देश और दुनिया के लोगों ने बुधवार को सुपर ब्लड मून का नजारा देखा जो पूर्ण चंद्रग्रहण के साथ सामान्य से अधिक चमकीला होने का मिश्रण था। जब चांद आधा हुआ तो यह श्वेत-श्याम कुकी की तरह नजर आया। लोग इस अद्भुत नजारे को देखने के लिए पहले से ही उत्सुक थे। पूर्ण चंद्रगहण जहां लगभग 15 मिनट तक रहा, वहीं समूची खगोलीय घटना पांच घंटे तक चली।
चंद्रगहण : देश दुनिया में लोगों ने देखे सुपर ब्लड मून के नजारे, आप भी देखिए ये शानदार तस्वीरें
कस साल का दूसरा और पहला पूर्ण चंद्रग्रहण था। साथ ही छह साल में पहली बार सुपरमून और चंद्रग्रहण का संयोग बना। यानी आसमान में चांद आम रातों के मुकाबले ज्यादा बड़ा और चमकीला दिखाई दिया। भारत, अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया, ब्राजील और रूस समेत कई देशों में शानदार नजारा देखने को मिला।
ऑस्ट्रेलिया में भी मौसम साफ था, लेकिन दक्षिण अफ्रीका में बारिश और बादलों ने चंद्रग्रहण देखने का इंतजार कर रहे लोगों की उम्मीदों पर पानी फेर दिया। जापान में भी बादल छाए रहने की वजह से लोग इस घटना को नहीं देख पाए। प्रशांत और पूर्वी एशिया के कुछ हिस्सों में यह घटना आधी रात से पहले दिखाई दी तो वहीं हवाई और उत्तरी अमेरिका के पश्चिमी हिस्से में यह सुबह के समय दिखाई दिया।
क्या होता है सुपरमून?
सुपरमून पृथ्वी से दिखाई देने वाला चंद्रमा का एक बड़ा आकार है। दरअसल चंद्रमा की पृथ्वी के चक्कर काटने की कक्षा अंडाकार है। इस वजह से कई बार यह पृथ्वी के काफी पास तक आ जाता है, जिससे हमें उसका आकार सामान्य से बड़ा दिखाई देता है। यदि पूर्णिमा तिथि के दिन ऐसा हो तो इसे सुपरमून के नाम से जाना जाता है।
शाम को 7 बजकर 19 मिनट पर खत्म हुए इस चंद्र ग्रहण को भारत के कुछ हिस्सों में देखा गया। ज्यादातर देशों में चांद बड़े आकार के साथ लाल रंग में दिखाई दिया। इस कारण इसे ब्लडमून या सुपर फ्लावर ब्लडमून भी कहा गया।