फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   reality of Sri Lankan police lathi charge viral video, know its indore police connection

fact check: श्रीलंका के पुलिस लाठीचार्ज के वीडियो को इंदौर का बता कर किया जा रहा है वायरल

Mon, 06 Apr 2020 01:44 PM IST
Rama Solanki रमा सोलंकी
Updated Mon, 06 Apr 2020 01:44 PM IST
विज्ञापन
सार
वायरल तस्वीर का सच
पुलिस लाठी चार्ज के वीडियो का सच 
कुछ भी शेयर या फॉरवर्ड करते हुए रखें ख्याल
फेक न्यूज से सावधान रहें
loader
reality of Sri Lankan police lathi charge viral video, know its indore police connection
पुलिस लाठी चार्ज के वीडियो का सच - फोटो : Amar ujala

विस्तार

पूरे देश में लॉकडाउन है ताकि कोरोना वायरस के कहर को रोका जा सके लेकिन सोशल मीडिया पर कुछ लोग अफवाहें वायरल करने से बाज नहीं आ रहे हैं।


सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में यह दावा किया जा रहा है कि  इंदौर पुलिस ने उन लोगों पर लाठीचार्ज किया जिन्होंने 1 अप्रैल को डॉक्टर्स की टीम पर पथराव किया था। अमर उजाला ने इसकी पड़ताल की और पाया ये दावा फर्जी है।


दावाकर्ता- सोशल मीडिया यूजर्स
दावे का आधार- एक वीडियो क्लिप और उसपर लिखा डिस्क्रिप्शन
क्या किया जा रहा है दावा- वीडियो में यह दावा किया गया है कि इंदौर पुलिस ने डॉक्टरों की टीम पर पथराव करने वालों की पिटाई की है।

पड़ताल के चरण

पुलिस लाठी चार्ज के वीडियो का सच
पुलिस लाठी चार्ज के वीडियो का सच - फोटो : Amar Ujala
सबसे पहले इस वायरल वीडियो को और इसपर लिखे दावे को ध्यान से देखा और यह जानने की कोशिश की गई कि इसका मकसद क्या है।
इस वायरल वीडियो पोस्ट में एक डिस्क्रिप्शन लिखा है  'मामा ऑन फायर... इंदौर #एमपी वही मोहल्ला है जहां डॉक्टरों पर हमला हुआ था..
शेयर तो करना पडेगा, इंसानियत के दुश्मनों को सबक सिखाना पडेगा' और यह कुछ सेकेंड का वीडियो है जिसमें एक मोहल्ला है और कुछ पुलिसवाले लोगों पर लाठीचार्ज कर रहे हैं।

क्या हुआ था इंदौर में 1 अप्रैल को-
एक अप्रैल को इंदौर के टाट पट्टी इलाके में डॉक्टर्स लोगों की स्क्रीनिंग के लिए पहुंचे थे कि उन पर एक ग्रुप ने पथराव कर दिया। वायरल हो रहे वीडियो को इस घटना से जोड़कर फैलाया जा रहा है। इंदौर के टाट पट्टी इलाके में यह घटना हुई थी लेकिन जो वीडियो वायरल किया जा रहा है वह इंदौर के टाट पट्टी इलाके का नहीं है।

वीडियो में क्या दिख रहा है -
  • करीब बीस सेकेंड लंबे इस वीडियो में कुछ पुलिसवाले दो लोगों को लाठियों से पीटते हुए नजर आते हैं।  
  • वीडियो के साथ कैप्शन है 'मामा ऑन फ़ायर... इंदौर #एमपी वही मोहल्ला है जंहा डॉक्टरों पर हमला हुआ था'
  • यह कुछ सेकेंड का वीडियो है जिसमें एक मोहल्ला है और कुछ पुलिसवाले लोगों पर लाठीचार्ज कर रहे हैं।
  • अंधेरा है और अचानक से पुलिस आती है और लोगों पर लाठी भांजने लगती है।
  • इस वीडियो को ऊपर से शूट किया गया है, किसी घर की खिड़की से।

गूगल रिवर्स इमेज सर्च किया और इस तस्वीर के बारे में जानने की कोशिश की, हमें यही वीडियो यूट्यूब प्लेटफार्म पर मिल गया
  • यह वीडियो मार्च 28 को अपलोड किया गया था
  • इस वीडियो को फ्रेम बाई फ्रेम देखना शुरू किया इसमें विज़ुअल्स तो यही थे लेकिन जानकारी कुछ खास नहीं थी
  • एक कैप्शन जरूर लिखा था 'दो ग्रुप्स की झड़प में पुलिस की लाठी से पिट गए तमाशा देखने वाले'
  • साथ ही इस वीडियो के साथ मुम्ब्रा पुलिस को भी हैशटैग किया गया था।

फेक न्यूज से सावधान रहें

वायरल तस्वीर का सच
वायरल तस्वीर का सच - फोटो : Amar Ujala
एक लोकल वीडियो भी मिला जिसमें इसकी रिपोर्ट की जा रही थी उसके हिसाब से ये घटना कौसा, श्रीलंका में 27 मार्च को घटित हुई थी।
  • इसमें दो लोकल नेताओं के समर्थक आपस में झड़प कर रहे थे।  
  • इस वीडियो में पूरी घटना का विस्तार से विवरण था।

तुलनात्मक अध्ययन
दोनों वीडियो को ध्यान से देखने पर डॉक्टर्स पर हुई पथरबाजी का वीडियो और पुलिस की लाठीचार्ज का वीडियो अलग-अलग जगह घटित हुई घटना हैं।

इस विषय पर अमर उजाला ने इंदौर के डीआईजी से बातचीत की, उन्होंने बताया, 'यह इंदौर की पुलिस के लाठीचार्ज का वीडियो नहीं है और इसको गलत सूचना के साथ वायरल किया जा रहा है इसका कोई संबंध इंदौर की घटना से नहीं है। साथ ही उन्होंने यह अपील भी की कि इस समय समझदारी से काम लें और झूठी खबरों से सावधान रहें 
हरिनारायण मिश्र चारी,डीआईजी,इंदौर

कुछ भी शेयर या फॉरवर्ड करते हुए रखें ख्याल

वायरल तस्वीर का सच
वायरल तस्वीर का सच - फोटो : Amar Ujala
पड़ताल का परिणाम
अमर उजाला ने अपनी पड़ताल में यह दावा गलत साबित किया और पाया यह वीडियो मुम्ब्रा, श्रीलंका का है ना की इंदौर का। भ्रामक और झूठे दावे के साथ वीडियो वायरल किया जा रहा है। हमें केवल कोरोना वायरस के संक्रमण से ही नहीं, इससे जुड़ी हर फेक न्यूज और भ्रामक जानकारियों से भी लड़ना है। खबरों को भी झूठे तथ्यों के संक्रमण से बचाना है।  

कोरोना वायरस और फेक न्यूज से सावधानी ही बचाव है।

*Fact Check By Google Certified Fact Checker. 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

Next Article

Followed