उद्योगपति रतन टाटा को कुत्तों से बहुत प्रेम था। एक बार उन्होंने अपने बीमार कुत्ते की देखभाल के लिए ब्रिटेन के राजकुमार चार्ल्स का आमंत्रण ठुकरा दिया था। रतन टाटा को बकिंघम पैलेस में बेमिसाल परोपकार के लिए सम्मानित किया जाना था लेकिन उन्होंने अपने बीमार कुत्ते को छोड़कर ब्रिटेन जाने से मना कर दिया था। यह किस्सा एक इंटरव्यू में उद्योगपति सुहैल सेठ ने सुनाया था। उन्होंने बताया, जब मैं लंदन में विमान से उतरा तो मैंने देखा कि मेरे फोन में रतन टाटा की 11 मिस कॉल थीं। मैंने उन्हें तुरंत फोन मिलाया। तब उन्होंने बताया कि वह सम्मान लेने ब्रिटेन नहीं आ पाएंगे। इसकी वजह भी उन्होंने बताई कि उनके कुत्ते की तबीयत ठीक नहीं थी और वे उसे बीमार हालत में छोड़कर नहीं जा सकते। यह बात जब प्रिंस चार्ल्स को पता चली, तो उन्होंने भी रतन टाटा की तारीफ करते हुए उन्हें महान इन्सान बताया।
बदली पारसी परंपरा से अंतिम संस्कार
पारसी समुदाय के लोग पारंपरिक तौर पर अपने परिजनों के शव टॉवर ऑफ साइलेंस में रख देते हैं, ताकि गिद्ध उन्हें खा सकें। लेकिन रतन टाटा के अंतिम संस्कार ने समुदाय में बदलती परंपरा को दर्शाया। गिद्धों की घटती आबादी के कारण पारसी अब टॉवर ऑफ साइलेंस की जगह विद्युत शवदाह गृह में अंतिम संस्कार करने लगे हैं। वर्ली स्थित श्मशान गृह में पारसी व जोरास्ट्रियन लोगों के अंतिम संस्कार के लिए जगह निर्धारित है।
ऐसा लगाव...बॉम्बे हाउस में लावारिस कुत्तों को खुली छूट
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रतन टाटा की स्मृतियां
- फोटो : अमर उजाला
टाटा संस के मुख्यालय बॉम्बे हाउस में घुसने से पहले जहां हर किसी की तलाशी ली जाती है, वहीं सड़क पर घूमने वाले लावारित कुत्ते इसमें बेरोकटोक घुस सकते हैं। दशकों से सभी स्टाफ को यह खास निर्देश हैं, कोई भी लावारिस कुत्ता, जो अंदर आना चाहे उसे रोका नहीं जाएगा। बताया जाता है, टाटा एक दिन दफ्तर पहुंचे तो देखा कि एक कुत्ता बाहर बारिश में भीग रहा है। इसके बाद लावारिस कुत्तों के लिए बॉम्बे हाउस के दरवाजे हमेशा के लिए खुल गए। लोग ताज होटल के बाहर भी कुत्तों को आराम करते देख सकते हैं। मुंबई में टाटा ट्रस्ट ने जानवरों के लिए एक अस्पताल भी खोला है।
अंतिम दर्शन के लिए पहुंचा लाडला कुत्ता गोवा
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श्रद्धांजलि देने पहुंचा पालतू कुत्ता गोवा और दाहिने रतन टाटा (फाइल)
- फोटो : अमर उजाला / एएनआई
एनसीपीए में रतन टाटा के अंतिम दर्शन करने के लिए टाटा का लाडला कुत्ता गोवा भी पहुंचा। वह कुछ देर तक बेहद शांत भाव से उनके पार्थिव शरीर के पास बैठा रहा। यह दृश्य मन को झकझोर देने वाला था। काले रंग के कुत्ते को रतन टाटा ने गोवा से रेस्क्यू किया था। इसलिए इसका नाम गोवा रखा था।
तस्वीर पर महिला ने लिखा छोटू, ट्रोल हुईं तो टाटा ने दिया करारा जवाब
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जब छोटू कहे जाने के बाद महिला के बचाव में सोशल मीडिया ट्रोल्स को टाटा ने दिया जवाब
- फोटो : अमर उजाला / इंस्टाग्राम
रतन टाटा इंस्टाग्राम पर काफी सक्रिय रहे और अक्सर तस्वीरें भी साझा करते थे। इस बीच, उन्होंने अपनी एक तस्वीर शेयर की, जिसमें वह जमीन पर बैठे थे। इस पर एक महिला ने अजीब सा कमेंट करते हुए लिखा, बधाई हो छोटू। उनके लाखों फॉलोअर में से कई को यह रवैया खटक गया और उन्होंने महिला की ट्रोलिंग शूरू कर दी। लेकिन रतन टाटा जो आलोचकों को भी विनम्रता से लेते थे, उन्होंने ट्रोलिंग करने वालों की बोलती बंद कर दी। उन्होंने लिखा, मैं युवा महिला की तारीफ करता हूं कि उन्होंने अपने दिल की बात कही। उम्मीद करता हूं कि वे आगे भी इसी तरह लिखती रहेंगी। हमे नहीं भूलना चाहिए कि बच्चा तो हर किसी के अंदर होता है। ऐसे में इस महिला को सम्मान दीजिए, उनकी इज्जत कीजिए।
राजनीतिज्ञों से सच बोलने का साहस
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रतन टाटा
- फोटो : Amar Ujala
टाटा के निधन के बाद देश के पूर्व पीएम डॉ मनमोहन सिंह ने अपने एक संदेश में कहा, रतन टाटा में सत्ता में बैठे लोगों से सच बोलने का साहस था। मेरे पास कई मौकों पर उनके साथ बेहद करीब से काम करने की सुखद यादें हैं। उनकी दूरदर्शिता और मानवता उनके कई परमार्थ कार्यों में दिखी। दूसरी तरफ भारत रत्न से सम्मानित लालकृष्ण आडवाणी ने कहा कि टाटा ने भारतीय उद्योग पर अमिट छाप छोड़ी और वह वास्तव में दिवंगत जेआरडी टाटा के योग्य उत्तराधिकारी साबित हुए। उनकी उदारता और दयालुता हमेशा असाधारण रही है। देश उनका ऋणी रहेगा।
फ्रांस ने एक प्रिय मित्र को खो दिया
फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुअल मैक्रों ने कहा, रतन टाटा की दूरदर्शी नेतृत्व क्षमता ने भारत और फ्रांस में नवाचार और विनिर्माण के क्षेत्रों में उद्योगों को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। उनकी विरासत को उनके मानवतावादी दृष्टिकोण, विशाल परोपकारी उपलब्धियों और उनकी विनम्रता के लिए याद किया जाएगा। हम समाज की बेहतरी के प्रति आपकी आजीवन प्रतिबद्धता को प्रशंसा और सम्मान के साथ याद करेंगे। उनके निधन से फ्रांस ने भारत में एक मित्र खो दिया।