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PM Modi Birthday: बहुत कम लोगों को पता है प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से जुड़ी ये 10 खास बातें, आप भी जानें
Sat, 17 Sep 2022 03:31 PM IST
हिमांशु मिश्रा
रिसर्च डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
रिसर्च डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: हिमांशु मिश्रा
Updated Sat, 17 Sep 2022 03:31 PM IST
सार
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जीवन काफी रोचक रहा है। आज हम उनसे जुड़ी 10 खास बातें बताने जा रहे हैं, जो बहुत कम ही लोगों को पता है। आइए जानते हैं...
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पीएम नरेंद्र मोदी
- फोटो : अमर उजाला
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आज 72वां जन्मदिन है। देशभर में इसे सेवा दिवस के रूप में मनाया जा रहा है। भारतीय जनता पार्टी ने कई तरह के कार्यक्रम आयोजित किए हैं। इसमें रक्तदान शिविर, कोरोना वैक्सीनेशन ड्राइव, पौधरोपण कार्यक्रम, स्वच्छता अभियान शामिल है।
नरेंद्र मोदी
- फोटो : अमर उजाला
1. पीएम मोदी के बचपन का नाम
प्रधानमंत्री मोदी के पिता दामोदर दास मूलचंद मोदी की वडनगर स्थित रेलवे स्टेशन पर चाय की दुकान थी। मोदी के बचपन का नाम नरिया था। हर कोई प्यार से उन्हें नरिया कहकर बुलाता था। वह वडनगर के भगवताचार्य नारायणाचार्य स्कूल में पढ़ते थे।
प्रधानमंत्री मोदी के पिता दामोदर दास मूलचंद मोदी की वडनगर स्थित रेलवे स्टेशन पर चाय की दुकान थी। मोदी के बचपन का नाम नरिया था। हर कोई प्यार से उन्हें नरिया कहकर बुलाता था। वह वडनगर के भगवताचार्य नारायणाचार्य स्कूल में पढ़ते थे।
स्कूल में नाटक में हिस्सा लेते नरेंद्र मोदी।
- फोटो : सोशल मीडिया
2. अभिनय का शौक
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को बचपन में अभिनय का शौक रहा है। 2013 में मोदी पर लिखी गई किताब 'द मैन ऑफ द मोमेंट : नरेंद्र मोदी' के मुताबिक जब वह 13-14 साल के थे, तब उन्होंने स्कूल के लिए फंड जुटाने के लिए स्कूल के बाकी बच्चों के साथ एक नाटक में हिस्सा लिया था। ये नाटक गुजराती में थी। इसका नाम पीलू फूल था, जिसे हिंदी में पीले फूल कह सकते हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को बचपन में अभिनय का शौक रहा है। 2013 में मोदी पर लिखी गई किताब 'द मैन ऑफ द मोमेंट : नरेंद्र मोदी' के मुताबिक जब वह 13-14 साल के थे, तब उन्होंने स्कूल के लिए फंड जुटाने के लिए स्कूल के बाकी बच्चों के साथ एक नाटक में हिस्सा लिया था। ये नाटक गुजराती में थी। इसका नाम पीलू फूल था, जिसे हिंदी में पीले फूल कह सकते हैं।
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नरेंद्र मोदी
- फोटो : अमर उजाला
3. संन्यासी बनने के लिए घर से भागे थे
स्कूल की पढ़ाई खत्म होते ही प्रधानमंत्री मोदी संन्यासी बनने के लिए घर से भाग गए थे। इसके बाद वह पश्चिम बंगाल के रामकृष्ण आश्रम सहित देश के कई जगहों पर गए। हिमालच में कई दिन तक साधु संतों के साथ रहे। तब उन्हें संतों ने कहा कि राष्ट्र की सेवा बगैर संन्यास धारण किए भी की जा सकती है। इसके बाद वह वापस गुजरात पहुंचे और उन्होंने संन्यास धारण करने का फैसला त्याग दिया।
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नरेंद्र मोदी
- फोटो : अमर उजाला
4. बचपन से ही आरएसएस से जुड़ गए थे
नरेंद्र मोदी बचपन से ही राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ यानी आरएसएस से जुड़ गए थे। 1958 में दिवाली के दिन गुजरात आरएसएस के पहले प्रांत प्रचारक लक्ष्मण राव इनामदार उर्फ वकील साहब ने नरेंद्र मोदी को बाल स्वयंसेवक की शपथ दिलाई थी। मोदी संघ के कार्यक्रमों में प्रबंधन की जिम्मेदारी निभाते थे। आरएसएस नेताओं के ट्रेन और बस में रिजर्वेशन का जिम्मा उन्हीं के पास था।
नरेंद्र मोदी बचपन से ही राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ यानी आरएसएस से जुड़ गए थे। 1958 में दिवाली के दिन गुजरात आरएसएस के पहले प्रांत प्रचारक लक्ष्मण राव इनामदार उर्फ वकील साहब ने नरेंद्र मोदी को बाल स्वयंसेवक की शपथ दिलाई थी। मोदी संघ के कार्यक्रमों में प्रबंधन की जिम्मेदारी निभाते थे। आरएसएस नेताओं के ट्रेन और बस में रिजर्वेशन का जिम्मा उन्हीं के पास था।