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सबसे बड़ा डर: 'एंटी रोमियो' की आड़ में कहीं ये 5 चीजें तो नहीं हो रहीं ?
विनीता वशिष्ठ
Updated Thu, 23 Mar 2017 03:00 PM IST
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एंटी रोमियो दल
एंटी रोमियो स्क्वायड की घोषणा पर यूपी की पुलिस जितनी उत्साहित है, जनता उतनी ही कंफ्यूज। हर कानून की तरह अगर एंटी रोमियो स्क्वायड का दुरुपयोग हुआ तो बहुत कुछ होगा। बहुतों का फायदा होगा और बहुतों को नुकसान। जो भी हो, एक आम नागरिक का डर यही है कि कहीं एंटी रोमियों की आड़ में ये पांच चीजें हो जाएं।
सबसे बड़ा डर: 'एंटी रोमियो' की आड़ में कहीं ये 5 चीजें न हो जाएं
डेमो पिक
कुंठित पुलिसवालों की कुंठा न निकले
एंटी रोमियो की कमान किसी सीनियर अधिकारी के हाथ में नहीं बल्कि कॉन्सेबलों के हाथ में होगी। ये कॉन्सटेबल सरकारी स्कूलों से पढकर आए हैं। ये पुलिसवाले को-एजुकेशन स्कूलों और कॉलेजों में नहीं पढ़े, ना ही लड़के लड़कियों का साथ इन्होंने देखा है। ये अपनी मानसिकता और कुंठा कहीं इस कानून की आड़ में न निकालने लगे। ये होटलों और पार्टियों में नहीं जाते, लड़कियां इनकी दोस्त कभी नहीं रही और इसी लिहाज से ये लड़के लड़कियों की सहज दोस्तों को शोहदापंती न समझ लें। अगर ऐसा होता है तो यूपी का क्या होगा, कोई नहीं जानता।
कुल मिलाकर कहा जाए कि एंटी रोमियो दल चलाने वाले पुलिसवाले भी उतने ही अपटेड और खुले विचारों के होने चाहिए जितना कि यूपी का जवान होता तबका।
एंटी रोमियो की कमान किसी सीनियर अधिकारी के हाथ में नहीं बल्कि कॉन्सेबलों के हाथ में होगी। ये कॉन्सटेबल सरकारी स्कूलों से पढकर आए हैं। ये पुलिसवाले को-एजुकेशन स्कूलों और कॉलेजों में नहीं पढ़े, ना ही लड़के लड़कियों का साथ इन्होंने देखा है। ये अपनी मानसिकता और कुंठा कहीं इस कानून की आड़ में न निकालने लगे। ये होटलों और पार्टियों में नहीं जाते, लड़कियां इनकी दोस्त कभी नहीं रही और इसी लिहाज से ये लड़के लड़कियों की सहज दोस्तों को शोहदापंती न समझ लें। अगर ऐसा होता है तो यूपी का क्या होगा, कोई नहीं जानता।
कुल मिलाकर कहा जाए कि एंटी रोमियो दल चलाने वाले पुलिसवाले भी उतने ही अपटेड और खुले विचारों के होने चाहिए जितना कि यूपी का जवान होता तबका।
सबसे बड़ा डर: 'एंटी रोमियो' की आड़ में कहीं ये 5 चीजें न हो जाएं
एंटी रोमियो दल
बजरंग दल और हिंदूवाहिनी की मनमानी न शुरू हो जाए
पिछले कुछ सालों में वैलेंटाइन डे पर बजरंग दल और हिंदूवाहिनी कहीं अब एक्टिव न हो जाए। वैलेंटाइन पर बजरंग दल के कार्यकर्ता सड़कों और पार्कों में जिस तरह लड़के लड़कियों पर लाठी चलाते हैं, उन्हें अब हर रोज की आजादी न मिल जाए। 'सैया भये कोतवाल' टाइप का मुहावरा कहीं इस स्कवायड की आड़ में चरितार्थ न हो जाए, बस यही डर है।
पिछले कुछ सालों में वैलेंटाइन डे पर बजरंग दल और हिंदूवाहिनी कहीं अब एक्टिव न हो जाए। वैलेंटाइन पर बजरंग दल के कार्यकर्ता सड़कों और पार्कों में जिस तरह लड़के लड़कियों पर लाठी चलाते हैं, उन्हें अब हर रोज की आजादी न मिल जाए। 'सैया भये कोतवाल' टाइप का मुहावरा कहीं इस स्कवायड की आड़ में चरितार्थ न हो जाए, बस यही डर है।
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सबसे बड़ा डर: 'एंटी रोमियो' की आड़ में कहीं ये 5 चीजें न हो जाएं
एंटी रोमियो दल
पुरानी दुश्मनी न निकालने लगे लोग
एंटी रोमियो की आड़ में काफी हद तक संभव है कि लोग बाग पुरानी दुश्मनी भी निकालने लगे। फलां का बेटा, फलाने का लडकी को छेड़ रहा है, बस फोन घुमा दीजिए, एंटी रोमियो दल लड़के को सरेआम खींच कर बेइज्जत करेगा, डंडे लगाएगा, जेल में डाल देगा। अब भले ही सबूत न मिले, पर इज्जत तो फालूदा हो ही गई न फलाने की। ये डर अब हर किसी के मन में घर कर जाएगा और लोग बाग दुश्मनी निकालने के लिए इस तरह की हरकतें करेंगे।
एंटी रोमियो की आड़ में काफी हद तक संभव है कि लोग बाग पुरानी दुश्मनी भी निकालने लगे। फलां का बेटा, फलाने का लडकी को छेड़ रहा है, बस फोन घुमा दीजिए, एंटी रोमियो दल लड़के को सरेआम खींच कर बेइज्जत करेगा, डंडे लगाएगा, जेल में डाल देगा। अब भले ही सबूत न मिले, पर इज्जत तो फालूदा हो ही गई न फलाने की। ये डर अब हर किसी के मन में घर कर जाएगा और लोग बाग दुश्मनी निकालने के लिए इस तरह की हरकतें करेंगे।
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सबसे बड़ा डर: 'एंटी रोमियो' की आड़ में कहीं ये 5 चीजें न हो जाएं
एंटी रोमियो दल
सरकार कहीं खाप में न बदल जाए
खापों के बारे में सुना करते थे कि लड़कियों मोबाइल लेने और जींस पहनने पर रोक लगी है। तो क्या सरकार भी खाप में तब्दील होती जा रही है। नई सरकार है, बड़े मुददों पर गौर करे, कहीं चाल चलन का भी सर्टिफिटेक जारी करने लगी तो उसे खाप में तब्दील होते देर न लगेगी। इससे लड़के लड़कियों के बीच सहज भाव की दोस्ती पर कितना असर पड़ेगा, पुलिस और सरकार नहीं जानती लेकिन एंटी रोमियो की आड़ में ये कार्रवाई सरकार को खाप न घोषित कर दे।
खापों के बारे में सुना करते थे कि लड़कियों मोबाइल लेने और जींस पहनने पर रोक लगी है। तो क्या सरकार भी खाप में तब्दील होती जा रही है। नई सरकार है, बड़े मुददों पर गौर करे, कहीं चाल चलन का भी सर्टिफिटेक जारी करने लगी तो उसे खाप में तब्दील होते देर न लगेगी। इससे लड़के लड़कियों के बीच सहज भाव की दोस्ती पर कितना असर पड़ेगा, पुलिस और सरकार नहीं जानती लेकिन एंटी रोमियो की आड़ में ये कार्रवाई सरकार को खाप न घोषित कर दे।