देश के मोस्टवॉन्टेड डॉन, जिनके बारे कहा जाता है कि इन्हें पकड़ना मुमकिन ही नहीं नामुमकिन है। फिलहाल एक पुलिस की गिरफ्त में है। देखिए लिस्ट।
मुंबई के वो 8 'अबु सलेम', जिनके गुनाहों से कांपा भारत
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चालीस के दशक में पेशावर के जरिए करीम लाला ने जब मायानगरी के समंदर में दस्तक दी तब किसी को अंदाजा भी नहीं था कि अफगानिस्तान का ये पठान हिंदुस्तान में उस जरायम की दुनिया की नींव रख देगा जिसके खौफ का साया वर्षों तक लोगों को दहलाता रहेगा। अफगानिस्तान के कुनार प्रांत में जन्मे करीम लाला का पूरा नाम अब्दुल करीम शेर खान था, जो अपने साथ हाजी मस्तान और बरदराजन के साथ मुंबई धंधा करने आया था। लेकिन उस धंधे की शक्ल स्मगलिंग, जुआं, शराब-अय्याशी के अड्डो, हत्या और अपहरण ने ले ली। करीम लाला को देश में माफियाओं का पहला डॉन और पठानों का आखिरी बादशाह कहा जाता है।
अगर आपने फिल्म वन्स अपॉन अ टाइम इन मुंबई देखी है तो अजय देवगन की शक्ल में सुल्तान मिर्जा का किरदार याद होंगा। वो सुल्तान मिर्जा कोई और नहीं, हाजी मस्तान का ही दूसरा नाम है, जिसका असली नाम मस्तान हैदर मिर्जा था। मस्तान हैदर मिर्जा ने अर्से तक मुंबई में फिल्मों में पैसा लगाया और खुद भी फिल्में बनाईं। हाजी मस्तान ने किसी की हत्या तो नहीं की लेकिन स्मलिंग में जरूर हाथ आजमाया। साल 1955 से 1975 तक करीब 20 साल के लिए मस्तान ने अंडरवर्ल्ड से इस्तीफा दे दिया था। आपातकाल लगने के वक्त हाजी भी जेल गया जहां उसने हिंदी सीखी। बाद में सन 1984 तक हाजी मस्तान मुसलमानों का बड़ा नेता बन गया और 1985 में दलित मुस्लिम सुरक्षा महासंघ की नींव रखी। सन 1975 अमिताभ अभिनीत फिल्म दीवार भी मस्तान की जिंदगी पर आधारित थी।
मुंबई की डी कंपनी का सरगना दाऊद इब्राहिम इंटरपोल की लिस्ट में है। इस कुख्यात अपराधी की तलाश भारत को अर्से से है। साल 2011 में फोर्ब्स की लिस्ट में दाऊद को दुनिया के सबसे कुख्यात अपराधियों में तीसरे नंबर पर रखा गया था। साल 1993 में मुंबई में हुए श्रंखलाबद्ध धमाकों में दाऊद का हाथ माना जाता है। अमेरिकी जांच एजेंसियों के मुताबिक दाऊद के संबंध ओसामा बिन लादेन वाले आतंकी संगठन अल कायदा से भी हैं। इसलिए अमेरिका ने दाऊद को साल 2003 में वैश्विक आतंकी घोषित किया और उसकी संपत्ति भी सीज कर दी। दाऊद की पिता इब्राहिम कासकर क्राइम इन्वेस्टिगेशन डिपार्टमेंट में हेड कॉन्सटेबल थे। हाजी मस्तान के संपर्क में आकर दाऊद ने स्मगलिंग शुरू की और अपने भाई शबीर इब्राहिम कास्कर के साथ मिलकर डी-कंपनी की शुरुआत की।
आजमगढ़ के सराय मीर गांव से मुंबई में दाऊद की डी कंपनी तक के सफर में अबू सलेम अब्दुल कय्यूम अंसारी उर्फ अबू सलेम ने कई हत्याओं, जबरन वसूली जैसे न जाने कितने ही अपराधों को अंजाम दिया। उत्तप्रदेश में अबू की दहशत तो थी ही मुंबई में दाऊद की गैंग में शामिल होते ही सलेम की दहशत का डंका और बजने लगा। साल 2002 में अबू सलेम को पुर्तगाल से गिरफ्तार किया गया और उम्रकैद की सजा हुई।