में मुंबई तट के समीप 18 दिसंबर को नौसेना के एक पोत के एक नौका से टकराने के कारण 13 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई। इस दौरान 101 अन्य लोगों को बचा भी लिया गया। हादसे में जीवित बचे लोगों ने बताया कि उनके पास लाइफ जैकेट नहीं थी। मामले में नौसेना के नाव चालक के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।
प्रारंभिक जांच में पता चला कि बुधवार को मुंबई तट पर नौसेना की नाव से टकराने वाली निजी नौका पर सवार यात्रियों को लाइफ जैकेट नहीं दी गई थी। पुलिस ने मुंबई के साकीनाका निवासी नाथाराम चौधरी की शिकायत पर नौसेना की स्पीडबोट के चालक के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। भारतीय नौसेना के एक बयान के मुताबिक, दुर्घटना तब हुई, जब समुद्र में इंजन परीक्षण के दौरान स्पीडबोट में खराबी के कारण नियंत्रण खो गया और वह नौका से जा टकराई।
महाराष्ट्र में मुंबई तट के समीप 18 दिसंबर को नौसेना के एक पोत के एक नौका से टकराने के कारण 13 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई। इस दौरान 101 अन्य लोगों को बचा भी लिया गया। हादसे में जीवित बचे लोगों ने बताया कि उनके पास लाइफ जैकेट नहीं थी। मामले में नौसेना के नाव चालक के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।
प्रारंभिक जांच में पता चला कि बुधवार को मुंबई तट पर नौसेना की नाव से टकराने वाली निजी नौका पर सवार यात्रियों को लाइफ जैकेट नहीं दी गई थी। पुलिस ने मुंबई के साकीनाका निवासी नाथाराम चौधरी की शिकायत पर नौसेना की स्पीडबोट के चालक के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। भारतीय नौसेना के एक बयान के मुताबिक, दुर्घटना तब हुई, जब समुद्र में इंजन परीक्षण के दौरान स्पीडबोट में खराबी के कारण नियंत्रण खो गया और वह नौका से जा टकराई।