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मथुरा हिंसा: SSP को बचाने के लिए दे दी SO संतोष कुमार ने जान

Fri, 03 Jun 2016 03:11 PM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, दिल्ली
टीम डिजिटल/अमर उजाला, दिल्ली Updated Fri, 03 Jun 2016 03:11 PM IST
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so santosh kumar yadav died in mathura violence
SSP को बचाने के लिए दे दी SO संतोष कुमार ने जान - फोटो : Social Media
उत्तर प्रदेश में मथुरा के जवाहर बाग में फैली हिंसा में संतोष कुमार यादव ने वहां ने एसएसपी को बचाने के लिए अपनी जान दे दी। सूत्रों के मुताबिक रामवृक्ष यादव ने गोली सीधे एसएसपी डॉ. राकेश सिंह पर चलाई। गोली चलने पर एसएचओ संतोष कुमार सामने आ गए और गोली लगने से उनकी मौत हो गई। 

मथुरा हिंसा: SSP को बचाने के लिए दे दी SO संतोष कुमार ने जान

so santosh kumar yadav died in mathura violence
मथुरा हिंसा: SSP को बचाने के लिए दे दी SO संतोष कुमार ने जान - फोटो : Amarujala
मथुरा में अतिक्रमण हटाने के दौरान प्रदर्शनकारियों से हुई झड़प में जान गंवाने वाले एसओ संतोष कुमार महराजगंज के देवकली गांव निवासी स्व. लाल बहादुर यादव के तीन पुत्रों में से दूसरे नंबर पर थे।
 

मथुरा हिंसा: SSP को बचाने के लिए दे दी SO संतोष कुमार ने जान

so santosh kumar yadav died in mathura violence
मथुरा के जवाहर बाग में फैली हिंसा - फोटो : Amarujala
घटना की सूचना जैसे ही गुरुवार शाम परिवार को मिली, सभी अवाक रह गए। गांव में मातम पसर गया। संतोष परिवार को सहारा देने वाले मजबूत स्तंभ थे।
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मथुरा हिंसा: SSP को बचाने के लिए दे दी SO संतोष कुमार ने जान

so santosh kumar yadav died in mathura violence
जवाहर बाग में फैली हिंसा - फोटो : Amarujala
स्व. संतोष के बड़े भाई अजय यादव गांव में ही खेती करते हैं। छोटा भाई राय साहब यादव इलाहाबाद में पढ़ाई करता है। संतोष की पत्नी मिथिलेश यादव प्रतापगढ़ के ढकवा की रहने वाली हैं। संतोष की एक बेटी और एक बेटा हैं। फरवरी में वह अपने गांव आए थे। उस समय वह पहली बार सभी रिश्तेदारों से भी जा-जाकर मिले थे।
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मथुरा हिंसा: SSP को बचाने के लिए दे दी SO संतोष कुमार ने जान

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जवाहर बाग में फैली हिंसा - फोटो : Amarujala
गांव पर संतोष की माता अभिराजी देवी हैं। संतोष गांव में काफी मिलनसार थे। गांव में आने पर सभी से मिलते थे। शाम को आठ बजे घटना की सूचना मिलने पर गांव में कोहराम मच गया। गांव के कई लोग और भाई राय साहब, रिश्तेदार चंद्रप्रकाश यादव और ससुराल के कुछ लोग रात में ही मथुरा के लिए रवाना हो गए।
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