अक्षय तृतीया पर भक्तों ने अपने आराध्य ठाकुर बांकेबिहारी महाराज के चरणों के दर्शन कर खुद को धन्य माना। ठाकुरजी के इन दर्शनों का मौका वर्ष में एक बार अक्षय तृतीया पर ही मिलता है, ऐसे में विदेशों से भी श्रद्धालु बांकेबिहारी महाराज के चरण दर्शन के लिए वृंदावन पहुंचे।
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- फोटो : ब्यूरो/अमर उजाला, वृंदावन (मथुरा)
पूरा मंदिर परिसर एक लघु भारत सा नजर आया। भक्तों की भीड़ को देखते हुए तय समय से करीब आधा घंटा पहले मंदिर के पट खोल दिए गए थे। इसके अलावा श्रीकृष्ण जन्म मंदिर और सप्त देवालयों में भी विशेष दर्शन व पूजा हुई।
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- फोटो : ब्यूरो/अमर उजाला, वृंदावन (मथुरा)
सोमवार को चरण दर्शन के लिए बांकेबिहारी मंदिर में विशेष इंतजाम रहे। सुगंधित पुष्पों से सजे परिसर में चंदन की आभा श्रद्धालुओं को बरबस ही आकर्षित कर रही थी। मंदिर के पट खुलने से पहले ही हजारों श्रद्धालु मुख्य दरवाजे पर टकटकी लगाए बैठे रहे।
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- फोटो : ब्यूरो/अमर उजाला, वृंदावन (मथुरा)
ठाकुरजी के चरण दर्शन का समय सुबह 7:45 बजे निर्धारित था लेकिन करीब सात बजे तक काफी संख्या में श्रद्धालु मंदिर के बाहर पहुंच चुके थे। इस पर भीड़ को नियंत्रित रखने के लिए मंदिर प्रशासन ने तय समय से पहले ही पट खोलने का निर्णय लिया। करीब 7:15 बजे से ठाकुरजी के चरण दर्शन का क्रम आरंभ हो गया था। पट खुलते ही संपूर्ण मंदिर प्रांगण ठाकुर बांकेबिहारी लाल के जयघोषों से गुंजायमान हो उठा। एक साथ श्रद्धालुओं का रेला मंदिर में प्रवेश कर गया।
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- फोटो : ब्यूरो/अमर उजाला, वृंदावन (मथुरा)
इससे पहले सेवायतों ने ठाकुर बांकेबिहारी महाराज को चंदन का लेप लगाकर ठंडक का अहसास कराया। इस लेप में चंदन के साथ केसर और कपूर का भी प्रयोग किया गया। दर्शन के दौरान हरिनाम संकीर्तन और भजनों के गायन से वातावरण भक्तिमय हो गया।