चुनाव आयोग ने बुधवार को थर्ड जनरेशन के इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) को पेश किया। चुनाव आयोग ने इस नई ईवीएम को मार्क 3 नाम दिया है। अगले महीने होने वाले कर्नाटक विधानसभा चुनाव इसी नेक्स्ट जनरेशन मार्क 3 ईवीएम से होने हैं।
हालिया हुए विधानसभा चुनावों में विभिन्न राजनीतिक दलों ने ईवीएम की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े किए थे। विपक्षी पार्टियों ने ईवीएम में छेड़छाड़ और हैकिंग की आशंका व्यक्त कर चुनाव आयोग को कटघरे में खड़ा करने की कोशिश की थी। इन सबके मद्देनजर इस नई जनरेशन ईवीएम के बारे में जानना बहुत अहम है।
क्या है मार्क थ्री ईवीएम की खासियतें आइए जानते हैं।
चुनाव आयोग के का कहना है कि इस इसके चिप को सिर्फ एक बार प्रोग्राम किया जा सकता है। चिप के सॉफ्टवेयर कोड को पढ़ा नहीं जा सकता और न ही दोबारा लिखा जा सकता है।
चुनाव आयोग के मुताबिक ईवीएम को इंटरनेट या किसी भी नेटवर्क से कंट्रोल नहीं किया जा सकता है।
आयोग का कहना है कि नई ईवीएम मशीन से छेड़छाड़ संभव नहीं है। अगर कोई मशीन या उसका एक स्क्रू भी खोलने की कोशिश करेगा तो ये बंद हो जाएगा।
नई ईवीएम मशीन में 24 बैलेट यूनिट और 384 प्रत्याशियों की जानकारी रखी जा सकती है।