प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को असम के डिब्रूगढ़ में चाय बागान के मजदूरों के साथ एक यादगार सुबह बिताई। मनोहरि टी एस्टेट पहुंचे पीएम मोदी ने वहां काम करने वाली महिला मजदूरों से सीधा संवाद किया और उनकी समस्याओं को करीब से जाना। उन्होंने न केवल उनके साथ चाय की पत्तियां तोड़ीं, बल्कि उनके पारंपरिक झुमुर नृत्य का भी आनंद लिया। पीएम ने चाय को 'असम की आत्मा' बताते हुए यहां के परिवारों की मेहनत की सराहना की। चुनाव प्रचार के बीच चाय बागान समुदाय के साथ उनका यह जुड़ाव काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
महिला मजदूरों के साथ संवाद
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महिला मजदूरों के साथ संवाद
- फोटो : Insta@narendramodi
पीएम मोदी ने चाय बागान की महिला मजदूरों के साथ खड़े होकर बातचीत की। इस दौरान महिलाओं ने अपनी शिक्षा, स्वास्थ्य और वेतन से जुड़ी समस्याओं को प्रधानमंत्री के सामने रखा।
असम की आत्मा है चाय: पीएम मोदी
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असम की आत्मा है चाय: पीएम मोदी
- फोटो : Insta@narendramodi
प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया पर फोटो शेयर करते हुए लिखा कि चाय असम की आत्मा है। उन्होंने यहां की प्राकृतिक खूबसूरती और चाय बागान से जुड़े परिवारों के अटूट जज्बे की जमकर तारीफ की।
चाय बागान का भ्रमण
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स्थानीय संस्कृति का सम्मान
- फोटो : Insta@narendramodi
डिब्रूगढ़ के इस दौरे पर पीएम ने वहां की स्थानीय परंपराओं को करीब से देखा। महिला मजदूरों के साथ बातचीत के दौरान प्रधानमंत्री काफी सहज और खुश नजर आए।
यादगार सेल्फी का पल
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यादगार सेल्फी का पल
- फोटो : Insta@narendramodi
काम के बीच एक महिला मजदूर ने प्रधानमंत्री के साथ सेल्फी भी ली। पीएम मोदी ने इस खुशी के पल को साझा करते हुए इसे एक बेहद सुखद और यादगार अनुभव बताया।