फ्रांस से 5 राफेल विमान भारत के लिए रवाना हो चुके हैं। ये बुधवार को हरियाणा के अंबाला एयर फोर्स स्टेशन पर लैंड करेंगे और अगले महीने वायुसेना में शामिल होंगे। इसकी रफ्तार 2130 किमी प्रति घंटा है, यानी ध्वनि की गति से दोगुना। यह परमाणु हमले में भी सक्षम है।
सीमा की निगरानी के लिए कल आ रहा है 'तूफान', दुश्मन पर एक मिनट में बरसाएगा 2500 गोले
- एक टन भारी कैमरा, नीचे पड़ी गेंद तक की फोटो खींच सकता है
- आवाज से दोगुना रफ्तार से उड़ता है राफेल
- 55,000 फीट की ऊंचाई से भी दुश्मन पर हमला करने में सक्षम है राफेल
- 16 टन बम-मिसाइल ले जाने और एक मिनट में 2500 गोले दागने की क्षमता
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फीचर्सः वजन से डेढ़ गुना ज्यादा बोझ ले जाने में सक्षम दुनिया का इकलौता जेट
- 450 मीटर के क्षेत्र में लैंडिंग में सक्षम।
- वजन से डेढ़ गुना पेलोड ले जाने में सक्षम एकमात्र जेट।
- बिना हथियारों से लैस राफेल का वजन 11 टन।
- राफेल 16 टन वजन के बम, मिसाइलें और ईंधन ले जाने में सक्षम है।
3 करोड़ रुपये तक का लेजर बम
- मिका एयर-टू-एयर मिसाइल: यह मिसाइल 50 किमी की रेंज के साथ लक्ष्य के हिसाब से अपना रास्ता तय कर सकती है।
- मीटियोर मिसाइलः रेंज 100 किलोमीटर। यह कई निशानों पर वार कर सकती है। इन मिसाइलों से लैस होने की वजह से राफेल को दुश्मन देश में घुसकर हमला करने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
- लेजर या जीपीएस गाइडेड बमः एक बम की कीमत 44 लाख से 3 करोड़ रुपये तक हो सकती है। आईएस पर हमले में इसी का इस्तेमाल हुआ। राफेल में इस तरह के 6 बम लग सकते हैं।
- अंडर कैरिज रिवॉल्वर कैननः यह 30 मिमी की गोली को 1055 मीटर प्रति सेकंड की स्पीड से दागती है। यह रिवॉल्वर कैनन प्रति मिनट 2,500 गोले दाग सकती है।
- फायर एंड फॉर्गेट क्रूज मिसाइलः खुद टारगेट ढूंढती है। पायलट टारगेट सेट करता है और फिर खुद ही जाकर हिट करती है।
- शत्रु मिसाइल को भटकाता है: स्पेक्ट्रा इंटीग्रेटेड डिफेंस सिस्टम शत्रु के रडार को जाम करता है और उसकी ओर आती मिसाइल से सचेत करता है। यह छद्म सिग्नल भेज सकता है और शत्रु मिसाइल का रूट खराब कर देता है, जिससे वह भटक जाती है।
फ्लाइट रेंज और ईंधन क्षमता
यह लगातार 10 घंटे से ज्यादा उड़ सकता है। इस दौरान 6 बार ईंधन भरने की जरूरत पड़ती है, जिसे हवा में ही भरा जा सकता है। इसमें अंदर के टैंक में करीब साढ़े 5 टन तक ईंधन स्टोर हो सकता है। बाहरी टैंक में 2,000 लीटर तक ईंधन भरा जा सकता है।
राफेल के 3 प्रकारः
- ट्रेनर- दो सीटों वाला
- राफेल सी- सिंगल सीटर
- राफेल एम- नेवी के विमानवाहक पोत के लिए।
ये न सिर्फ फुर्तीला है, बल्कि इससे परमाणु हमला भी किया जा सकता है।
लंबाई: राफेल जेट की लंबाई 15.3 मीटर है।