प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को दोहराया कि पहलगाम आतंकी हमले के पीछे के आतंकवादियों और साजिश में शामिल लोगों को कड़ी से कड़ी सजा दी जाएगी। उन्होंने कहा कि पीड़ितों को न्याय मिलेगा। रेडियो कार्यक्रम 'मन की बात' में पीएम मोदी ने कहा कि आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में भारतीयों की एकजुटता देश की सबसे बड़ी ताकत है।
Mann Ki Baat: पहलगाम के गुनहगारों को चेतावनी से लेकर आजादी की लड़ाई तक, पढ़ें PM मोदी के संबोधन की बड़ी बातें
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को अपने रेडिया कार्यक्रम 'मन की बात' के 121वें एपिसोड के जरिए देश को संबोधित किया। उन्होंने जम्मू-कश्मीर में अनंतनाग जिले के पहलगाम के ऊपरी इलाकों में स्थित लोकप्रिय पर्यटन स्थल बैसरन में मंगलवार को हुए आतंकी हमले का जिक्र किया। प्रधानमंत्री ने वैज्ञानिक और इसरो के पूर्व प्रमुख के कस्तूरीरंगन को भी श्रद्धांजलि दी। आइए पढ़ते हैं उनके संबोधन की बड़ी बातें...
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प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, 'मन में गहरी पीड़ा है। 22 अप्रैल को पहलगाम में हुई आतंकी वारदात ने देश के हर नागरिक को दुख पहुंचाया है। पीड़ित परिवारों के प्रति हर भारतीय के मन में गहरी संवेदना है। भले वो किसी भी राज्य का हो, वो कोई भी भाषा बोलता हो, लेकिन वो उन लोगों के दर्द को महसूस कर रहा है, जिन्होंने इस हमले में अपने परिजनों को खोया है। मुझे ऐहसास है, हर भारतीय का खून, आतंकी हमले की तस्वीरों को देखकर खौल रहा है।'
उन्होंने कहा कि पहलगाम में हुआ ये हमला, आतंक के सरपरस्तों की हताशा को दिखाता है, उनकी कायरता को दिखाता है। ऐसे समय में जब कश्मीर में शांति लौट रही थी, स्कूल-कॉलेजों में एक चहलपहल थी, निर्माण कार्यों में अभूतपूर्व गति आई थी, लोकतंत्र मजबूत हो रहा था, पर्यटकों की संख्या में रिकॉर्ड बढ़ोतरी हो रही थी, लोगों की कमाई बढ़ रही थी, युवाओं के लिए नए अवसर तैयार हो रहे थे। देश के दुश्मनों को, जम्मू-कश्मीर के दुश्मनों को, ये रास नहीं आया।
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत के हम लोगों में जो आक्रोश है, वो आक्रोश पूरी दुनिया में है। इस आतंकी हमले के बाद लगातार दुनिया भर से संवेदनाएं आ रही हैं। मुझे भी वैश्विक नेताओं ने फोन किए हैं, पत्र लिखे हैं, संदेश भेजे हैं। इस जघन्य तरीके से किए गए आतंकी हमले की सब ने कठोर निंदा की है। उन्होंने मृतकों के परिवारजनों के प्रति संवेदनाएं प्रकट की हैं। पूरा विश्व, आतंकवाद के खिलाफ हमारी लड़ाई में, 140 करोड़ भारतीयों के साथ खड़ा है। मैं पीड़ित परिवारों को फिर भरोसा देता हूं कि उन्हें न्याय मिलेगा, न्याय मिलकर रहेगा। इस हमले के दोषियों और साजिश रचने वालों को कठोरतम जवाब दिया जाएगा।
पीएम मोदी ने कहा कि दो दिन पहले हमने देश के महान वैज्ञानिक डॉ. के. कस्तूरीरंगन जी को खो दिया है। जब भी कस्तूरीरंगन जी से मुलाकात हुई, हम भारत के युवाओं की प्रतिभा, आधुनिक शिक्षा, अंतरिक्ष विज्ञान ऐसे विषयों पर काफी चर्चा करते थे। विज्ञान, शिक्षा और भारत के अंतरिक्ष कार्यक्रम को नई ऊंचाई देने में उनके योगदान को हमेशा याद किया जाएगा। उनके नेतृत्व में ISRO को एक नई पहचान मिली।
उन्होंने कहा कि डॉ. के. कस्तूरीरंगन जी ने देश की नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति तैयार करने में भी बहुत बड़ी भूमिका निभाई थी। डॉ० कस्तूरीरंगन, 21वीं सदी की आधुनिक जरूरतों के मुताबिक दूरगामी शिक्षा का विचार लेकर आए थे। देश की निःस्वार्थ सेवा और राष्ट्र निर्माण में उनके योगदान को हमेशा याद किया जाएगा।
पीएम मोदी ने कहा कि आज भारत एक वैश्विक अंतरिक्ष पावर बन चुका है। हमने एक साथ 104 सैटेलाइट का लॉन्च करके रिकॉर्ड बनाया है। हम चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर पहुंचने वाले पहले देश बने हैं। भारत ने मंगल ऑर्बिटर मिशन का प्रक्षेपण किया है और हम आदित्य - एल1 मिशन के जरिए सूरज के काफी करीब तक पहुंचे हैं। आज भारत पूरी दुनिया में सबसे ज्यादा प्रभावी लागत लेकिन सफल अंतरिक्ष कार्यक्रम का नेतृत्व कर रहा है। दुनिया के कई देश अपनी सैटेलाइट और अंतरिक्ष मिशन के लिए ISRO की मदद लेते हैं।
उन्होंने कहा कि अब भारत ने अपने अंतरिक्ष सेक्टर को निजी सेक्टर के लिए भी खोल दिया है। आज बहुत से युवा अंतरिक्ष स्टार्टअप में नए झंडे लहरा रहे हैं। 10 साल पहले इस क्षेत्र में सिर्फ एक कंपनी थी, लेकिन आज देश में सवा तीन सौ से ज्यादा अंतरिक्ष स्टार्टअप काम कर रहे हैं। आने वाला समय अंतरिक्ष में बहुत सारी नई संभावनाएं लेकर आ रहा है।
पीएम मोदी ने कहा कि पिछले महीने म्यांमार में आए भूकंप की खौफनाक तस्वीरें आपने जरूर देखी होंगी। भूकंप से वहां बहुत बड़ी तबाही आई, मलबे में फंसे लोगों के लिए एक-एक सांस, एक-एक पल कीमती था। इसलिए भारत ने म्यांमार के हमारे भाई-बहनों के लिए तुरंत ऑपरेशन ब्रह्मा शुरू किया। वायुसेना के विमान से लेकर नौसेना के जहाज तक म्यांमार की मदद के लिए रवाना हो गए। वहां भारतीय टीम ने एक अस्पताल तैयार किया। इंजीनियरों की एक टीम ने अहम् इमारतों और इंफ्रास्ट्रक्चर को हुए नुकसान का आकलन करने में मदद की। भारतीय टीम ने वहां कंबल, टेंट, स्लीपिंग बैग, दवाइयां, खाने-पीने के सामान के साथ ही और भी बहुत सारी चीजों की आपूर्ति की। इस दौरान भारतीय टीम को वहाँ के लोगों से बहुत सारी तारीफ भी मिली।
उन्होंने कहा कि मुझे अफ्रीका के इथोपिया में प्रवासी भारतीयों के एक अभिनव प्रयास का पता चला है। इथोपिया में रहने वाले भारतीयों ने ऐसे बच्चों को इलाज के लिए भारत भेजने की पहल की है, जो जन्म से ही हृदय की बीमारी से पीड़ित हैं। ऐसे बहुत से बच्चों की भारतीय परिवारों द्वारा आर्थिक मदद भी की जा रही है। अगर किसी बच्चे का परिवार पैसे की वजह से भारत आने में असमर्थ है, तो इसका भी इंतजाम, हमारे भारतीय भाई-बहन कर रहे हैं। कोशिश ये है कि गंभीर बीमारी से जूझ रहे इथोपिया के हर जरुरतमन्द बच्चे को बेहतर इलाज मिले। प्रवासी भारतीयों के इस नेक कार्य को इथोपिया में भरपूर सराहना मिल रही है। कुछ ही दिन पहले भारत ने अफगानिस्तान के लोगों के लिए बड़ी मात्रा में वैक्सीन भी भेजी है। ये वैक्सीन, रेबीज, टिटनेस, हेपेटाइटिस बी और इंफ्लुएंजा जैसी खतरनाक बीमारियों से बचाव में काम आएगी। भारत ने इसी हफ्ते नेपाल के आग्रह पर वहां दवाईयां और वैक्सीन की बड़ी खेप भेजी है। इनसे थैलेसेमिया और सिकल सेल डिसीज के मरीजों को बेहतर इलाज सुनिश्चित होगा। जब भी मानवता की सेवा की बात आती है, तो भारत, हमेशा इसमें आगे रहता है और भविष्य में भी ऐसी हर जरूरत में हमेशा आगे रहेगा।