देश के लिए कुर्बान हो गया तो कोई फर्क नहीं, बहादुर था मेरा भाई....। ये शब्द हैं उस भाई के जिसके सगे भाई के प्राण कुछ घंटों पहले ही देश के दुश्मनों ने एक आतंकवादी हमले में ले लिए। लेकिन देशभक्ति का जज्बा शायद भाई के जीवन से भी बढ़कर था इसलिए चेहरे पर कोई शिकन नहीं दिखी। लेकिन दिल में एक इच्छा जरूर है कि इस हमले को अंजाम देने वालों को उनके गुनाह के लिए माकूल सजा जरूर मिले। जानिए, क्या बोले शहीदों के परिजन-
शहादत के बाद बोले परिजन, 'हमें कुछ नहीं बस, पाकिस्तान से बदला चाहिए'
टीम डिजिटल/अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Mon, 19 Sep 2016 05:23 PM IST
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