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रेल भाड़ा विवाद: केवल महाराष्ट्र को छोड़कर सभी राज्य सरकारें देंगी प्रवासी मजदूरों की टिकट का 15% किराया

Mon, 04 May 2020 06:58 PM IST
श्रीधर मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: श्रीधर मिश्रा Updated Mon, 04 May 2020 06:58 PM IST
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Rail freight dispute: All the state governments except Maharashtra will charge 15% of the fare of the migrant laborers.
फाइल फोटो - फोटो : PTI
देशभर में लागू लॉकडाउन के कारण अलग-अलग जगहों पर फंसे प्रवासी श्रमिकों के लिए सरकार की तरफ से कई ट्रेनें चलाई जा रही हैं। हालांकि, इस दौरान टिकट के किराए को लेकर एक नया विवाद खड़ा हो गया। दरअसल विपक्ष की तरफ से आरोप लगाया गया कि रेलवे मजदूरों से टिकट की राशि ले रहा है। इस आरोप को सत्ताधारी पार्टी और केंद्र सरकार की तरफ से गलत ठहराया गया है।


इस बीच सूत्रों ने सोमवार को कहा कि अब तक चलाई गई 34 श्रमिक स्पेशल ट्रेनों के लिए महाराष्ट्र को छोड़कर कई राज्य सरकारों ने भुगतान किया है।

दरअसल कई विपक्षी दलों की तरफ से मांग की गई है कि प्रवासी श्रमिकों से ट्रेन टिकट के पैसे नहीं लिए जाएं। इस बीच कांग्रेस ने ऐसे प्रवासियों के टिकट की राशि का भुगतान करने की पेशकश की। जबकि, भाजपा ने कहा कि रेलवे पहले ही यात्रा की लागत का 85 फीसदी हिस्सा बतौर सब्सिडी टिकट पर मुहैया करा रहा है।

इस मामले में  रेलवे ने अभी तक कोई भी आधिकारिक बयान नहीं जारी किया है। हालांकि, अनौपचारिक रूप से कहा गया कि यह एक राजनीतिक लड़ाई है। अधिकारियों का कहना है कि रेलवे राज्य सरकारों से इन विशेष ट्रेनों के लिए केवल मानक किराया वसूल रहा है, जो कुल लागत का सिर्फ 15 फीसदी हिस्सा है। 
Rail freight dispute: All the state governments except Maharashtra will charge 15% of the fare of the migrant laborers.
फाइल फोटो - फोटो : PTI

कौन कितना किराया दे रहा है?


सीधी भाषा में समझें तो अधिकारियों का कहना है कि टिकट का 85% भाड़ा बतौर सब्सिडी रेलवे खुद वहन कर रहा है। जबकि, 15 फीसदी भाड़ा राज्य सरकारों को वहन करना होगा।

रेलवे के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, ‘‘रेलवे सामाजिक दूरी (सोशल डिस्टेंसिंग) बनाए रखने के लिए हर कोच में बर्थ खाली रखते हुए श्रमिक स्पेशल ट्रेनें चला रहा है। ट्रेनें गंतव्य से खाली लौट रही हैं। रेलवे की तरफ से प्रवासियों को मुफ्त भोजन और बोतलबंद पानी दिया जा रहा है। हम अब तक 34 ऐसी ट्रेनें चला चुके हैं और आगे भी चलाते रहेंगे। हमारे एसओपी (मानक संचालन प्रक्रिया) में कहीं भी, हमने नहीं कहा है कि यात्रा करने वाले प्रवासियों से किराया लिया जाएगा। ’’
Rail freight dispute: All the state governments except Maharashtra will charge 15% of the fare of the migrant laborers.
फाइल फोटो - फोटो : PTI

किन राज्यों ने किया भुगतान?


सूत्रों के मुताबिक राजस्थान, तेलंगाना और झारखंड जैसे राज्यों ने श्रमिकों की यात्रा के लिए भुगतान किया है। बता दें कि राजस्थान, तेलंगाना जैसे राज्यों से विशेष ट्रेनों को चलाया गया है जो झारखंड तक पहुंची हैं।

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Rail freight dispute: All the state governments except Maharashtra will charge 15% of the fare of the migrant laborers.
फाइल फोटो - फोटो : PTI

केवल महाराष्ट्र सरकार नहीं कर रही टिकट का भुगतान 


सूत्रों ने बताया कि केवल महाराष्ट्र सरकार ही इन यात्राओं के लिए प्रवासी श्रमिकों से पैसे ले रही है। इस बीच महाराष्ट्र सरकार में मंत्री नितिन राउत ने मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को पत्र लिखकर अनुरोध किया है कि राज्य से बाहर जाने वाले प्रवासियों की यात्रा का खर्च राज्य सरकार वहन करे। 

राउत ने सीएम उद्धव ठाकरे के अलावा रविवार को रेल मंत्री पीयूष गोयल को भी पत्र लिखा। इसमें उन्होंने अनुरोध किया कि रेलवे राज्य से प्रवासियों के परिवहन का खर्च वहन करे।
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Rail freight dispute: All the state governments except Maharashtra will charge 15% of the fare of the migrant laborers.
फाइल फोटो - फोटो : PTI

गुजरात में एनजीओ को जिम्मेदारी


सूत्रों ने कहा कि गुजरात सरकार ने यात्रा पर आने वाले खर्च का एक हिस्सा देने के लिए एक एनजीओ को संबद्ध किया है। 
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